पीएम-विद्यालक्ष्मी योजना : कई बार कमजोर परिवार के बच्चे अपने सपने इसलिए पूरे नहीं कर पाते क्योंकि वे उच्च शिक्षा के लिए जरूरी संसाधनों को फीस का इंतजाम नहीं कर पाते । स्कूल जीवन से बच्चे इंजिनियर, डॉक्टर, प्रशासनिक अधिकारी बनने के सपने देखते हैं , लेकिन इन सपनों को धक्का जब पहुंचता है जब अच्छे कॉलेज में दाखिला लेने के लिए आर्थिक दायरा पार करने में मुश्किल होती है । ऐसे युवाओं के लिए मोदी सरकार खुश खबरी लेकर आई है । केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने पीएम विद्या-लक्ष्मी योजना को मंजूरी दे दी है ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में पीएम-विद्यालक्ष्मी योजना को मंजूरी दे दी। इस योजना का उद्देश्य मेधावी विद्यार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है ताकि किसी भी युवा को वित्तीय बाधाओं के कारण उच्च शिक्षा प्राप्त करने में कठिनाई न हो। यह योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 की अनुशंसा का एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें सार्वजनिक एवं निजी दोनों तरह के उच्च शिक्षण संस्थानों में मेधावी छात्रों को वित्तीय सहायता की आवश्यकता पर जोर दिया गया था।
पीएम-विद्यालक्ष्मी योजना की मुख्य विशेषताएं:
- शिक्षा ऋण के लिए गारंटी:
- योजना के तहत 7.5 लाख रुपये तक की ऋण राशि पर भारत सरकार द्वारा 75% क्रेडिट गारंटी प्रदान की जाएगी। इससे बैंक विद्यार्थियों को आसानी से ऋण उपलब्ध करा सकेंगे।
- गिरवी-मुक्त एवं गारंटर-मुक्त ऋण:
- योजना के अंतर्गत विद्यार्थी ट्यूशन फीस और अन्य पाठ्यक्रम से संबंधित खर्चों के लिए बिना किसी गारंटी के शिक्षा ऋण प्राप्त कर सकेंगे।
- ब्याज छूट:
- जिन विद्यार्थियों की पारिवारिक आय 8 लाख रुपये तक है, उन्हें 10 लाख रुपये तक के ऋण पर 3% की ब्याज छूट मिलेगी। यह उन विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है, जो किसी अन्य सरकारी छात्रवृत्ति या ब्याज छूट योजनाओं के पात्र नहीं हैं।
- इसके अतिरिक्त, 4.5 लाख रुपये तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाले छात्रों को पीएम-यूएसपी योजना के तहत 10 लाख रुपये तक के ऋण पर पूर्ण ब्याज छूट दी जाएगी।
- डिजिटल आवेदन प्रक्रिया:
- योजना का संचालन एक सरल, पारदर्शी, एवं पूरी तरह डिजिटल प्रणाली के माध्यम से होगा। इस पोर्टल का नाम “पीएम-विद्यालक्ष्मी” रखा गया है, जिस पर विद्यार्थी सरलीकृत आवेदन प्रक्रिया के माध्यम से ऋण और ब्याज छूट के लिए आवेदन कर सकेंगे।

लाभार्थियों की संख्या और दायरा
जिन विद्यार्थियों का चयन एनआईआरएफ की शीर्ष 100 रैंकिंग में स्थित संस्थानों में होगा, वे भी इस योजना के तहत ऋण के पात्र होंगे। इसके अतिरिक्त, राज्य और केंद्र सरकार द्वारा प्रशासित अन्य प्रतिष्ठित संस्थान भी इस सूची में शामिल होंगे।
यह योजना देश के 860 शीर्ष उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को कवर करेगी। इन संस्थानों की सूची एनआईआरएफ रैंकिंग के आधार पर तय की जाएगी और सालाना अद्यतन की जाएगी। हर वर्ष लगभग 22 लाख विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ प्राप्त होगा।
पीएम-विद्यालक्ष्मी का उद्देश्य और भविष्य में योगदान
यह योजना पिछले एक दशक में शिक्षा और वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में किए गए विभिन्न सरकारी प्रयासों को और अधिक सशक्त बनाएगी। इसके साथ ही यह पीएम-यूएसपी योजना की दो घटक योजनाओं, केंद्रीय क्षेत्र ब्याज सब्सिडी (सीएसआईएस) और शिक्षा ऋण के लिए क्रेडिट गारंटी फंड योजना (सीजीएफएसईएल) का पूरक साबित होगी।
पीएम-विद्यालक्ष्मी योजना एक मिशन मोड वाली योजना है, जिसका उद्देश्य भारतीय युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्राप्त करने का मौका प्रदान करना है। इस योजना से न केवल मेधावी विद्यार्थियों को वित्तीय सहारा मिलेगा, बल्कि यह उनके लिए उच्च शिक्षा की राह को और अधिक सुलभ बनाएगी। योजना का क्रियान्वयन अगर सही तरीके से होता है तो हजारों मध्यम और निम्न मध्यमवर्गीय परिवार के युवाओं के लिए ये योजना एक वरदान साबित हो सकती है ।
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