झाबुआ अनास नदी पर बने बैराज का पानी रातों-रात खाली हो गया । जिससे बैराज में गर्मी के लिए बचा के रखा गया पानी बह गया । पानी बहने से नदी पुरी तरह से खाली हो गई और मछलियां या तो कीचड़ में फंस गई या पोखरों में भरे पानी में पहुंच गई । जैसे ही लोग सबुह बैराज खाली होने की खबर लगी । यहां मछली पकड़ने के लिए तांता लग गया ।
गेल मुक्ति धाम के पीछे बने इस बैराज का गेट रात को अचानक खोल दिया गया । हालांकि गेट किसने खोला इसका पता नहीं है । जलसंसाधन विभाग इससे अनभिज्ञता जता रहा है । विभाग के ईई विपिन पाटीदार ने सूचना मिलने के बाद टीम मौके पर पहुंचाई है, जो मामले की पड़ताल में जुटी है । JHABUA POST से बातचीत में उन्होंने कहा कि पता कर रहे हैं, जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी ।

बैराज का गेट आखिर खोला किसने ।
लेकिन बड़ा सवाल है कि आखिर बैराज के गेट किसने और क्यों खोले । पूरे मामले को आसपास के ग्रामीण चिंतित और गुस्से में है । कुछ लोग सुबह मामले की शिकायत लेकर कोतवाली भी पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने मामले में दखल देने से इनकार कर दिया । ग्रामीणों का कहना है कि पानी खाली होने से काफी परेशानी आएगी । खासकर जानवर पानी यहीं से पीते थे ।
मानसून दूर है ऐसे में मवेशी और ग्रामीणों की दूसरी जरूरतों के लिए पानी की दिक्कत आएगी । ग्रामीणों का आरोप है कि हर साल इसी तरह यहां से पानी बहा दिया जाता है । जिसके पास गेट की चाबी होती है, वो मछली पकड़ने वालों को फायदा पहुंचाने के लिए ये काम करता है । ग्रामीणों के आरोपों की भी विभाग जांच कर कार्रवाई की बात कह रहा है ।
वैसे झाबुआ जिले में इन दिनों पानी बचाने से ज्यादा पानी बहाने के मामले सामने आ रहे हैं । जीर्णोद्धार के नाम पर बहादुर सागर तालाब का पानी बहा दिया गया । और गर्मी के लिए बचाकर रखा गया बैराज का पानी बहा दिया गया । बड़ा अब भी यही है कि पानी क्यों और किसने बहाया ?
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