साज़रंग के कलाकार देंगे संस्कृत नाटक मध्यमव्यायोग की प्रस्तुति ।

natakkkkkभारत में संस्कृत नाटकों की समृद्धशाली परंपरा रही है, लेकिन बदलते समय के साथ-साथ नाटकों से संस्कृत का विलोपन हुआ बल्कि भाषा के तौर पर अब संस्कृत केवल शैक्षिक पाठ्यक्रमों तक सीमित रह गई है । संस्कृत नाटकों को सहजने और लोगों तक पहुंचाने के मकसद से कालिदास संस्कृत अकादमी म.प्र. उज्जैन नाटकों के जरिये ये काम कर रहा है ।

इसी कड़ी में झाबुआ की कलाप्रेमी जनता संस्कृत नाटक के हिंदी रूपातरण का रसपान कर सकेंगे । झाबुआ की सांस्कृतिक और सामाजिक संस्था साज़ रंग  और कालिदास संस्कृत अकादमी उज्जैन एक झाबुआ में संस्कृत नाटक मध्यमव्यायोग के हिंदी रूपातंरण का मंचन करने जा रहे हैं । नाटक का मंचन मुख्यकार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत और कालिदास अकादमी के उपनिर्देशक शशिरंजन अकेला की मौजूदगी में होगा ।

रंगकर्मी और नाटक के मंचन प्रभारी वीरेन्द्र सिंह राठौर ने बताया कि दिनांक 15 फरवरी को शाम 7 बजे उत्कृष्ट विद्यालय प्रांगण पर इस नाटक का मंचन होगा ।  नाटक संस्कृत के महाकवि भास द्वारा रचित मध्यमव्यायोग है, जिसमें महाभारतकालीन घटनाओं का वर्णन है । नाटक का निर्देशन साज़ रंग के रंगकर्मी भरत व्यास ने  किया है । नाटक में झाबुआ के धर्मेन्द्र मालवीय, हिमांक्षी व्यास,शान राठौर,माधव व्यास, दीपिका भूरिया, हर्ष गेरेना आदि कलाकर मंच पर अपने जौहर दिखाएंगे । वहीं उज्जैन से आमंतित्र अतिथि कलाकार भी मंचन में हिस्सा लेंगे । नाटक में लाइट और साउंड का अद्भभुत प्रयोग देखने को मिलेगा । संस्था अध्यक्ष धर्मेन्द्र मालवीय ने अधिक-अधिक संख्या में उपस्थित रहकर इस मंचन को सफल बनाने की अपील की है ।

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