कला के महारथी दे रहे हैं प्रशिक्षण, रंगक्रांति शिविर में प्रतिभागी सीख रहे विभिन्न कलाएं,लड़किया सीख रही तलवारबाजी, लड़के सीख रहे हैं बुंदेलखंड का फाइटिंग डांस.

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साज़ रंग द्वारा आयोजित शिविर में छोटे-बड़े सभी मिलाकर 300 प्रतिभागी हैं ।

झाबुआपोस्ट ।  कला की सरिता इन दिनों नगर में बह रही है , सामाजिक और सांस्कृतिक संस्था साज़ रंग के जरिये । यूं तो संस्था साज़ रंग हर साल रंगशिविर का आयोजन करती है । लेकिन इस बार इसे नया रूप और रंग दिया गया है । बाहर से आए विषय विशेषज्ञ झाबुआ के इन उभरते हुए कलाकारों नई कलाविधाओं से रूबरू करवा रहे हैं ।

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पटना के नंदनसिंह केरल के पारंपरिक युद्धकौशल खेल “कलरी पेट्टू “का प्रशिक्षण देते हुए ।

हम से बहुत कम लोगों ने “कलरी पेट्टू” का नाम सुना होगा । लेकिन शिविर में भाग लेने वाले सभी कलाकार अब इसके बार में जानते हैं । पटना से विशेष तौर पर आए नंदनसिंह ने इन्हें इसका प्रशिक्षँण दिया है । “कलरी पेट्टू”  केरल का पारंपरिक युद्धकौशल नृत्य है । इसे सभी मार्शल आर्टस् की जननी कहा जाता है । नंदनसिंह ने खुद केरल जाकर इसका प्रशिक्षण लिया । नंदनसिंह के मुताबिक “कलरी पेट्टू”  को सीखने के लिए व्यवहारिक और शारीरिक अनुशानस बहुत जरूरी है । केरल की इस पारंपरिक कला के साथ-साथ शिविर में भाग लेने वाली लड़किया तलवारबाजी भी सीख रही हैं और आत्मरक्षा के लिए मार्शल भी ।

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दिल्ली से आए विक्रम मोहन मूक-बधिर बच्चों के साथ ।

vikram mohan_contemparary dance with CWSN hostel0वहीं दिल्ली के विक्रम मोहन शिविर के प्रतिभागियों को एक अलग ही अंदाज में केरल के पारंपरिक युद्ध कौशल से दूर मार्डन डांस सीखा रहे हैं । विक्रम इसके लिए खास बाउल का उपयोग करते हैं । इस बाउल की खासियत ये ही कि इसके आसपास लड़की की स्टिक घुमाने से इसमें कंपन होता है और ध्वनि कंपन को दूर तक सुना जा सकता है । ये ध्वनि डांस सीखने वाले को लगभग सम्मोहित सा कर देती है । विक्रम मोहन दिल्ली के रहने वाले हैं और राष्ट्रीय नाट्य विद्याल में थियटिरिकल मुवमेंट को लेकर प्रशिक्षण देते हैं । विक्रम मोहन के कई स्टूटेंट्स डांस इंडिया, डांस-डांस जैसे रियलिटी शो में अपने जलवा बिखेर चुके हैं ।

harsh doundशिविर में हर्ष दौंड प्रतिभागियों को बुंदलेखंड का स्टिक फाइटिंग डांस सीखा रहे हैं । ये नृत्य बुंदलेखंड का प्रसिद्ध नृत्य है । इसके साथ ही हर्ष दौंड माइम एक्सपर्ट भी है । विकलांग केन्द्र के मूक-बधिर बच्चों के साथ वे इस पर काम करेंगे । हर्ष रंगमंच की दूनिया में कई नामचीन हस्तियों के साथ काम कर चुके हैं । हर्ष दौंड मुबंई में सुभाष घई के स्टूडियो विसलिंग वुड्स में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं  ।  साज़ रंग द्वारा आयोजिक रंगक्रांति शिविर 18 अप्रैल तक चलना है इस बीच कई और एक्सपर्ट इसमें शिरकत करेंगे ।

13 अप्रैल से पूनम अरोरा पॉवर योगा, एरोबिक्स और जुंबा डांस का प्रशिक्षण देंगी । यह प्रशिक्षण विशेष कर गृहिणियों और कामकाजी महिलाएं के लिए होगा । पूनम ने दिल्ली की एमिटी यूनिवर्सिटी से मनोविज्ञान का विशेष अध्ययन किया है । साथ में वे एक डायटिशियन भी हैं । वे संतुलित और सही भोजन के जरिये वेट लॉस एवं स्वास्थ्य परामर्श भी देंगी । पूनम पिछले कई सालों से रंगमंच से जुड़ी हैं । पूनम अरोरा 25 अप्रैल को मंचित होने वाले महानाट्य “जो लड़े दीन के हेत” की कास्ट्यूम भी डिज़ाईन करेंगी ।

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Categories: कला-साहित्य

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