भागवत कथा- तर्क से परिस्थिति को जीता जा सकता है, व्यक्ति को नहीं – स्वामी कृष्णषरण देव

02झाबुआ पोस्ट । अंहकार या मिथ्या ममत्व का नारा ही अनंत सत्ता का आविष्कार है । अपने व्यवहार को मधुर बनाए बिना जीवन नर्क हो जावेगा । अपने शत्रु को हजार अवसर दीजिये कि वह आपका मित्र बन जाये मगर अपने मित्र को एक भी अवसर न दें कि वह आपका षत्रु बने । सादा खाओं, सादा पहनों आफत न सिर पर आऐगी और चार दिन की जिंदगी  आराम से कट जाएगी । प्रेम दिल से करों, जुबान से नहीं और क्रोध जुबान से करों दिल से नही । परिपक्वता का लक्षण बडी बाते कहना नही है बल्कि छोटी बाते समझाना है । तर्क से परिस्थिति को जीता जा सकता है, व्यक्ति को नहीं । जिंदगी  दरिया की तरह है, कुछ लोग इसमें से मोती खोज लाते हे । कुछ मछलिया पकडते है और कुछ केवल गीली टांगे लिये लौट आते है । उक्त सारगर्भित बाते श्री तीर्थेन्द्र नगर स्थित श्री मदभागवत महा कथा में पूज्य स्वामी  डाॅ0 कृष्णषरण देवजी महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कही ।

श्री मदभागवत कथा के तीसरे दिन  श्री मदभागवत कथा के रहस्य को बताते हुए स्वामीजी ने कहा कि  आज का पूरा आनंद उठाईये, क्योकि बीता हुआ कल लौट नही सकता और आने वाले कल का कोइ्र भरोसा नही । भूल करना गलत नही है, दुहराना गलत है । प्रतिकूल समय में हमें खतम करने के लिये नही आता बल्कि हमारी छिपी हुई क्षमताओं को उजागर करने के लिये आता हैै । क्रोध के कारण की अपेक्षा क्रोध  का परिणाम भंयकर होता है । प्रार्थना इस तरह करों मानों सब कुछ प्रभु पर निर्भर हो और कर्म इस तरह करों मानो सब कुछ स्वयं पर निर्भर हो । उन्होने आगे कहा कि भूतकाल अनुभव है, वर्तमान प्रयोगषाला है और भविष्य स्वर्णिम स्वप्न है । अनुभवों का प्रायोगित उपयोग कीजिये ताकि आशाएं साकार हो सकें ।

स्वामी देवजी ने आगे कहा कि जो स्वभाव में सुखी है वह अभाव में भी सुखी रह सकता हे । प्रभू के प्रति अहोभाव व्यक्त करनूे से मानव का आध्यात्मिक उन्नयन होता है । जिसके जीवन में दृढ. विष्वास की प्रतिष्ठा हो गई वह सच्चे अर्थो में सिद्ध हो गया । प्रहलाद जी प्रभु चरणों में दृढ विष्वास के सर्वोत्तम आचार्य है।

05 स्वामीजी ने विभिन्न दृष्टांतों के माध्यम से जीवन रहस्य को बताते हुए मानव मात्र से प्रेम करने का आवहान करते हुए कहा कि शांतचित्त में हमेषा परमात्मा बिराजित रहते है और इस आत्म स्वरूप  परमात्मा को पाने का सरल एवं सर्वोत्तम उपाय कीर्तन ही है । श्री मदभागवत कथा में बडी संख्या में श्रद्धालुजनों का जमावडा हो रहा है । इस अवसर पर जिला भाजपाध्यक्ष शेलेष दुबे, भंडार अध्यक्ष  विजय नायर, भाजपा महामंत्री प्रवीण सुराणा, पार्षद सईदुल्लाखान, नगरपालिका अध्यक्ष धनसिंह बारिया  आदि ने मंच पर जाकर स्वामीजी का पुष्पमालाओं से स्वागत किया । श्री मदभागवत ज्ञान गंगा समिति द्वारा आयोजित  इस पावन कथा में  बुधवार को पूज्य स्वामीजी के मुखारबिन्द से श्री कृष्णजन्मोत्सव  एवं नंद महोत्सव का अभिनव आयोजन होगा ।

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