अमरनाथयात्रा 2 जुलाई से शुरू होगी, और 29 अगस्त को खत्म, यात्रा के पंजीकरण के लिए श्राइन बोर्ड ने जारी किए निर्देश ।

AMAR NATH झाबुआ पोस्ट । अमरनाथजी यात्रा 2015 के लिए तीर्थयात्रियों के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरु की गई है। जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल की अध्यक्षता में श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड ने बैंक के माध्यम से यात्रियों की पंजीकरण के लिए निम्नलिखित प्रक्रिया घोषित की है. इस वर्ष श्री अमरनाथजी यात्रा 2 जुलाई 2015 को बालटाल और पहलगांव के रास्‍ते शुरू होगी और 29 अगस्‍त 2015 को सम्‍पन्‍न होगी।

यात्रियों के लिए पंजीकरण कराना अनिवार्य है।

किसी को भी यात्रा परमिट के बिना यात्रा पर जाने की अनुमति नहीं होगी। संबंधित यात्रा परमिट दिनों और मार्ग के लिए वैध होगा। कोई भी यात्री अपना यात्रा परमिट विभिन्‍न राज्‍यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों में स्थित विभिन्‍न बैंकों की चुनी हुई शाखाओं (जम्‍मू–कश्‍मीर बैंक की 87, पंजाब नेशनल बैंक की 305 और येस बैंक की 38) से प्राप्‍त कर सकता है। पंजीकरण के लिए चुनी गई बैंक शाखाओं के पते श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की वेबसाइटwww.shriamarnathjishrine.com पर उपलब्‍ध हैं। चुनी हुई बैंक शाखाओं के माध्‍यम से 2015 की यात्रा के लिए पंजीकरण पहली मार्च 2015 से शुरू हो चुका है ।

निर्धारित बैंक से पंजीकरण कराने/यात्रा परमिट प्राप्‍त करने के लिए इच्‍छुक यात्री को निर्धारित आवेदन पत्र भरकर देना होगा और अधिकृत डॉक्‍टर/प्रति‍ष्ठित निजी संस्‍थान द्वारा जारी अनिवार्य स्‍वास्‍थ्‍य प्रमाणपत्र जमा कराना होगा।  अनिवार्य स्‍वास्‍थ्‍य प्रमाणपत्र जारी करने के लिए अधिकृत डॉक्‍टरों/प्रतिष्ठित निजी चिकित्‍सा संस्‍थानों की राज्‍यवार सूची श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्‍ध है।   आवेदन पत्र और अनिवार्य स्‍वास्‍थ्‍य प्रमाणपत्र के नमूने भी श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्‍ध हैं।

इस 2015 की यात्रा के लिए 10 फरवरी 2015 के बाद जारी अनिवार्य स्‍वास्‍थ्‍य प्रमाणपत्र ही पंजीकरण के लिए वैध माना जायेगा।

इच्‍छुक यात्री को निर्धारित बैंक के माध्‍यम से पंजीकरण के लिए 50 रूपये का शुल्‍क देना होगा।  हेलीकॉप्‍टर से यात्रा करने वाले यात्री को अलग से यात्रा के लिए पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं होगी।  हेलीकॉप्‍टर से यात्रा करने वाले यात्री को हालांकि हेलीकॉप्‍टर में यात्रा शुरू करने से पहले निर्धारित अनिवार्य स्‍वास्‍थ्‍य प्रमाणपत्र देना होगा। कोई भी यात्री अपनी यात्रा पंजीकरण के अनुसार तय किए गए दिन और मार्ग से शुरू कर सकेगा।

  कोई यात्री जो कि पहले भारतीय नागरिक था, यात्रा के लिए स्‍वयं को पंजीकरण कराने के लिए बोर्ड की वेबसाइट से संबंधित पूरी जानकारी ले सकता है।

 पांच या इसे अधिक यात्रियों का कोई समूह सामूहिक पंजीकरण सुविधा के माध्‍यम से पंजीकरण करा सकता है। सामूहिक पंजीकरण सुविधा के माध्‍यम से पंजीकरण की प्रक्रिया भी श्राइन बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्‍ध है।सामूहिक पंजीकरण सुविधा के माध्यम से पंजीकरण के तरीके की जनाकारी के लिए कृपया बोर्ड की वेबसाइट www.shriamarnathjishrine.com देखें।केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने आगामी अमरनाथजी यात्रा 2015 के लिए मोबाइल/दूरसंचार संपर्कता की भी समीक्षा की है और मंत्रालय की ओर से इस वर्ष बेहतर संपर्कता सुनिश्चित करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। बीएसएनएल भी वीएसएटी क्षमता तैयार करने और बैंडविड्थ बढ़ाने के लिए काम कर रहा है। बीएसएनएल बेस ट्रांससिभर स्टेशनों की संख्या बढ़ाने और तीर्थयात्रियों के रात्रिकालीन ठहराव/मार्ग मैं भीड़-भार से निपटने के उपाय में भी जुटा है।

श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड ने पवित्र गुफा, पंजतरनी, शेषनाग और संगम स्थित शिविरों के पहचान उन शिविरों के रुप में की है जहां यात्रा के संचालन और नियमन के लिए सैटेलाइट फोन और वीएएसएटी संपर्कता महत्वपूर्ण है।श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के दिशानिर्देशों के अनुसार श्री अमरनाथ यात्रा 2015 के यात्रियों के लिए क्‍या करें, क्‍या न करें की सूची निम्‍नलिखित है :

यात्री क्‍या करें

  1. यात्रियों को पर्याप्‍त गर्म कपड़े साथ लेकर जाना चाहिए क्‍योंकि तापमान किसी समय भी अचानक गिरकर पाँच डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच सकता है।
  2. यात्रा क्षेत्र में मौसम का अनुमान नहीं लगाया जा सकता इसलिए यात्रियों के लिए महत्‍वपूर्ण है कि वे छाता, विंडशिटर, बरसाती और वाटर पूफ्र जूते साथ लेकर जायें।
  3. कपड़ों और खाने के सामान को समुचित वाटर पूफ्र थेलियों में रखा जाना चाहिए ताकि वे गीले न हों।
  4. संभावित आपात स्थिति के मद्देनजर प्रत्‍येक यात्री को अपने साथ उसी तिथि को यात्रा शुरू करने वाले किसी अन्‍य यात्री का नाम, पता, मोबाइल फोन नम्‍बर अपनी जेब में रखना चाहिए।
  5. यात्री को अपने साथ अपना पहचान पत्र/चालाक लाइसेंस और यात्रा परमिट साथ रखना जरूरी है।
  6. यात्री सामान ले जा रहे कुलियों, घोड़ों, खच्‍चरों के साथ मिलकर समूह में यात्रा करें।
  7. यह सुनिश्चित करना महत्‍वपूर्ण है कि समूह के सभी सदस्‍य एक दूसरे को दिखाई देते रहें, ताकि कोई यात्री समूह से अलग न हो सके।
  8. वापसी की यात्रा के समय आपको समूह के सभी सदस्‍यों के साथ आधार शिविर को छोड़ना होगा।
  9. आपके समूह का कोई व्‍यक्ति अगर लापता होता है तो तुरंत पुलिस से सहायता लें। इसके अलावा, यात्रा शिविर में सार्वजनिक उदघोषणा प्रणाली के माध्‍यम से घोषणा करवायें।
  10. अपने साथ यात्रा कर रहे साथी यात्रियों की सहायता करें।
  11. समय समय पर यात्रा प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पूरी तरह पालन करें।
  12. पर्यावरण का सम्‍मान करें और ऐसा कुछ न करें जिससे यात्रा क्षेत्र प्रदूषित होता हो।

 यात्री क्‍या न करें

  1. यात्री में चढ़ाई के दौरान महिलायें साड़ी नहीं पहनें। इसके लिए सलवार कमीज, पैंट शर्ट या ट्रेक सूट सुविधाजनक रहता है।
  2. छह सप्‍ताह से अधिक गर्भवती महिलाओं को तीर्थयात्रा करने की अनुमति नहीं होगी।
  3. तेरह वर्ष की आयु से कम बच्‍चे और 75 वर्ष से अधिक आयु के बुर्जुगों को भी यात्रा करने की अनुमति नहीं मिलेगी।
  4. चेतावनी की सूचना वाले स्‍थानों पर नहीं रुकें।
  5. चप्‍पलों का इस्‍तेमाल न करें क्‍योंकि पवित्र गुफा के रास्‍ते पर चढ़़ाई और उतराई है,केवल तसमें वाले ट्रेकिंग जूते पहनें।
  6. रास्‍ते में किसी छोटे मार्ग से जाने की कोशिश न करें क्‍योंकि ऐसा करना खतरनाक होगा।
  7. खाली पेट यात्रा शुरू न करें ऐसा करने से स्‍वास्‍थ्‍य बिगड़ सकता है।
  8. पूरी यात्रा के दौरान ऐसा कुछ न करें जिससे प्रदूषण फैले या यात्रा क्षेत्र के पर्यावरण को नुकसान पहुंचे।
  9. पालिथिन का इस्‍तेमाल न करें क्‍योंकि जम्‍मू कश्‍मीर में यह प्रतिबंधित है और कानून के अनुसार दं‍डनीय है।
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