एक गांव के लोग कानून से हारे, 2 साल से बंजारे ।

This slideshow requires JavaScript.

jhabuapost@gmail.com । आशीष पांडे ।
दो साल से एक गांव के लोग न्याय के लिए भटक रहे हैं, पुलिस में कई दफा आवेदन दिया, जनसुनवाई के दरबार में भी कई बार माथा टेका लेकिन फिर इन लोगों को इनका हक नहीं मिल पाया । जान है तो जहान है । अपनी और अपने बच्चों की सलामती की खातिर पिछले दो साल से एक गांव के करीब 50 से ज्यादा लोग बंजारे की तरह जीने को मजबूर हैं । कभी इस गांव में, कभी उस गांव में । लेकिन जहां इनकी जमीन है घर है वहां नहीं जा सकते । क्योंकि गांव के कुछ लोगों ने इन्हें धमकी दी है कि अगर गांव की ओर रूख किया तो जान से हाथ धो बैठोगे ।  इस गांव का नाम है कालापान ।

दरअसल जमीन विवाद के कारण गांव के ही मंगल, नरसिंह के परिवार के लोग इनके साथ मारपीट की, इनके घर जला दिया,इन्हें धमकी भी दी गई की यदि गांव में आए तो मार डालेंगे,तभी से ये  परिवार अपने बच्चों को लेकर बंजारे की तरह अपना जीवन बीता रहे हैं,कभी यहां तो कभी वहां,इन लोगों का आरोप है कि पुलिस में भी शिकायत की गई । इसके पहले
भी 4 बार आवेदन दे चुके हैं लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई.आज फिर ये लोग पूरे परिवार के साथ एसपी ऑफिस में जनसुनवाई में पहुंचे.जहां एसपी को इन्होंने अपना दुखड़ा सुनाया, एसपी  संजय तिवारी ने इन लोगों जल्द मामले की जांच कर न्याय का भरोसा दिलाया है ।

लेकिन भरोस- आश्वासन की गाड़ी दो साल से खींची चली आ रही है, महिलाओं के साथ-साथ छोटे-छोटे बच्चों को देखिए । बीते दो साल को याद करके इन महिलाओं की आंखे डबडबा आती हैं । सोचिए जरा इन बच्चों के बारे में जो गांव-गांव भटकने के कारण जिले की साक्षरता दर नहीं बढ़ा पा रहे हैं । बड़ा सवाल ये भी है कि शिकायत के बाद अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हो पाई ।

Advertisements


Categories: झाबुआ

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: