तिरंगा बदलने का समय नहीं,जिले की तस्वीर कैसे बदलेंगे ?

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झाबुआपोस्ट ।  झाबुआ का कलेक्टर कार्यालय, कलेक्टर साहब समेत कई विभागों के आला अधिकारी बैठते हैं । दिन भर अधिकारियों-कर्मचारियों की आवाजाही लगी रहती है । लेकिन इस इमारत पर तिरंगे का अपमान किया जा रहा है ।  कलेक्टर कार्यालय पर फहराया जाने वाला तिरंगा पुराना हो चुका है, रंग उतर चुका है लेकिन उसके बाद भी इसे फहराया जा रहा है । राष्ट्रीय ध्वज संहिता के मुताबिक पुराने या रंग उतरे तिरंगे को फहराना तिरंगे का अपमान है । कानूनी मामलों के जानकारों का भी कहना है कि इस तरह के मामलों में सजा का प्रावधान है । वरिष्ठ अभिभाषक नरेन्द्र सिंह सोलंकी के मुताबिक रंगा उतरा या फिर कटा-फटा तिरंगा फहराने पर तीन साल की सजा और जुर्माने दोनों का प्रावधान है । लेकिन झाबुआ की इस इमारत पर लगातार ये तिरंगा फहराया जा रहा है ।

भारतीय तिरंगा तीन रंगों से मिलकर बना है । सबसे ऊपर की पट्टी भारतीय केसरिया रंग होता है, बीच में सफेद और सबसे आखिर में हरा रंग । ध्वज का अनुपात 3:2 का होना चाहिए ।  इसके अलावा भी तिरंगा फहराने को लेकर बहुत से निर्देश राष्ट्रीय ध्वज संहिता में दिए गए हैं ।

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ये कहती है राष्ट्रीय ध्वज संहिता-

  • जब भी झंडा फहराया जाए तो उसे सम्मानपूर्ण स्थान दिया जाए। उसे ऐसी जगह लगाया जाए, जहाँ से वह स्पष्ट रूप से दिखाई दे।
  • सरकारी भवन पर झंडा रविवार और अन्य छुट्‍टियों के दिनों में भी सूर्योदय से सूर्यास्त तक फहराया जाता है, विशेष अवसरों पर इसे रात को भी फहराया जा सकता है।
  • झंडे को सदा स्फूर्ति से फहराया जाए और धीरे-धीरे आदर के साथ उतारा जाए।
  • फहराते और उतारते समय बिगुल बजाया जाता है तो इस बात का ध्यान रखा जाए कि झंडे को बिगुल की आवाज के साथ ही फहराया और उतारा जाए।
  • जब झंडा किसी भवन की खिड़की, बालकनी या अगले हिस्से से आड़ा या तिरछा फहराया जाए तो झंडे को बिगुल की आवाज के साथ ही फहराया और उतारा जाए।
  • झंडे का प्रदर्शन सभा मंच पर किया जाता है तो उसे इस प्रकार फहराया जाएगा कि जब वक्ता का मुँह श्रोताओं की ओर हो तो झंडा उनके दाहिने ओर हो।
  • झंडा किसी अधिकारी की गाड़ी पर लगाया जाए तो उसे सामने की ओर बीचोंबीच या कार के दाईं ओर लगाया जाए।
  • फटा या मैला झंडा नहीं फहराया जाता है। रंग उतरा हुआ तिरंगा फहराना भी असम्मान का सूचक है ।
  • झंडा केवल राष्ट्रीय शोक के अवसर पर ही आधा झुका रहता है।
  • किसी दूसरे झंडे या पताका को राष्ट्रीय झंडे से ऊँचा या ऊपर नहीं लगाया जाएगा, न ही बराबर में रखा जाएगा।
  • झंडे पर कुछ भी लिखा या छपा नहीं होना चाहिए।
  • जब झंडा फट जाए या मैला हो जाए तो उसे एकांत में पूरा नष्ट किया जाए।

 

 

 

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Categories: झाबुआ

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