अपने झाबुआ में फोग नहीं, फेसबुक चल रहा है, आप भी लाइक ठोक दो ।

#झाबुआपोस्ट #jhabuapost। झाबुआ में नगरपालिका की सत्ता बदल गई है । या यूं कहना चाहिए की बदल दी गई है । लेकिन नई नगरपरिषद ने अपनी जीत के लिए जो मेहनत की थी,उसकी थकान से बाहर नहीं आ पा रही है । कहने वाले तो ये भी कहते हैं कि कांग्रेस की परिषद को काम शुरू करने का शुभ मुहूर्त नहीं मिल रहा है । हमारे तो कई परिचित शहर के जाने माने पंडित के पास से कार्यारंभ का शुभ समय भी निकाल लाए हैं । चुनाव जीतने के बाद जब कांग्रेस वालों से पूछा जाता कि अब तो जीत गए काम कब से शुरू करना- जवाब होता था कि अभी तो सम्मेलन भी नहीं हुआ, सम्मेलन हो गया उसके बाद पूछा तो- कहा कि अभी श्राद्ध पक्ष चल रहा है इसके बाद । नवरात्रि में लोगों ने फिर याद दिलाया- जवाब आया कि नवरात्रि के बाद, नवरात्रि के बाद याद दिलाया, तो जवाब आया कि दीपावली के बाद , अब दीपावली भी गुजर गई लेकिन नई परिषद के चुनावी बम, पटाखे सब फूस्स ही निकल रहे हैं ।

दूसरी और सत्ता में रहते जो बीजेपी कभी शहर की समस्याओं को ना जान पाई ना समझ पाई आजकल उनकी नज़रे बड़ी तेज हो गई है, आंखे 155 एमएम के कैमरा लैंस की तरह काम कर रही है  । कहीं कुछ दिखा नहीं कि क्लिक ।  पांच साल में जो कई ऐसे मोहल्ले जहां सड़के नहीं बनवा पाए, उनको अब सड़क के  गड्डों में भी मखमल का पैबंद चाहिए ।

और उसके बाद से जिम्मेदारी शुरू होती है फेसबुक की । दुनिया में चाहे जो चल रहा हो पर झाबुआ में दो राजनैतिक दलों के बीच आजकल फेसबुक खूब चल रहा है ।  बीजेपी फोटो डालती है, कांग्रेस कमेंट करती है, बीजेपी मुंह चिढ़ाती है, कांग्रेस उनका कार्यकाल याद दिलाती है, इस पोस्ट,लाइक और कमेंट के खेल में कोई किसी से कम दिखना नहीं चाहता । बीजेपी कांग्रेस को उनका काम याद दिला रही है, सोशल मीडिया पर सलाह भी मिल रही है कि पांच साल फोटो खींचने के काम आएंगे, फोटो खींच कर डालते जाना, काम होता जाएगा । बीजेपी के वरिष्ठ बीजेपी नेता ने सोशल मीडिया पर नगरपालिका के सामने गंदगी की फोटो डाली, थोड़ी नोक-झोंक के बाद एक सुखद तस्वीर आई कि वहां सफाई करवा दी गई है ।

jal kumbhi

फिर एक तस्वीर आई की बहादुर सागर तालाब जलकुंभी से पटा है ,नगरपालिका उदासीन है । फिर  वहीं पोस्ट,लाइक और कमेंट का खेल शुरू हो गया । कांग्रेस को आईना दिखाने निकली बीजेपी को कांग्रेस के एक युवा नेता ने आईना दिखा दिया । राजगढ़ नाके स्थित नेकी की दीवार के पास बिखरे कपड़ों के फोटो को डालकर । यहां ये तर्क है कि सफाई की जिम्मेदारी नगरपालिका की है ।

सोशल मीडिया के माध्यम से मुद्दों को सामने लाना कोई बुरा काम नहीं हैं, हो सकता है कि इस जागरूकता से शहर में बदलाव होने शुरू हो जाएं और धीरे-धीरे हो भी रहे हैं ।  लेकिन सत्ता में रहते ये #सार्थक_अभियान चलता तो बहुत ही सार्थक होता है । दरअसल राजनीति में दलों और नेताओँ की भूमिका बदलती रहती है, आज जो सत्ताविहीन है वो सत्ता को कोसेंगे, कल सत्ता वाले जब कुर्सी से उतरेंगे तो नए सिरे से कुर्सी पर बैठने वाले को कोसेंगे । ये खेल चलता जाएगा और इसके लिए माध्यम बनेगा अब फेसबुक ।

सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग के लिए खुद कांग्रेस भी जिम्मेदार है,उम्मीद है जल्द कांग्रेस की नींद टूटेगी । क्योंकि कांग्रेस को वोट दो ,  कहने वालों से जनता कह रही है अब आपकी बारी काम कर के दो ।। समझ में आई तो ठीक नहीं तो बाकी तो जो है सो है ही ।।

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