Jhabuapost- रेत के ओवरलोड ट्रक- चुप रहने के पीछे की क्या है मजबूरी !

झाबुआपोस्ट । अंकित जैन ।

झाबुआपोस्ट- झाबुआ में ओवरलोड और बिना रायल्टी के रेत का परिवहन जोरों पर है । जिम्मेदार कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति करते हैं  और मलाई काटते हैं । अलिराजपुर में रेत से भरे ट्रक का पलट गया, हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई । लेकिन हादसों से क्या सचमुच हम सबक लेते हैं । शायद नहीं । झाबुआ में तो देखकर नहीं लगता है कि हादसों से प्रशासन को रत्ती भर भी फर्क पड़ा हो । बल्कि यहां तो नज़र भी वही है नज़ारा भी वही है । बुधवार को झाबुआ शहर में दो रेत से भरे ट्रकों ने रास्ता जाम कर दिया ।

 राजवाड़ा चौक पर रेत से ओवरलोड ट्रक पाईप लाइन के लिए खोदी गई नाली में उतर गया । गनीमत रही की ट्रक पलटा नहीं । काफी देर तक ट्रक को निकालने की कोशिश की जाती रही । जेसीबी और भी दूसरे तरीके इस्तेमाल किए गए लेकिन ट्रक को नाली में से निकालने में सफलता नहीं मिली । आखिरकार ट्रक को खाली किया गया ।

मामले में ट्राफिक पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन चालानी कार्रवाई करने बजाय ट्रक को फटाफट मौके से रवाना करने में ज्यादा रूची दिखाई जाने लगी । ऐसा नहीं की ट्राफिक पुलिस कार्रवाई नहीं करती क्योंकि दिसंबर महीने में ट्राफिक विभाग ने रेत से भरे ट्रक को रोक-रोक के चालान काटे हैं ।  ट्रक कॉलेज मार्ग होते हुए बड़े तालाब के पुल से होकर जहां से भारी वाहनों का प्रवेश निषेध हैं  । उधर  खनिज अधिकारी ने मामले को दिखवाने की बात कही । पर कहने और कार्रवाई करने के बीच सालों का अंतर पिछले कई सालों से चल रहा है ।

एक और ऐसा ही रेत  से भरा ट्रक राजगढ़ नाके चौराहे पर यातायात को प्रभावित करता रहा लेकिन मौन को कहे कौन, और कौन तुड़वाए इस चुप्पी को ।

दरअसल जिले में रेत के दो नबंरी कारोबार में या तो राजनैतिक दलों के लोग जुड़े हैं या फिर राजनैतिक आकाओं का संरक्षण है । इसलिए रेत का अवैध धंधा करने वाला छुटभैय्या भी अपनी पार्टी के गमछों से पुलिस-प्रशासन पर दबाव बनाने में कामयाब हो जाता है ।

प्रशासन की मौन सहमति को इस तरीके से भी समझा सकता है कि अवैध तरीके से शहर के बीच से निकलने वाले ट्रक, झाबुआ पुलिस थाना, झाबुआ ट्राफिक थाना, जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय, कलेक्टर कार्यालय (खनिज विभाग का कार्यालय भी यहीं है ), कलेक्टर निवास, एडीएम निवास, पुलिस अधीक्षक निवास के सामने से होकर बेखौफ गुजरते हैं । मानो कह रहे हों रोक सको तो रोक लो । लोग आखिर समझ नहीं पा रहे हैं कि इस खामोशी के पीछे की वजह क्या है ।

एक और मजेदार बात ये है कि झाबुआ शहर ये रेत के ट्रक इतने बैरिकेट्स पार करके जाते हैं, कोई रोकने वाला नहीं है, उधर पेटलावद में ऐसे ट्रकों पर एसडीएम चालानी कार्रवाई कर देते हैं । हालांकि वहां ये कार्रवाई कुछ एक वाहनों पर ही हो रही है । वहां से भी कई वाहन बेखौफ होकर गुजर रहे हैं । 

खैर उम्मीद करते हैं  कि नियम कानून के दायरों में रेत का परिवहन होगा । क्योंकि रेत के इन ओवरलोड वाहनों ने जिले की कई सड़कों की हालत खराब कर दी है, पिछले दिनों रायपुरिया में धराशायी हुआ पुल तो ताजा गवाह सबके सामने है ही । कई प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़कों की हालत खराब हो गई है, उनका दम फूलने लगा है । ऐसे में इन वाहनों पर लगाम लगाने की सख्त जरूरत है ।

Advertisements

2 thoughts on “Jhabuapost- रेत के ओवरलोड ट्रक- चुप रहने के पीछे की क्या है मजबूरी !

  1. भाई साहब इसी का नाम तो जिंदगी है अगर वह लोडिंग नहीं होगी तो रोड कैसे कैसे खो देगी अगर रोड नहीं खो देगी तो ठेकेदार लोग किस हिसाब से नए काम का पैसा लेंगे और नेताओं को किस हिसाब से कमीशन देकर नया काम शुरू कर आएंगे छोटा सा नमूना देखी लो हाल फिलहाल में ही झाबुआ शहर के अंदर कुछ कई वर्षों बाद नए रोड देखने को मिले और झाबुआ शहर का हृदय स्थल कहा जाने वाला राजवाड़ा चौक पाइप लाइन डालने के लिए खोदा गया अब स्थिति यह है की राजवाड़ा से लेकर जहां-जहां नए रोड को खोदा गया वहां वहां फिर से टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी और नए रोड आने वाले दो 5 साल में बनेंगे बनेंगे भी या नहीं कुछ कहा नहीं जा सकता अगर रोड खोदना ही थे और पाइपलाइन डालना ही थी तो रोड बनने के पहले डाल दी जाती जिससे सरकार को डबल खामियाजा भुगतना नहीं पड़ता और मुझ जैसे एक छोटे से मामूली आदमी को आज आपके पास यह कमेंट नहीं डालना पड़ती यह कमेंट में इसलिए डाल रहा हूं क्योंकि मैं भी एक जागरूक नागरिक हूं क्योंकि मैं भी सरकार को बकायदा टैक्स दे रहा हूं और मेरे टेक्स वाले पैसे का इस प्रकार से गलत उपयोग होते हुए मैं नहीं देख सकता हूं मुझे नाम का डर नहीं है आप मेरा नाम डाल सकते हैं मेरा नाम मयूर पवार है निवासी झाबुआ दिलीप गेट

    Like

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.