महिला की शिकायत पर 10 दिन बाद भी नहीं कोई कार्रवाई , आज से बैठेगी थाने के बाहर धरने पर !

झाबुआ पुलिस रीयल पुलिसिंग की बजाय फेसबुक फ्रेंडली कामों के लिए ज्यादा जानी जाती है, अभियानों के नारे जमीन पर उतरने का नाम नहीं ले रहे हैं, एक तरफ पुलिस जिले में महिला सश्कितकरण अभियान को लेकर पिपौड़ी बजा रही है, लेकिन कमाल की बात ये है कि उसकी आवाज़ जिला मुख्यालय पर स्थित कोतवाली थाना और वहां बैठे पुलिसकर्मियों तक ही नहीं पहुंच पा रही है ।

जिले की एक महिला और उसका परिवार पिछले 10  दिनों से तनाव और अवसाद से गुजर रहा है, लेकिन झाबुआ पुलिस उसके शिकायती आवेदन को कचरे की टोकरी में डाल कर बैठी है ।

6 जुलाई को महिला ने अपने परिवार के साथ शिकायत की थी अनजान नबंर आपत्तिजनक मैसेज आ रहे हैं महिला को परेशान किया जा रहा है । लेकिन झाबुआ पुलिस की गंभीरता देखिए कि 10 दिन बात भी पुलिस ना तो आरोपी का पता लगा पाई है और ना ही उसके मोबाईल नंबर ट्रेस कर पाई ।

इस दौरान पीड़ित महिला अपने परिवार के साथ थाना प्रभारी, एसडीओपी को भी अवगत करा चुकी है, महिला ने दो दफा जिले के पुलिस कप्तान को भी कॉल किया लेकिन महिला सशक्तिकरण का दंभ भरने वाले एसपी ने महिला का कॉल तक रिसीव नहीं किया । पिछले 10 दिनों में महिला और उसका परिवार थाने की चौखट चुमकर न्याय की गुहार लगा रहा है , पुलिस अपनी मस्ती है, जिले में चल रहे महिला सशक्तिकरण अभियान और फेसबुक के लाइक देखकर खुश है कि महिला अपराध थम गए हैं, अब उन्हें कुछ भी करने की जरूरत नहीं ।

धन्नासेठ होते तो अब हो जाती कार्रवाई-

कुछ महीनों पहले नगर एक कपड़ा व्यापारी के लड़के के साथ हुई लूट की घटना के बाद पुलिस ने  2 घंटे की भीतर ही मोबाईल ट्रेस कर लिया था, लेकिन इस मामले में 10 दिन बीत जाने के बाद भी पीड़ित महिला का आवेदन एक- टेबल से दूसरी टेबल घूमाया जा रहा है । पीड़ित परिवार धन्नासेठ की तरह पुलिस से  संबंध नहीं निभा सकता, वरना ये मामला भी 2 घंटे में ट्रेस हो सकता था । पुलिस का कहना है कि वो बड़ी लूट का मामला था इसलिए तेजी दिखानी पड़ी, तो क्या एक महिला के स्वाभिमान और  सम्मान की कीमत झाबुआ पुलिस की नज़रों में कुछ भी नहीं है ।

महिला और परिवार बैठेगा धरने पर

10 दिन बाद भी पुलिस कार्रवाई नहीं होने से नाराज महिला अपने परिवार के साथ थाने पर धरने पर बैठेगी, महिला के मुताबिक बारिश आए या चाहे जो भी हो जाए आरोपी के पकड़े जाने तक वो अपने परिवार के साथ कोतवाली थाने के बाहर धरने पर बैठेगी ।

क्या इंदौर मामले से भी पुलिस नहीं लेगी सबक ?

पिछले दिनों इंदौर में छेड़खानी से परेशान छात्रा के आत्महत्या के मामले से भी झाबुआ पुलिस सबक लेने को तैयार नहीं है । मामले में शिकायत के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी, परेशान छात्रा ने आत्महत्या कर ली थी ।  महिला और उसका परिवार भारी तनाव में है, लेकिन पुलिस आवेदन को गंभीरता से नहीं  ले रही है ।

गृहमंत्री भुपेन्द्र सिंह कह चुके हैं की महिला शिकायत पर कार्रवाई ना करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी, तो क्या गृहमंत्री अपनी बात पर कायम रहते हैं जिले में तैनात अधिकारियों पर कोई कार्रवाई करेंगे ।

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