नंदलाला के दरबार में नंदू भैया !

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सावन मास में गोर्वधननाथ जी की हवेली पर झूले के दर्शन होते हैं , जिसमें खासी भीड़ उमड़ती है । शुक्रवार झाबुआ पहुंचे बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान गोवर्धननाथ जी की हवेली अचानक दर्शन करने पहुंचे । नंदू भैया के साथ झाबुआ विधायक शांतिलाल बिलवाल भी थे, दोनों चल रहे कीर्तन में 15 मिनट तक बैठ और श्रीनाथ जी के कीर्तनों का श्रवण किया । नंदुकमार सिंह चौहान दरअसल शुक्रवार को झाबुआ विधानसभा कार्यकर्ताओं की बैठक के लिए झाबुआ पहुंचे थे, बैठक खत्म होने के बाद जैसे ही उन्हें गोवर्धनाथ जी की हवेली में झूले के दर्शन और कीर्तन के बारे में बताया गया , तुंरत विधायक शांतिलाल बिलावाल और बीजेपी जिलाध्य्क्ष के साथ मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने शांति के साथ झूले के दर्शन भी किए और कीर्तन भी दोहराया ।

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अब गंगा जल मिलेगा बस एक क्लिक में !

0123jhabuapost@gmail.com । आप सोच रहे होंगे ये कैसे संभव है कि एक क्लिक में गंगाजल मिल जाए । तो जनाब सुन लीजिए की ये संभव होने जा रहा है । कम्प्यूटर, मोबाईल से क्लिक करने पर गंगाजल आपके घर के द्वार तक पहुंचेगा । और ये कहना है केन्द्रीय दूर संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद का ।

केन्द्रीय दूर संचार मंत्री की माने तो जल्द ही आप ऑनलाईन गंगाजल के लिए ऑनलाईन आवेदन कर सकेंगे । और डाक विभाग आपके घर तक इसकी डिलवरी करेगा । मोदी सरकार के दो साल की उपलब्धियों को लेकर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में रविशंकर प्रसाद ने ये ऐलान किया है । हालांकि लोगों के मन में ये सवाल जरूर उठ रहा होगा कि समय पर खत ना पहुंचाने के लिए बदनाम डाक विभाग गंगाजल समय पर पहुंचा पाएगा या नहीं है । भारत में गंगाजल करोड़ों की धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है । ऐसे में सरकार इसी आस्था को बिजनेस में बदलने का मन बना रही है ।  इसके अलावा भी दूरसंचार मंत्री डाक विभाग और डाकियों को मार्डन बनाने की कवायद तेज करने की बात भी कही है । मनीआर्डर के लिए अब मिनी एटीएम होंगे । वहीं डाकियों को अब स्मार्ट फोन दिया जाएगा ।

3100 शिवलिंग से बनाया गया भारत का नक्शा । पढ़िए पूरी ख़बर ।

ranoli_shivझाबुआ पोस्ट । सावन माह में नगर में विभिन्न तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं । स्थानीय छोटा तालाब स्थित श्री मनकामेश्वर महादेव मंदिर में धर्म की गंगा बह रहीं है। यहां प्रतिदिन मिट्टी से 3100 शिवलिंग बनाकर अलग-अलग आकृति देकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जा रहीं है।

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर धर्म और राष्ट्रप्रेम की अनुठी तस्वीर देखने को मिली । मिट्टी 3100 शिवलिंग के जरिये भारत नक्शा बनाया गया । इस काम को  मंदिर के पूजारी एवं ज्योतिष पं.विजेन्द्र व्यास, पं. गणेशप्रसाद उपाध्याय एवं अन्य पंडितजनों ने अंजाम दिया ।  जिसे तिरंगे का सुंदर स्वरूप दिया गया। बनाने में लगभग 3 से साढ़े 3 घंटे का समय लगा। पं. व्यास ने बताया कि इनके माध्यम से राष्ट्र प्रेम का संदेश दिया गया। मिट्टी से शिवलिंग बनाकर एवं भारत के नक्शे का रूप दिए जाने के बाद विधिवत् पूजन भी की गई।

18 जुलाई को निकलेगी भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा ।

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काष्ठ प्रतिमाओं को तैयार करता कलाकार ।

झाबुआ पोस्ट ।  ओडिसा के पूरी में आयोजित होने वाली भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा देखेने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं । इस ऐतिहासिक और मनोहारी रथयात्रा की तर्ज पर ही झाबुआ में भी इस  भव्य रथ यात्रा को  निकाला जाएगा । पिछले आठ सालों से नगर में इस रथयात्रा का आयोजन किया जा रहा है । 18 जुलाई शनिवार शाम को 4 बजे भगवान जगन्नाथ जगदीश मंदिर बड़े तालाब से नगर में भ्रमण पर निकलेंगे । रथयात्रा को लेकर तैयारियां अंतिम दौर में चल रही हैं ।  भगवान जगन्नाथ जी, बलभद्र एवं सुभद्राजी की काष्ठ प्रतिमाओं को आकर्षक रथ पर में बिराजित कर इस भव्य रथयात्रा का आयोजन किया जाएगा ।  जगन्नाथ,बलभद्र एवं सुभद्राजी की प्रतिमाओं को आकर्षक तरीके से सजाने काम जोरों पर है ।  जगन्नाथ रथ यात्रा समिति से मिली जानकारी के मुताबिक शाम को 4 पर शुरू होने वाली यात्रा जगदीश मंदिर बहादुर सागर के किनारे से गाजो बाजों और आतिशबाजी के साथ  नगर में निकलेगी । जगदीष मंदिर से रथ यात्रा भोज मार्ग होते हुए चारभुजा मंदिर चैराहे से आजाद चैक होकर बाबेल चोराहे होती हुई थांदला गेट पहूंचेगी, वहां से रूनवाल बाजार, राधाकृष्ण मार्ग से होती हुई राजवाडा चैक से लक्ष्मीबाई मार्ग होकर रोहीदास मार्ग होकर पानी की टंकी से राजवाडा होकर शाम को  7 बजे गणेश- जगदीश मंदिर पर समापन होगा । नगर के हर चोराहों पर पुष्प  वर्षा कर रथयात्रा का स्वागत किया जावेगा  । यात्रा के बाद शाम को भगवान जनग्गनाथ, बलभद्र जी और सुभद्रा जी की महाआरती का आयोजन किया जाएगा । महाआरती के बाद केशरिया भात की महाप्रसादी का वितरण किया जावेगा । जगन्नाथ रथ यात्रा समिति ने नगर एवं अंचल की जनता से इस रथयात्रा में शामिल होकर धर्मलाभ लेने की अपील की है ।

जैन समाज के दो बड़े संतों का होगा आगमन,दो दिन तक बहेगी धर्म की गंगा

photo-05झाबुआ। आगामी 10 एवं 11 मई को सकल जैन श्वेतांबर श्री संघ के दो बड़े संतों का शहर में आगमन हो रहा है। अंर्तराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त आध्यात्मिक योगी, महान तपस्वी, श्रमण संघ के चतुर्थ पट्ठधर आचार्य भगवंत डाॅ. शिवमुनिजी मसा का कालीदेवी की ओर से एवं राष्ट्रीय संत परम् श्रद्धेय गणि श्री राजेन्द्र विजयजी मसा का रानापुर की ओर से झाबुआ शहर में भव्य मंगल प्रवेश होगा।

यह जानकारी देते हुए इंदौर पब्लिक स्कूल के एडवायजरी बोर्ड के सदस्य यशवंत भंडारी ने बताया कि मानव मात्र को ज्ञान, ध्यान और योग से धर्म पथ की ओर निरंतर अग्रसर करने वाले परम् पूज्य आचार्य डाॅ. शिवमुनिजी के साथ परम् सेवाभावी संत युवाचार्य पूज्य महेन्द्रऋषिजी मसा, आचार्यश्री की प्रतिछाया के प्रतीक स्वरूप पूज्य शिरीष मुनिजी मसा के साथ संत मंडल कालीदेवी से विहार करते हुए झाबुआ नगर के बाहर इंदौर-अहमदाबाद हाईवे स्थित इंदौर पब्लिक स्कूल के भवन में प्रवेश करेंगे।

ये होंगे मुख्य कार्यक्रम

श्री भंडारी ने बताया कि पूज्य आचार्य डॉ. शिवमुनिजी 10 मई, रविवार को दोपहर 2 से 4 बजे तक धर्म गोष्ठी में भाग लेगे तथा अगले दिन 11 मई, सोमवार को प्रातः 9 बजे विशाल धर्मसभा को संबोधित करेंगे। धर्मसभा में आपके साथ परम् श्रद्धेय गणि राजेन्द्र विजयजी मसा भी उपस्थित रहेंगे। इसके पश्चात् दोपहर साढ़े 11 बजे से समस्त नमस्कार महामंत्र के आराधक साधर्मी बंधुओं एवं जिले की प्रमुख हस्तियांे को आमंत्रित कर विशाल गौतम प्रसादी (साधर्मी वात्सल्य) का आयोजन भी रखा गया है। आईपीएस के संस्थापक अचल कुमुद चैधरी संपूर्ण कार्यक्रमों के आयोजक है।

समाज सुधारक संत का भी होगा मंगल प्रवेश

जैन श्वेतांबर श्री संघ पेढ़ी श्री ऋषभदेव बावन जिनालय के आयोजन समिति के अध्यक्ष मनोहर मोदी ने बताया कि 10 मई को ही गुजरात के प्रसिद्ध आदिवासी समाज सुधारक, व्यसन मुक्ति के प्रणेता, कुशल वक्ता, प्रभावी लेखक, सुखी परिवार संस्था के संस्थापक राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त गणिवर्य राजेन्द्र विजयजी मसा भी प्रथम बार मप्र की सीमा में प्रवेश करते हुए शहर में पधारेंगे। पूज्य मुनिश्री ने गुजरात प्रांत के कवाट ग्राम में एकलव्य आवासीय विद्यालय एवं बलूद ग्राम में ब्राह्राी सुंदर कन्या छात्रावास तथा सुखी परिवार जीव दया गौशाला जैसे अंर्तराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्थाओं की स्थापना की है। जिसमें प्रतिवर्ष क्षेत्र के हजारों आदिवासी छात्र-छात्राएं अच्छी शिक्षा के साथ अच्छे धार्मिक संस्कार ग्रहण कर रहे है। श्री मोदी ने आगे बताया कि पूज्य मुनिराज ने 5 मई को गुजरात के कवाट ग्राम से पैदल विहार प्रारंभ किया तथा वे 7 मई को खट्टाली ग्राम में प्रवेश करेंगे। 8 मई को जोबट नगर से होते हुए 9 मई को रानापुर नगर में प्रवेश करेंगे। 10 मई को सुबह 9 बजे झाबुआ शहर में उनका आगमन होगा। सभी संतों के मंगल प्रवेश को भव्याति भव्य बनाने हेतु तैयारियां की जा रहीं है।

लब्धी पूर्णिमा पर हुआ पूजा-अर्चना के साथ हवन,कांतिलाल भूरिया भी पहुंचे कार्यक्रम में

nirmalझाबुआपोस्ट । लब्धी पूर्णिमा के अवसर पर झाबुआ के समीप स्थित देवझिरी में भगवान आदिनाथ और मणिभद्रजी के मंदिर पर विधिविधान से पूजा-अर्चना का कार्यक्रम संमपन्न हुआ ।  कार्यक्रम पूर्व केन्द्रीय मंत्री व पूर्व सांसद कांतिलाल भूरिया, सुश्री कलावती भूरिया, आचार्य नामदेव तथा हर्ष भट्ट के अतिरिक्त बडी संख्या में गुजरात तथा महाराष्ट्र तथा मालवा क्षेत्र के श्रद्धालुगण उपस्थित थे।

जैन मंदिर के विस्तारीकरण का निर्माण कार्य जारी रहा जिसमें नवीन जिनालय की मुख्य षिलाओं के पूजन का लाभ पोपटभाई षाह मुम्बई, महेन्द्रभाई मुम्बई, मणिभद्र मंडल मुबंई तथा बाबुलालजी कोठारी तथा निर्मल मेहता, अनोखीलाल मेहता झाबुआ पूजन के लाभार्थी रहें। मंदिर द्वारा चैखट पूजन के लाभार्थी उदयगढ ( जोबट ) के एडव्होकेट यतिन्द्रनारायण षर्मा रहें जिन्होंने सपत्निक पूजन किया।

हवन को चारो चक्रो के आवृत्त में किया गया। प्रथम चक्र मणिभद्र मंडल मुम्बई, द्वितीय चक्र निर्मल मेहता परिवार, राजुभाई दाहोद (गुजरात ) तथा बाबुलाल कोठारी झाबुआ द्वारा लाभ लिया गया। नवकारसी तथा स्वामीवात्सल्य का लाभ आदिनाथ मणिभद्रजी ट्रस्ट देवझिरी द्वारा लिया गया। उक्त जानकारी प्रतिक मेहता अधिवक्ता द्वारा दी गई।

अमरनाथयात्रा 2 जुलाई से शुरू होगी, और 29 अगस्त को खत्म, यात्रा के पंजीकरण के लिए श्राइन बोर्ड ने जारी किए निर्देश ।

AMAR NATH झाबुआ पोस्ट । अमरनाथजी यात्रा 2015 के लिए तीर्थयात्रियों के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरु की गई है। जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल की अध्यक्षता में श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड ने बैंक के माध्यम से यात्रियों की पंजीकरण के लिए निम्नलिखित प्रक्रिया घोषित की है. इस वर्ष श्री अमरनाथजी यात्रा 2 जुलाई 2015 को बालटाल और पहलगांव के रास्‍ते शुरू होगी और 29 अगस्‍त 2015 को सम्‍पन्‍न होगी।

यात्रियों के लिए पंजीकरण कराना अनिवार्य है।

किसी को भी यात्रा परमिट के बिना यात्रा पर जाने की अनुमति नहीं होगी। संबंधित यात्रा परमिट दिनों और मार्ग के लिए वैध होगा। कोई भी यात्री अपना यात्रा परमिट विभिन्‍न राज्‍यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों में स्थित विभिन्‍न बैंकों की चुनी हुई शाखाओं (जम्‍मू–कश्‍मीर बैंक की 87, पंजाब नेशनल बैंक की 305 और येस बैंक की 38) से प्राप्‍त कर सकता है। पंजीकरण के लिए चुनी गई बैंक शाखाओं के पते श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की वेबसाइटwww.shriamarnathjishrine.com पर उपलब्‍ध हैं। चुनी हुई बैंक शाखाओं के माध्‍यम से 2015 की यात्रा के लिए पंजीकरण पहली मार्च 2015 से शुरू हो चुका है ।

निर्धारित बैंक से पंजीकरण कराने/यात्रा परमिट प्राप्‍त करने के लिए इच्‍छुक यात्री को निर्धारित आवेदन पत्र भरकर देना होगा और अधिकृत डॉक्‍टर/प्रति‍ष्ठित निजी संस्‍थान द्वारा जारी अनिवार्य स्‍वास्‍थ्‍य प्रमाणपत्र जमा कराना होगा।  अनिवार्य स्‍वास्‍थ्‍य प्रमाणपत्र जारी करने के लिए अधिकृत डॉक्‍टरों/प्रतिष्ठित निजी चिकित्‍सा संस्‍थानों की राज्‍यवार सूची श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्‍ध है।   आवेदन पत्र और अनिवार्य स्‍वास्‍थ्‍य प्रमाणपत्र के नमूने भी श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्‍ध हैं।

इस 2015 की यात्रा के लिए 10 फरवरी 2015 के बाद जारी अनिवार्य स्‍वास्‍थ्‍य प्रमाणपत्र ही पंजीकरण के लिए वैध माना जायेगा।

इच्‍छुक यात्री को निर्धारित बैंक के माध्‍यम से पंजीकरण के लिए 50 रूपये का शुल्‍क देना होगा।  हेलीकॉप्‍टर से यात्रा करने वाले यात्री को अलग से यात्रा के लिए पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं होगी।  हेलीकॉप्‍टर से यात्रा करने वाले यात्री को हालांकि हेलीकॉप्‍टर में यात्रा शुरू करने से पहले निर्धारित अनिवार्य स्‍वास्‍थ्‍य प्रमाणपत्र देना होगा। कोई भी यात्री अपनी यात्रा पंजीकरण के अनुसार तय किए गए दिन और मार्ग से शुरू कर सकेगा।

  कोई यात्री जो कि पहले भारतीय नागरिक था, यात्रा के लिए स्‍वयं को पंजीकरण कराने के लिए बोर्ड की वेबसाइट से संबंधित पूरी जानकारी ले सकता है।

 पांच या इसे अधिक यात्रियों का कोई समूह सामूहिक पंजीकरण सुविधा के माध्‍यम से पंजीकरण करा सकता है। सामूहिक पंजीकरण सुविधा के माध्‍यम से पंजीकरण की प्रक्रिया भी श्राइन बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्‍ध है।सामूहिक पंजीकरण सुविधा के माध्यम से पंजीकरण के तरीके की जनाकारी के लिए कृपया बोर्ड की वेबसाइट www.shriamarnathjishrine.com देखें।केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने आगामी अमरनाथजी यात्रा 2015 के लिए मोबाइल/दूरसंचार संपर्कता की भी समीक्षा की है और मंत्रालय की ओर से इस वर्ष बेहतर संपर्कता सुनिश्चित करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। बीएसएनएल भी वीएसएटी क्षमता तैयार करने और बैंडविड्थ बढ़ाने के लिए काम कर रहा है। बीएसएनएल बेस ट्रांससिभर स्टेशनों की संख्या बढ़ाने और तीर्थयात्रियों के रात्रिकालीन ठहराव/मार्ग मैं भीड़-भार से निपटने के उपाय में भी जुटा है।

श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड ने पवित्र गुफा, पंजतरनी, शेषनाग और संगम स्थित शिविरों के पहचान उन शिविरों के रुप में की है जहां यात्रा के संचालन और नियमन के लिए सैटेलाइट फोन और वीएएसएटी संपर्कता महत्वपूर्ण है।श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के दिशानिर्देशों के अनुसार श्री अमरनाथ यात्रा 2015 के यात्रियों के लिए क्‍या करें, क्‍या न करें की सूची निम्‍नलिखित है :

यात्री क्‍या करें

  1. यात्रियों को पर्याप्‍त गर्म कपड़े साथ लेकर जाना चाहिए क्‍योंकि तापमान किसी समय भी अचानक गिरकर पाँच डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच सकता है।
  2. यात्रा क्षेत्र में मौसम का अनुमान नहीं लगाया जा सकता इसलिए यात्रियों के लिए महत्‍वपूर्ण है कि वे छाता, विंडशिटर, बरसाती और वाटर पूफ्र जूते साथ लेकर जायें।
  3. कपड़ों और खाने के सामान को समुचित वाटर पूफ्र थेलियों में रखा जाना चाहिए ताकि वे गीले न हों।
  4. संभावित आपात स्थिति के मद्देनजर प्रत्‍येक यात्री को अपने साथ उसी तिथि को यात्रा शुरू करने वाले किसी अन्‍य यात्री का नाम, पता, मोबाइल फोन नम्‍बर अपनी जेब में रखना चाहिए।
  5. यात्री को अपने साथ अपना पहचान पत्र/चालाक लाइसेंस और यात्रा परमिट साथ रखना जरूरी है।
  6. यात्री सामान ले जा रहे कुलियों, घोड़ों, खच्‍चरों के साथ मिलकर समूह में यात्रा करें।
  7. यह सुनिश्चित करना महत्‍वपूर्ण है कि समूह के सभी सदस्‍य एक दूसरे को दिखाई देते रहें, ताकि कोई यात्री समूह से अलग न हो सके।
  8. वापसी की यात्रा के समय आपको समूह के सभी सदस्‍यों के साथ आधार शिविर को छोड़ना होगा।
  9. आपके समूह का कोई व्‍यक्ति अगर लापता होता है तो तुरंत पुलिस से सहायता लें। इसके अलावा, यात्रा शिविर में सार्वजनिक उदघोषणा प्रणाली के माध्‍यम से घोषणा करवायें।
  10. अपने साथ यात्रा कर रहे साथी यात्रियों की सहायता करें।
  11. समय समय पर यात्रा प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पूरी तरह पालन करें।
  12. पर्यावरण का सम्‍मान करें और ऐसा कुछ न करें जिससे यात्रा क्षेत्र प्रदूषित होता हो।

 यात्री क्‍या न करें

  1. यात्री में चढ़ाई के दौरान महिलायें साड़ी नहीं पहनें। इसके लिए सलवार कमीज, पैंट शर्ट या ट्रेक सूट सुविधाजनक रहता है।
  2. छह सप्‍ताह से अधिक गर्भवती महिलाओं को तीर्थयात्रा करने की अनुमति नहीं होगी।
  3. तेरह वर्ष की आयु से कम बच्‍चे और 75 वर्ष से अधिक आयु के बुर्जुगों को भी यात्रा करने की अनुमति नहीं मिलेगी।
  4. चेतावनी की सूचना वाले स्‍थानों पर नहीं रुकें।
  5. चप्‍पलों का इस्‍तेमाल न करें क्‍योंकि पवित्र गुफा के रास्‍ते पर चढ़़ाई और उतराई है,केवल तसमें वाले ट्रेकिंग जूते पहनें।
  6. रास्‍ते में किसी छोटे मार्ग से जाने की कोशिश न करें क्‍योंकि ऐसा करना खतरनाक होगा।
  7. खाली पेट यात्रा शुरू न करें ऐसा करने से स्‍वास्‍थ्‍य बिगड़ सकता है।
  8. पूरी यात्रा के दौरान ऐसा कुछ न करें जिससे प्रदूषण फैले या यात्रा क्षेत्र के पर्यावरण को नुकसान पहुंचे।
  9. पालिथिन का इस्‍तेमाल न करें क्‍योंकि जम्‍मू कश्‍मीर में यह प्रतिबंधित है और कानून के अनुसार दं‍डनीय है।