झाबुआ जिले के एक माध्यमिक स्कूल के शिक्षक पर नाबालिग छात्रा के शारीरिक शोषण का आरोप लगा है । झाबुआ के बावड़ी बड़ी में पदस्थ शिक्षक भारत सिंह भूरिया को ग्रामीणों ने पिटोल की एक होटल से पकड़कर पुलिस के हवाले सौंपा । शिक्षक के साथ 9 वीं कक्षा की छात्रा भी थी । परिजनों का आरोप है कि टीचर ने बहला-फुसलाकर छात्रा का शारीरिक शोषण किया है ।
परिजन की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को अपने साथ ले गई । वहीं रात को छात्रा को बयान और मेडिकल के लिए झाबुआ कोतवाली थाने पर लाया गया । परिजन शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं । होटल से शिक्षक को पकड़ने के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी शिक्षक की धुनाई भी कर दी ।
पहले भी आरोपी शिक्षक कर चुका है ऐसी हरकत ।
ग्रामीणों के मुताबिक 2018 में शिक्षक ने ऐसे ही हरकत एक और नाबालिग स्कूली छात्रा के साथ की थी । तब शिक्षक की शिकायत की गई थी । तब शिक्षक निलंबन की बात भी सामने आ रही है । सूत्रों के मुताबिक तब लड़की को शिक्षक अपनी दूसरी पत्नी बना कर अपने साथ रख लिया था । और मामला रफा दफा हो गया ।
ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षक की हरकत अब भी जारी है , नाबालिग छात्रा को बहल-फुसलाकर अपने साथ पिटोल के होटल में ले गया जहां से ग्रामीणों ने आरोपी शिक्षक और छात्रा को साथ में पकड़ा ।
मामले में आरोपी शिक्षक और होटल स्टॉफ की मिलीभगत का आरोप भी ग्रामीण लगा रह हैं । ग्रामीणों के मुताबिक जब उन्होंने होटल से शिक्षक को पकड़ा तो होटल के रजिस्टर में उसकी इंट्री नहीं थी । जबकि नियमानुसार होटल में रूकने वालों की इंट्री और दस्तावेज जमा करने होते हैं । ग्रामीणों का आरोप है कि उनके हंगामे के बाद होटल स्टॉफ ने उनका नाम रजिस्टर में चढ़ाया ।
बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ का नारा दिया जाता है । लेकिन बेटियां ऐसे हवसी शिक्षकों की नज़रों से महफूज नहीं है । दूसरी सवाल आदिवासी विकास विभाग पर उठ रहे हैं कि जब पूर्व में शिक्षक के ऊपर आरोप लग चुके हैं, और विभाग ने निलंबन की कार्रवाई की थी । तो ऐसे में शिक्षक के ऊपर विशेष नजर रखने की जरूरत थी । ग्रामीणों के मुताबिक शिक्षक भारत भूरिया को लेकर हमेशा से संदेह था । शुक्रवार को नजर रखकर उसे होटल में छात्रा के साथ पकड़़ा । फिलहाल पुलिस आरोपी और छात्रा दोनों से पूछताछ कर रही है । वहीं आरोपी की शिकायत पर मामले की जांच कर रही है ।
झाबुआ में होटल में आने-जाने वालों का ब्यौरा नहीं रखते संचालक, पुलिस भी नहीं करती चैकिंग ।

झाबुआ जिले में अलग होटल है लेकिन कुछ होटल की गतिविधियां संदिग्ध रहती है । कई होटल कमरों का उपयोग लोग बिना नाम पता बताए उपयोग करते हैं । होटल संचालक भी ना तो इनका ब्योरा रखते हैं और ना ही दस्तावेज । पुलिस अगर समय-समय पर होटल और होटल रजिस्टर और वहां आने-जाने वालों की जानकारी ले तो इस तरह के मामलों में कमी आ सकती है । लेकिन पुलिस होटल की जांच और पंजी का निरीक्षण नहीं करती जिससे इस तरह के मामले सामने आते हैं ।
जबकि होटल में ठहरने वाले का ब्यौरा और पहचान पत्र रखना जरूरी होता है लेकिन इसका पालन नहीं किया जाता । वहीं पुलिस भी समय-समय पर होटल ,गेस्ट रूम की चैकिंग करें तो इसमें सुधार आ सकता है ।
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