राम मंदिर की जमीन राम के नाम हो, ग्रामीण पहुंचे झाबुआ,मंदिर कृषि भूमि से अवैध कब्जा हटाने की मांग

राम मंदिर कषि भूमि से आय, पर नहीं होता कोई काम ।

झाबुआ जिले की पेटलावद जनपद के बड़ी देहंडी गांव के ग्रामीण पूजारी विवाद को लेकर झाबुआ में कलेक्टर से मिलने पहुंचे । ग्रामीणों की शिकायत है कि गांव के राम मंदिर की कृषि भूमि पर पूर्व पूजारी और उसके दो बेटों ने अवैध रूप कब्जा किया हुआ ।  ग्रामीणों का आरोप है कि मंदिर का पूर्व पूजारी शंभूदास बैरागी मंदिर की कृषि भूमि को निजी बताकर कब्जा जमाए हुए हैं । जमीन को लेकर विवाद करता है । शंभूदास बैरागी के बाद गांव में राम मंदिर पूजा-अर्चना और देखभाल का काम रमेश बेैरागी करते थे । दुर्घटना की वजह से वे पूजा नहीं कर पा रहे हैं । गांव के लोग अब अन्य व्यक्ति से पूजा करवा रहे हैं ।

ग्रामीणों ने इसके पहले पेटलावद में शिकायत की थी । इसी को लेकर शुक्रवार को झाबुआ कलेक्टर से मिलने पहुंचे । कलेक्टर से मुलाकात नहीं पाई, ग्रामीणों एडीएण एस.एस मुजाल्दा को ज्ञापन सौंपा । और पूजारी बदलकर नए पूजारी की नियुक्ति और पूर्व पूजारी के कब्जे से मंदिर की कृषि छुड़ाने की गुहार लगाई है ।

 

ग्रामीणों का आरोप है कि मंदिर की कृषि भूमि से होने वाली आय से मंदिर में कोई कार्य नहीं करवाया जाता । रंगाई-पुताई और मरम्मत के अभाव में मंदिर जर्जर होता जा रहा है । ग्रामीण चाहते हैं कि राम मंदिर की कृषि भूमि राम के नाम पर ही हो, हर साल इसको लीज पर देकर उससे होने वाली आय को मंदिर व्यवस्थापन में खर्च किया जाए ।

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राम मंदिर की जमीन राम के नाम हो