दीपक चौरसिया का लाइव डिबेट शो किस्सा कुर्सी का आज झाबुआ में, इंडिया न्यूज़ पर होगा सीधा प्रसारण ।

झाबुआ पोस्ट ।  इंडिया न्यूज के खास कार्यक्रम किस्सा कुर्सी का सीधा प्रसारण आज झाबुआ से होगा, शो को होस्ट देश के जाने-माने पत्रकार दीपक चौरसिया करेंगे । शो का सीधा प्रसारण इंडिया न्यूज पर रात 8.55 से होगा । स्थानीय राजवाड़ा चौक पैलेस गार्डन पर आयोजित इस  कार्यक्रम में राजनैतिक दलों के अलावा आम जनता भी शो में अपनी भागीदारी निभाते  हुए सवाल पूछेगी । जनता के सवालों पर राजनैतिक दलों से जुड़े नेता जवाब देंगे ।  चुनाव मौसम  राजनैतिक दल अपनी तैयारियों में लगे हैं, सभी के अपने दावे हैं, अपने सपने हैं । उधर जनता भी सवालों के साथ तैयार खड़ी है । उम्मीदों और वादों पर कौन कितना खरा उतरेगा ये तो जनता ही तय करेगी । इंडिया न्यूज के संवाददाता आलोक कुमार द्विवेदी ने अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील झाबुआ शहरवासियों से की है ।

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Political Post- थांदला में परचा करेगा कमाल ,क्या झाबुआ में फिर से रण में उतरेगा शांतिलाल ?

 

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Political Post @आलोक कुमार द्विवेदी

 थांदला में परचा करेगा कमाल ,झाबुआ से रण में फिर से उतरेगा शांतिलाल ?

मुख्यमंत्री की जन आर्शीवाद यात्रा हो गई, टिकिट के दावेदारों ने अपना अपना दम भी दिखा दिया, टिकिट किस को मिलेगा यह अगल बात है,  किसी ने रथ के पर चढ़ कर दम दिखाया तो किसी ने बिना मुख्यमंत्री के रथ के अंदर चढ़ कर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से आर्शीवाद लेते हुए तस्वीर खिंचा कर ही दम दिखा दिया । चौथी बार बीजेपी की चुनावी वैतरणी पार लगाने के लिए  जनआशीर्वाद यात्रा लेकर निकले मुख्यमंत्री ने भी सब के सिर पर हाथ रख कर सबका साथ, सबका विकास का संदेश दे दिया ।

शांतिलाल का रथ पर चढ़ना और गोविन्द का आर्शीवाद लेना !

मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए  झाबुआ की सीमा पर  प्रभारी मंत्री विष्वास सारंग के साथ भाजपा जिला अध्यक्ष मनोहर सेठिया , समाजसेवी ब्रजेन्द्र चुन्नु शर्मा आदिवासी संगीत पर थिरकते रहे ।  मुख्यमंत्री जैसे ही झाबुआ विधानसभा की सीमा में प्रवेश किया,मुख्यमंत्री ने जिस तरह से शांतिलाल बिलवाल को पुकारा और गले लगाया  । राजनीति में हाव-भाव और शारीरिक भाषा भी बहुत कुछ तय करती है, मुख्यमंत्री और मौजूदा विधायक शांतिलाल बिलवाल के बीच जैसा ज़स्चर बना उससे तो  टिकिट के कई दावेदार को यह तो लगने लगा है कि शांतिलाल भाजपा के टिकिट से एक बार फिर चुनावी रण मे उतर सकते है । वैसे भानू भूरिया,गोविन्द अजनार भी रथ के अंदर तक प्रवेश करने में सफल रहे, वहीं भानू भूरिया द्वारा जब मुख्यमंत्री का स्वागत किया जा रहा था तब मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा की भानू टिकीट किसी को भी मिले हम को कमल को ही जीताना है मतलब कही न कही भानू भी टिकीट की दौड़ में शांतिलाल के पीछे ही है , लेकिन सीएम की पहली पसंद शांतिलाल बिलवाल को ही माना जा रहा है ।

थांदला में भीड़ के चार दावेदार, मुख्यमंत्री को भाजपाई सूत्रो ने सौंपी रिपोर्ट ।

थांदला में भीड़ को लेकर भले ही वर्तमान विधायक ने अपने चश्मे से मुख्यमंत्री केा यह बताने की कोशिश कि पूरी महफिल उन्होंने सजाई है, लेकिन जनआशीर्वाद के बाद भाजपा और इंटिलिजेंस की जो खुफिया रिपोर्ट सीएम शिवराज तक पहुंची है उसमे यह साफ हो चुका है भीड़ के असली कर्णधारों को जान बूझ कर मंच और माईक से दूर रखा गया है । खास तौर पर संघ से भेजे गये पूर्व जिला कार्यवाह रूस्तम चरपोटा को ।  क्योंकि थांदला की सडक़ों पर जो भगवा ध्वज लिये भीड का सैलाब था वह रूस्तम चरपोटा के लिए, तो ग्रामीण अंचल की भीड के कर्णधार थे दिलिप कटारा और राजू डामोर । लेकिन मौजूदा विधायक श्रेय लेने मे आगे हैं, हालांकि भाजपा के अंदरूनी लोगों ने भी यही रिपोर्ट सौंपी की रात 2.30 बजे तक जो जनता जनार्दन उनके लिए मौजूद थी, उसके लिए एक नहीं चार दावेदार थे । कलसिंह भले अपनी ढपली अपना राग अलाप रहे हों लेकिन रात के ढाई बजे जो जनसमर्थन स्वर थांदला में गूंज रहा था, उसके हकदार रूस्तम चरपोटा, दिलिप कटारा और राजू डामारे भी थे ।

जब सीएम की जन-आशीर्वाद की हो रही थी चर्चा, तब कलसिंह को लेकर बाहर आया एक पर्चा !

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मुख्यमंत्री की जन आर्शीवाद यात्रा के साथ ही कलसिह के विरोध का पर्चा भी धूम मचा गया । मेघनगर से लेकर थांदला तक कलसिंह के विरोध में जो पर्चे बांटे गये उस पर साफ तौर पर लिखा गया है कि यदि भाजपा ने इस बार टिकिट नही बदला तो हमें भाजपा के बजाय कोई और विकल्प तलाशना होगा । मतलब साफ है कि 2013 के चुनाव में जो खेल कलसिंह ने खेला अब उनके विरोधी भी उसी तर्ज पर नवंबर में होने वाले चुनावी मुकाबले की पिच तैयार करने में जुटे हैं ।  थांदला में एक बार फिर निर्दलीय प्रत्याशी के चुनाव लड़ने की आहट सुनाई देने लगी है । भाजपा बचाओ समिति द्वारा जारी परचे में लिखा गया है कि वर्तमान विधायक कभी निर्दलीय खड़े होकर तो कभी जयस के साथ मिल कर पार्टी के विरेाध में प्रचार कर रहे हैं ।  ऐसे व्यक्ति से पार्टी को हम सब को सावधान रहना है। अगर भाजपा फिर भी कार्यकर्ताओं की भावनाओं को दर किनार कर विधानसभा में इन्हीं को टिकिट देती है तो थांदला में कार्यकर्ता किसी अन्य दल से निर्दलीय को ,खड़ा करने के लिए मजबूर होंगे ।  सीएम की  यात्रा ठीक पहले जो  बगावती पर्चा थांदला में आया है वो भाजपा के लिए  खतरे की घंटी है । लेकिन सत्ता के मद में डूबी भाजपा क्या विधानसभा चुनाव के टिकिट वितरण में कार्यकर्ता की सुनेगी, क्या भाजपा थांदला में बंटे पर्च को गंभीरता से लेगी ।  लेकिन जिस तरह कलसिंह को लेकर विरोधियों का गठजोड़ हो चुका है, उससे साफ है कि कार्यकर्ताओं के दिल की अगर नहीं सुनी तो तो थांदला एक बार बगावती बिगल फूंका जाएगा  और 2013 का इतिहास खुद को एक बाहर दोहराएगा ।

Exclucsive Post – मौत का लाइव वीडियो, ये पागलपन अच्छा नहीं !

Exclucsive Post @दशरथ सिंह कट्ठा

मौत का लाइव वीडियो, ये पागलपन अच्छा नहीं !

युवा आखिर किस ओर जा  रहा है,  जी हां मेघनगर के युवक की मौत का लाईव वीडियो जारी हुआ है । वह यही सोचने को मजबूर कर रहा । परिवार की चिंता छोड युवा लाईव सुसाईड का वीडीयो बना रहे और आखिर यह सब हमें किस ओर ले जा रहा है । ऐसा ही मामला सामने आया है मेघनगर  के एक युवा का जिसने अपने परिवार की चिंता छोड मौत को गले लगा लिया। कारण चाहे कुछ भी हो लेकिन झाबुआ पोस्ट युवाओ से अपील करता है कि परिवार की चिंता करें और इस प्रकार का कदम नही उठाये की हमेशा के लिए परिवार से बिछडं जाये। और परिवार गम में डूबा रहे । इस खबर को दिखाने का मकसद भी झाबुआ पोस्ट का यही है कि जिन्दगी अनमोल है परिवार को आपकी आवश्यकता है, अवसाद कम ज्यादा हो सकते हैं, लेकिन संघर्षों  से लड़कर आगे बढ़ने वाला ही मंजिल पाता है ।

 

सीएम सारथी,टॉरगेट 2018 तो कौन बनेगा अर्जुन ।

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सीएम सारथी तो कौन बनेगा अर्जुन@आलोक कुमार द्विवेदी 

मिशन 2018 को फतह करने के लिए मुख्यमंत्री कल झाबुआ जिले में जन आर्शीवाद यात्रा को लेकर आ रहे हैं । बन गांव से झाबुआ में मुख्यमंत्री का रथ झाबुआ जिले मे प्रवेश करेगा । मुख्यमंत्री के  इस रथ पर चढ़ने के लिए भाजपा में महाभारत मचा हुआ है । 2018 की विधानसभा में जाने के लिए आतुर हर भाजपाई प्रदेश के जननायक मुख्यमंत्री के रथ पर सवार होना चाहता है । और इसके लिए अंदर ही अंदर भाजपा में महाभारत मचा हुआ है।

शांतिलाल , पर्वत , गोविन्द, या भानू कौन चढ़ेगा रथ पर ।

झाबुआ विधानसभा से जहां वर्तमान विधायक शांतिलाल बिलवाल रथ पर पूरे विधानसभा में रहना चाहते है , तो वहीं राणापुर से टिकिट की आस लगाये हुए गोविन्द अजनार चाहते हैं कि राणापुर में रथ पर मुख्यमंत्री के साथ गोविन्द या सुनिता दोनों में से कोई एक रहे । वही युवार्मोचा के जिला अध्यक्ष भानू भूरिया भी मुख्यमंत्री के साथ रथ पर चढ़ने की आस लगाये हुए है । मुख्यमंत्री की इस यात्रा में अपनी ताकत और चेहरा दिखाने के लिए भी पोस्टर वार भी शुरू हो चुका है । बताते है कि राणापुर नगर को गोविन्द अजनार है पोस्टर बैनर से पाट दिया है । वही अंदर खाने की खबर पर यकीन करे तो विधायक शांतिलाल बिलवाल ने भी इस बार अपनी पूरी ताकत झौंक दी है । झाबुआ में इस बार पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष रहे पर्वत मकवाना भी फिर से फार्म में नज़र आ रहे यही कारण है कि पर्वत के पोस्टर भी दमदारी के साथ झाबुआ में गुजरने वाली जन आर्शीवाद यात्रा के रास्तों पर दिखाई दे रहे है।

थांदला के निर्दलीय के साथ भाजपायों का रण 

थांदला में पार्टी से बागवत कर संघ शक्ति से विधायक बने कलसिंह भाभर भी मुख्यमंत्री के रथ पर सवार होने के लिए उत्साहित हैं । तो चुनावी समर के लिए ताल ठोंक चुके दिलीप कटारा और वर्तमान में संघ से मुक्त किये गये रूसमाल चरपोटा भी सारथी मामा के रथ पर सवार होना चाहते हैं । सूत्रों की माने यात्रा के दौरान रूसमाल  अधिकृत रूप से भाजपा की सदस्यता लेते हुए मुख्यमंत्री के रथ पर सवार होने की कोशिश करेंगे । वही अगर मुख्यमंत्री ने अपने रथ पर निर्दलीय से भाजापाई बने कलसिह भाभर को रथ पर सवार किया तो 2018 में कांग्रेस से ज्यादा फजीहत भाजपा में नजर आयेगी । क्योंकि कलसिह के रथ पर चढ़ते ही यह भी साफ हो जायेगा की भाजपा एक बार फिर से कलसिह पर ही दाव लगायगी ।  और ऐसे हालातों में कलसिह के खिलाफ बना महागठबंधन अभी से ही भाजपा की जड़ को मठ्ठा डाल कर कम से कम 2018 में थांदला से तो कमल को मुरझा ही देगा ।

पेटलावद में डामोर और निर्मला 

मुख्यमंत्री की इस यात्रा में सबसे ज्यादा मश्शक्कत पेटलावद में है ।  पेटलावद के बहुत कम हिस्से से यात्रा गुजरेगी, लेकिन जहां से यात्रा गुजर रही है उस पर पेटलावद की वर्तमान विधायक निर्मला भूरिया और विधायक बनने की उम्मीद रखने वाले जे एस डामोर के बीच भी रथ की सवारी को लेकर आतूर हैं । मौजूदा विधायक  के नाते निर्मला का रथ पर सवार होना तय है, ऐसे मे यदि मुख्यमंत्री ने जी एस डामेार और निर्मला दोनो को रथ पर जगह दे दी तो यह साफ हो जायेगा की टिकिट वितरण में डमोर साहब का दम जरूर दिखाई देगा।  पेटलावद के जिस क्षेत्र में मुख्यमंत्री की यात्रा आ रही है उस क्षेत्र को जे एस डामोर और उनके समर्थकों ने पोस्टर बैनर से पाट दिया है तो निर्मला के एक्के दुक्के पेास्टर निर्मला समर्थकों को हतो-उत्साहित कर रहे है ।

तीनों विधानसभा  का गणित बैठाए तो जो तस्वीर बनकर उभरती हुई दिख रही है,  वह भाजपा की सेहत के लिए चुनावी चौमासे के लिए ठीक नहीं है । क्योंकि जिस प्रकार से पोस्टर वार चल रहा है और खास तौर पर थांदला में विरोध को लेकर महागठबंधन बना है, वह मुख्यमंत्री की जन आर्शीवाद यात्रा के बाद और ज्यादा मजबूत होगा ।  हालांकि अब तक की यात्रा को देखें तो बीजेपी के मौजूदा विधायक ही सारथी मामा के साथ अर्जुन बने हुए दिखाई दे रहे हैं, मिशन 2018 का ख्वाब आंखों में लिए दावेदार रथ के नीचे से ही मामा की जय-जयकार कर रहे हैं  । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जनआशीर्वाद यात्रा झाबुआ में आ रही है, टारगेट मिशन 2018 भी तय है, लेकिन अर्जुन कौन होगा, ये अभी तय नहीं है, राजनीति के द्रौणाचार्य, भीष्म, शकुनी और धृतराष्ट्र सबके अपने संभावित अर्जुन हैं, लेकिन संगठन और मामा शिवराज का आशीर्वाद उसे ही मिलेगा जो  मछली की आंख बन चुके मिशन 2018 के लक्ष्य को भेदने का माद्दा रखता हो ।

Breaking Post @अंकित जैन-निर्माणाधीन मकान से गिरकर मजदूर की मौत !

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झाबुआपोस्ट@अंकित जैन । झाबुआ के मौलाना कलाम आज़ाद मार्ग में निर्माणाधीन मकान से गिरकर मजदूर की मौत हो गई है, मजदूर का नाम गोलू बारिया बताया जा रहा है । ठेकेदार की लापरवाही के चलते एक मजदूर को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा. ।  मकान गलत तरीके से बनाया जा रहा था, जिसकी शिकायत नगरपालिका और जनसुनवाई में की गई थी । लेकिन शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई । नियमानुसार नाली के ऊपर मकान का निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता लेकिन नियमों को ताक में रखकर इस मकान का निर्माण कार्य किया जा रहा है ।

वहीं निर्माण कार्य में लगे मजूदरों की सुरक्षा को लेकर ना तो ठेकेदार ध्यान देते हैं और ना ही श्रम विभाग ऐसे ठेकेदारों के खिलाफ कोई कार्रवाई करता है । बिना सुरक्षा साधनों के मजदूर कार्य करते हैं, जिसकी वजह से हादसों में मजूदरों को अपनी जान गंवानी पड़ती है । इसके पहले भी निर्माण कार्य में लगे मजूदरों की मौत हो चुकी है लेकिन कड़ी कार्रवाई करने की बजाय मामले रफा-दफा हो जाते हैं । मृतक मजदूर की उम्र 17 साल बताई जा रही है, जिले में चल रहे निर्माण कार्यों में इससे भी कम उम्र के मजदूर लगे हुए हैं ।  लेकिन विभाग की अनदेखी का नतीजा इस तरह के हादसों के रूप में सामने आता है ।

 

Breaking post – झाबुआ SP को 15 अगस्त पर राष्ट्रपति सम्मान

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झाबुआ की बंजर पहाडीयों को हरा भरा कर झाबुआ को नया पर्यटन का स्थान देने वाले झाबुआ पुलिस अधीक्षक महेशचंद जैन को इस बार पन्द्रह अगस्त को सराहनीय कार्य के लिए राष्ट्रपति पदक के &लिए चुना गया है श्री जैन ने इसका श्रेय अपने वरिष्ठ अधिकारियों, अपने साथियो और परिवार को दिया है।

Breaking post – Election effect – झाबुआ एएसपी का तबादला, ये होंगे नए एएसपी

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झाबुआ की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रचना भदोरिया का तबादला हो गया है , इंदौर नारकोटिक्स में पदस्थ प्रकाश चंद्र परिहार होंगे नए एएसपी ! विधानसभा चुनाव के चलते ये फेरबदल किया गया है. रचना भदौरिया को स.म.नि. पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय इंदौर भेजा गया है! पिछले विधानसभा चुनाव के समय रचना भदौरिया एसडीओपी के पद पर झाबुआ में पदस्थ थी पिछले दिनों चुनाव आयोग ने निर्देश दिए थे कि पिछले चुनाव के समय या 3 साल तक जिले में रहने वाले सभी अधिकारियों का तबादला किया जाएगा.