मध्य प्रदेश सरकार 12वीं में अच्छे अंक लाने वाले छात्र-छात्राओं को स्कूटी देती है, लेकिन झाबुआ जिले में इस योजना को लेकर गड़बड़ी सामने आई है। कुकड़ीपाड़ा हाई स्कूल की छात्रा रजिया निनामा का कहना है कि उन्होंने 72% अंक हासिल किए थे, लेकिन उनकी स्कूटी किसी और को दे दी गई।
स्कूटी योजना में गड़बड़ी का आरोप
रजिया का आरोप है कि उन्होंने सभी जरूरी दस्तावेज जमा किए थे, उन्हें स्वीकृति पत्र भी मिला था और शोरूम से कोटेशन भी आ गया था, फिर भी आखिर में स्कूटी देने से मना कर दिया गया।
स्कूल प्राचार्य पर लगाए आरोप
रजिया ने स्कूल प्राचार्य अजमत खान पर गड़बड़ी का आरोप लगाया और उन्हें हटाने की मांग की है। वहीं, प्राचार्य अजमत खान का कहना है कि रजिया ने दूसरी बार मेमं 12वीं पास की थी, इसलिए वो योजना के लिए अपात्र हो गई । जबकि यह योजना सिर्फ पहली बार में पास होने वाले छात्रों के लिए है।

अगर रजिया अयोग्य थीं, तो दस्तावेज कैसे बने?
अब बड़ा सवाल यह उठता है कि यदि यह योजना पहली बार में 12वीं पास करने वालों के लिए थी, तो फिर रजिया के दस्तावेज क्यों तैयार किए गए? उनके नाम की स्वीकृति कैसे मिली?
जिला शिक्षा अधिकारी ने माना, हुई गलती, बैठेगी जांच ।
इस मामले में झाबुआ के जिला शिक्षा अधिकारी रूप सिंह बामनिया ने माना कि प्राचार्य की गलती की वजह से रजिया के दस्तावेज बन गए । उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच की जा रही है, जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई कर , पात्र विद्यार्थी को योजना का लाभ दिलाया जाएगा ।
क्या है स्कूटी योजना का नियम?
✔ योजना केवल पहली बार में 12वीं पास करने वाले छात्रों के लिए है।
✔ उच्च अंक लाने वाले छात्रों को स्कूटी मिलती है।
✔ लेकिन 58% नंबर वाले छात्र को स्कूटी मिलने पर सवाल उठ रहे हैं।
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