झाबुआ जिले में नवरात्रि महोत्सव के राजवाड़ा के नवदुर्गा उत्सव का अलग ही रंग होता है । नौ दिनों तक माता की भक्ति में पूरा नगर डूबा रहता है, यहां गरबों की धूम उसमें आकर्षण पैदा करती है । झाबुआ के दिल राजवड़ा पर सुंदर लाइटिंग हो या फिर संगीत साधकों की मूुधर स्वर लहरिया । माता के भक्तों को यहां खींचे लाते हैं ।
इस साल भी 39वां नवदुर्गा उत्सव भव्य रूप से मनाया जा रहा है। श्री देवधर्मराज नवदुर्गा उत्सव समिति इस पूरे नौ दिवसीय उत्सव का संचालन करती है । कुशल टीम के नेतृत्व में यहां नौ दिनों तक माता की भक्ति और गरबों का अनोखा संगम होता है । इस बार माता दुर्गा के भक्तों के लिए कई धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।
महोत्सव की शुरुआत 3 अक्टूबर को होगी, जब सुबह 10 बजे राजवाड़ा चौक से माताजी की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा राजवाड़ा से होते हुए आजाद चौक, थांदला गेट, तेलीवाड़ा, लक्ष्मीबाई मार्ग से गुजरेगी और यात्रा का समापन दोपहर 12:05 पर श्री देवधर्मराज मंदिर में माताजी की प्रतिमा की स्थापना के साथ होगा।

39वां नवदुर्गा उत्सव का कार्यक्रम इस प्रकार है:
- प्रतिदिन संध्या आरती:
03 से 08 अक्टूबर तक प्रतिदिन रात 8 बजे संध्या आरती होगी। - रात्रि गरबा:
03 से 08 अक्टूबर तक, गरबा रात्रि 8:30 बजे से 11:30 बजे तक आयोजित किया जाएगा।
09, 10 और 11 अक्टूबर को (सप्तमी, अष्टमी, नवमीं), गरबा रात 9 बजे से प्रारंभ होकर समाप्ति तक चलेगा। - अष्टमी हवन:
10 अक्टूबर को अष्टमी के दिन दोपहर 12 बजे से श्री देवधर्मराज मंदिर में हवन का आयोजन होगा। - प्रतिमा विसर्जन:
12 अक्टूबर को प्रातः 7 बजे माताजी की प्रतिमा का विसर्जन किशनपुरी अनास नदी पर किया जाएगा।
सभी के लिए खुला मंच:
गरबा खेलने के इच्छुक लोगों के लिए यह एक खुला मंच है, जहाँ कोई प्रतिबंध नहीं है। हालांकि, आयोजकों ने कुछ निर्देश दिए हैं—सभी से अनुरोध किया गया है कि वे पारंपरिक परिधानों में आएं, नशे से दूर रहें और गरबा पंडाल की गरिमा बनाए रखें।
श्री देवधर्मराज नवदुर्गा उत्सव आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं और नगरवासियों से महोत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त करने का अनुरोध किया है।
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