झाबुआ (Jhabua Post): राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत संचालित ‘उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम’ (Ullas-Navbharat Saksharta Karyakram) को लेकर झाबुआ जिले में तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू हो गई हैं। राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा वर्ष 2027 तक झाबुआ जिले को 100% साक्षर बनाने का बड़ा लक्ष्य रखा गया है। इसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए गुरुवार (09 जुलाई 2026) को झाबुआ, थांदला और पेटलावद विकासखंडों में विकासखंड स्तरीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण में संकुल समन्वयकों, संकुल प्राचार्यों और जनशिक्षकों ने हिस्सा लेकर साक्षरता अभियान के प्रभावी संचालन और मॉनिटरिंग के गुर सीखे।

‘NILP एप’ से होगी ऑनलाइन मॉनिटरिंग, Jhabua सितंबर में साक्षरता परीक्षा
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सर्वेक्षण कार्य, निरक्षरों (शिक्षार्थियों) की पहचान करने और नियमित कक्षाएं संचालित करने की बारीकियां सिखाई गईं।
- डिजिटल मॉनिटरिंग: ‘NILP एप’ (NILP App) के माध्यम से असाक्षरों और उन्हें पढ़ाने वाले ‘अक्षर साथियों’ के पंजीयन, सत्यापन और ऑनलाइन मॉनिटरिंग की प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से समझाया गया।
- परीक्षा की तैयारी: आगामी सितंबर महीने में प्रस्तावित साक्षरता परीक्षा को लेकर विशेष चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अधिक से अधिक शिक्षार्थियों को इस परीक्षा में शामिल कराया जाए और हर संकुल में एक ‘मॉडल सामाजिक चेतना केन्द्र’ स्थापित किया जाए।
वयस्कों को कैसे पढ़ाएं? मास्टर ट्रेनर्स ने सिखाई तकनीक
राज्य स्तर से प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर श्री प्रकाश पालीवाल (झाबुआ), श्री दिलीप प्रजापत (थांदला) और श्री शंकर सिंह मकवाना (पेटलावद) ने प्रशिक्षणार्थियों को महत्वपूर्ण टिप्स दिए। उन्होंने ‘अक्षर पोथी’ के माध्यम से पढ़ाने की प्रभावी विधि, वयस्क शिक्षण की विशेष तकनीक (Adult Education Techniques), और सहभागी कक्षा संचालन के बारे में विस्तार से जानकारी दी, ताकि बड़ी उम्र के लोगों को आसानी से साक्षर किया जा सके।
प्रतिबद्धता से ही पूरा होगा 2027 का लक्ष्य
यह पूरा प्रशिक्षण अभियान कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट के नेतृत्व, जिला पंचायत सीईओ श्री जितेन्द्र सिंह चौहान के मार्गदर्शन और राज्य शिक्षा केन्द्र के नियंत्रक श्री राकेश दुबे के निर्देशन में आयोजित किया गया।
पेटलावद की बीआरसी श्रीमती रेखा गिरी ने ग्राम स्तर पर नियुक्त नोडल अधिकारियों के उत्तरदायित्वों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि हर स्तर पर अधिकारी और शिक्षक अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ निभाएं, तो झाबुआ जिले को निर्धारित समयावधि (2027) तक पूर्ण साक्षर बनाने का लक्ष्य निश्चित रूप से हासिल किया जा सकेगा। प्रशिक्षण के अंत में सभी प्रतिभागियों ने जनभागीदारी के साथ इस अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।
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