Keshav Vidyapeeth: हाथों में पिस्तौल और मूंछों पर ताव; जब स्कूल पहुंचे ‘नन्हे आजाद’

झाबुआ (Jhabua Post): Keshav Vidyapeeth में अमर क्रांतिकारी और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक चंद्रशेखर आज़ाद की जयंती बेहद हर्ष, उत्साह और देशभक्ति के माहौल में मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय परिसर आजाद के बलिदान और उनके शौर्य की गाथाओं से गूंज उठा। आज की युवा पीढ़ी और बच्चों में देशभक्ति का जज्बा जगाने…

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झाबुआ (Jhabua Post): Keshav Vidyapeeth में अमर क्रांतिकारी और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक चंद्रशेखर आज़ाद की जयंती बेहद हर्ष, उत्साह और देशभक्ति के माहौल में मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय परिसर आजाद के बलिदान और उनके शौर्य की गाथाओं से गूंज उठा। आज की युवा पीढ़ी और बच्चों में देशभक्ति का जज्बा जगाने के उद्देश्य से स्कूल में एक विशेष फैंसी ड्रेस कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्री-प्राइमरी वर्ग के नन्हे-मुन्ने बच्चे चंद्रशेखर आजाद की वेशभूषा धारण कर स्कूल पहुंचे। हाथों में प्रतीकात्मक पिस्तौल और मूंछों पर ताव देते इन नन्हे आजाद ने सबका मन मोह लिया।

Keshav Vidyapeeth

Keshav Vidyapeeth में गूंजा नाम ‘आज़ाद’ और पता ‘जेल’

कार्यक्रम के दौरान शिक्षिका मनीषा डोडियार ने बच्चों को आजाद के जीवन और उनके संघर्षों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हमें जो आजादी मिली है, वह चंद्रशेखर आज़ाद और उनके जैसे अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों के सर्वोच्च बलिदान का ही परिणाम है।

23 जुलाई 1906 को समीपस्थ भाबरा (अब चंद्रशेखर आज़ाद नगर) में पंडित सीताराम तिवारी और माता जगरानी देवी के घर जन्मे आजाद ने छोटी सी उम्र में ही अंग्रेजी हुकूमत की जड़ें हिला दी थीं। शिक्षिका ने बच्चों को वह मशहूर किस्सा भी सुनाया जब मात्र 14 वर्ष की आयु में असहयोग आंदोलन के दौरान गिरफ्तार होने पर अदालत में उन्होंने मजिस्ट्रेट को अपना नाम ‘आजाद’, पिता का नाम ‘स्वतंत्रता’ और घर का पता ‘जेल’ बताया था।

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महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लें बच्चे: प्राचार्या

इस गौरवशाली अवसर पर विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती वंदना नायर ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सभी बच्चों को सदैव हमारे महापुरुषों और स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन चरित्र, उनके शौर्य और बलिदान के बारे में पढ़ते रहना चाहिए। इससे हमें यह हमेशा याद रहेगा कि आज हम जिस खुली हवा में सांस ले रहे हैं, उसकी कितनी बड़ी कीमत हमारे नायकों ने अपना खून देकर चुकाई है।

इस देशभक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रम का सफल संचालन शिक्षिका मनीषा डोडियार द्वारा किया गया, जिसमें समस्त विद्यालय स्टाफ और बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ अपनी सहभागिता दर्ज की।

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संस्थापक और संपादक है, 15 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं । नेशनल,रीजनल चैनल में रिपोर्टिंग का अनुभव । डिजिटल पत्रकार के रूप मे भी सक्रिय हैं.

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