Rohit Panchal Case: “बेटी, चिंता मत करो…” रोहित की मौत मामले में CM मोहन यादव से मिले परिजन

झाबुआ (Jhabua Post): Rohit Panchal Case में लगभग एक माह बीत जाने के बाद भी रोहित की मौत की गुत्थी सुलझ नहीं पाई है। एक तरफ पुलिस इसे प्रथम दृष्टया आत्महत्या (सुसाइड) मानकर चल रही है और मामले में मर्ग कायम कर जांच कर रही है, वहीं दूसरी ओर परिजन और पंचाल समाज इसे सुनियोजित…

Rohit Panchal Case: "बेटी, चिंता मत करो..." रोहित की मौत पर CM मोहन यादव भावुक, पुलिस की सुसाइड थ्योरी और परिजनों के हत्या के आरोपों के बीच नया मोड़

झाबुआ (Jhabua Post): Rohit Panchal Case में लगभग एक माह बीत जाने के बाद भी रोहित की मौत की गुत्थी सुलझ नहीं पाई है। एक तरफ पुलिस इसे प्रथम दृष्टया आत्महत्या (सुसाइड) मानकर चल रही है और मामले में मर्ग कायम कर जांच कर रही है, वहीं दूसरी ओर परिजन और पंचाल समाज इसे सुनियोजित हत्या करार देते हुए लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

सुसाइड और हत्या के इन दोनों दावों के बीच उलझे इस मामले में पीड़ित परिवार को अब प्रदेश के मुखिया से एक बड़ी आस जगी है। गुरुवार को आलीराजपुर के भाबरा प्रवास पर जाते समय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जब झाबुआ रुके, तो रोहित के परिजनों और पंचाल समाज के प्रतिनिधियों ने उनसे सीधी मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम का दुखड़ा सुनाया।

Rohit Panchal Case में सीएम ने बंधाई हिम्मत— “न्याय मिलेगा, जल्द होगी कार्रवाई”

मुलाकात के दौरान जब रोहित की पत्नी शिवानी अपना दर्द बयान करते हुए भावुक हो गईं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े, तो मुख्यमंत्री का बेहद संवेदनशील रूप नजर आया। सीएम डॉ. मोहन यादव ने शिवानी के सिर पर आत्मीयता से हाथ रखते हुए उन्हें सांत्वना दी और कहा, “बेटी, चिंता मत करो। दोषियों पर जल्द कार्रवाई की जाएगी और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच होगी।” इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार और बच्चों को शासन की ओर से हरसंभव आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का भी पक्का भरोसा दिया है। मुख्यमंत्री के इस पारिवारिक और संवेदनशील व्यवहार से पंचाल समाज और परिजनों ने उनका हृदय से आभार व्यक्त किया है।

घटनास्थल पर मिला ‘मानव रक्त’, हत्या और आत्महत्या की थ्योरी के बीच उलझी जांच

रोहित की मौत की जांच अब एक बेहद महत्वपूर्ण और वैज्ञानिक मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। पुलिस अब तक जिस जांच को ‘आत्महत्या’ की दिशा में देख रही है, उसे घटनास्थल से मिले एक नए सुराग ने सवालों के घेरे में ला दिया है। सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल से जो रक्त (खून) मिला था, वह जांच में ‘मानव रक्त’ (Human Blood) पाया गया है।

इस अहम खुलासे के बाद जांच टीम ने रोहित के पिता और भाई के डीएनए (DNA) नमूने भी परीक्षण के लिए भेज दिए हैं। यदि यह डीएनए घटनास्थल से मिले रक्त से मेल खा जाता है, तो परिजनों द्वारा शुरू से लगाए जा रहे ‘हत्या’ के आरोपों को एक बड़ा वैज्ञानिक आधार मिल जाएगा। फिलहाल पुलिस मर्ग जांच के तहत वैज्ञानिक साक्ष्यों की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके बाद ही मौत की असली वजह (सुसाइड या मर्डर) साफ हो सकेगी।

Rohit Panchal Case: "बेटी, चिंता मत करो..." रोहित की मौत पर CM मोहन यादव भावुक, पुलिस की सुसाइड थ्योरी और परिजनों के हत्या के आरोपों के बीच नया मोड़

टीआई और चौकी प्रभारी की भूमिका पर उठे सवाल, विभागीय जांच की मांग

एक माह बाद भी मौत के असली कारणों का खुलासा न हो पाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। परिजनों ने मेघनगर थाना प्रभारी दिनेश शर्मा और रंभापुर चौकी प्रभारी संजय बघेल की भूमिका पर भी खुला संदेह जताया है। इसी क्रम में मंगलवार को रोहित की पत्नी शिवानी और भाई नटवर ने पुलिस अधीक्षक (SP) देवेंद्र पाटीदार से मुलाकात कर एक औपचारिक आवेदन सौंपा।

परिजनों ने मांग की है कि घटना के समय इन दोनों पुलिस अधिकारियों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की पूरी तरह से गोपनीय और विभागीय जांच कराई जाए। एसपी देवेंद्र पाटीदार ने परिजनों को नियमों के तहत इस मामले में जांच का आश्वासन दिया है।

मुख्यमंत्री के सीधे हस्तक्षेप और नए वैज्ञानिक साक्ष्यों के सामने आने के बाद अब पूरे जिले की निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं, जिससे यह साफ हो सके कि रोहित की मौत आत्महत्या थी या हत्या।

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संस्थापक और संपादक है, 15 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं । नेशनल,रीजनल चैनल में रिपोर्टिंग का अनुभव । डिजिटल पत्रकार के रूप मे भी सक्रिय हैं.

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