CGST सुपरिंटेंडेंट 20 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार,इंदौर लोकायुक्त की कार्रवाई ।

खंडवा, मध्य प्रदेश: इंदौर लोकायुक्त इकाई ने केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) प्रभाग खंडवा के सुपरिंटेंडेंट मुकेश त्रिपाठी को 20,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। शिकायतकर्ता राहुल बिरला, निवासी सनावद (जिला खरगोन) और लक्ष्य एकाउंटिंग सॉल्यूशन के संचालक, ने शिकायत की थी कि मुकेश त्रिपाठी ने एक मेडिकल फर्म का GST रजिस्ट्रेशन फिर से सक्रिय करने और अन्य तीन फर्मों में पता व मोबाइल नंबर बदलने के एवज में रिश्वत की मांग की थी।

CGST सुपरिंटेंडेंट ने जीएसटी फर्म से मांगी थी रिश्वत ।

 CGST सुपरिंटेंडेंट 20,000 रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार

राहुल बिरला के अनुसार, वह GST रिटर्न और एकाउंटिंग का कार्य अपनी फर्म से संचालित करते हैं। त्रिपाठी ने उनके क्लाइंट की मेडिकल फर्म का रजिस्ट्रेशन निलंबित कर दिया था और उसे दोबारा सक्रिय करने के लिए 20,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। इस पर बिरला ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के समक्ष शिकायत दर्ज कराई। सत्यापन के दौरान बातचीत में यह पुष्टि हुई कि सुपरिंटेंडेंट मुकेश त्रिपाठी ने दोनों कार्यों के बदले में 20,000 रुपये की मांग की थी।

, 25 अक्टूबर 2024 को, लोकायुक्त टीम ने ट्रैप की कार्रवाई करते हुए त्रिपाठी को उनके कार्यालय में 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 की धारा 7 के अंतर्गत कार्रवाई जारी है।

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