झाबुआ/मेघनगर | जिले के मेघनगर क्षेत्र अंतर्गत सजेली-नान्या साथ के जंगलों में पिछले दिनों हुए गोहत्या कांड ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया था। इस संवेदनशील घटना के बाद प्रशासन का एक्शन देखने को मिला है । संयुक्त टीम ने वन क्षेत्र में सर्चिंग अभियान चलाया और अवैध अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया।
क्या हुआ था सजेली में?
दरअसल, विगत दिनों सजेली-नान्या साथ के घने जंगलों में गोवंश के अवशेष मिलने की सूचना सामने आई थी। मौके पर पहुंची पुलिस 10 कटे हुए गौवंश मिला था। इस ‘गोहत्या कांड’ के प्रकाश में आते ही क्षेत्र में आक्रोश का माहौल बन गया था। विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने आशंका जताई थी कि जंगलों के भीतर बने अवैध डेरों और अतिक्रमण का उपयोग असामाजिक तत्व छिपने और ऐसी अवैध गतिविधियों (गोहत्या) को अंजाम देने के लिए कर रहे हैं। क्षेत्रीय गौ रक्षा प्रमुख सोहन विश्वकर्मा ने अपनी टीम के साथ घटनास्थल का दौरा भी किया था और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की थी, प्रशासन ने तभी सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
25 अवैध ठिकानों पर चला प्रशासन का डंडा
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीओ फॉरेस्ट एस.एल. यादव के नेतृत्व में प्रशासन, पुलिस और वन विभाग का संयुक्त दल जंगल में उतरा। जांच के दौरान पाया गया कि वन भूमि पर कई जगहों पर टीन शेड और कच्चे मकान बनाकर अवैध कब्जा किया गया था।

अधिकारियों का मानना है कि इन सुनसान स्थानों का इस्तेमाल संदिग्ध गतिविधियों के लिए होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी आधार पर कार्रवाई करते हुए टीम ने बुलडोजर और श्रमिकों की मदद से 25 अस्थाई स्ट्रक्चर (कच्चे निर्माण) पूरी तरह हटा दिए।

नोटिस के बाद भी जमे थे अतिक्रमणकारी
एसडीओ वन विभाग ने बताया कि इन अतिक्रमणकारियों को विभाग द्वारा पहले ही ‘बेदखली नोटिस’ जारी किए जा चुके थे, लेकिन इन्होंने जगह खाली नहीं की थी। गोहत्या कांड के बाद जांच की आंच तेज हुई तो आज इन अतिक्रमणों को सख्ती से हटा दिया गया।
भविष्य के लिए चेतावनी
प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सजेली और आसपास के वन क्षेत्रों में अब निगरानी और भी कड़ी रहेगी। वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण या गोवंश के प्रति क्रूरता जैसी गतिविधियां कतई बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।






