झाबुआ, 27 सितंबर 2024। मध्यप्रदेश में बेरोजगारी दर को लेकर जारी सर्वे के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। प्रदेश में हाल ही में आए सर्वे में कहा गया कि बेरोजगारी दर एक प्रतिशत से कम है, जिसके खिलाफ यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया। जिला यूथ कांग्रेस के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए इस सर्वे को निराधार बताया और कहा कि यह युवाओं के साथ अन्याय है।
बेरोजगारी दर पर सर्वे को बताया निराधार
यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रदेश में बेरोजगारी की वास्तविक स्थिति सर्वे के विपरीत है। उन्होंने कौशल विकास और रोजगार विभाग द्वारा विधानसभा में पूछे गए प्रश्न के उत्तर का हवाला दिया, जिसमें बताया गया था कि 21 जून 2024 तक मध्यप्रदेश में पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या 25 लाख से अधिक है। इसके आधार पर यूथ कांग्रेस ने सर्वे को गलत और भ्रामक बताया, और कहा कि राज्य में बेरोजगारी दर 10 प्रतिशत से अधिक है।

सरकारी नौकरियों पर सवाल
यूथ कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 2023 के चुनावी संकल्प पत्र में 2.5 लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा किया गया था, लेकिन अभी तक इसे पूरा नहीं किया गया है। यूथ कांग्रेस ने मांग की कि प्रदेश में रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति की जाए और युवाओं को रोजगार के नए अवसर दिए जाएं।
रोजगार के नए अवसर की मांग
यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष ने कहा कि राज्य में बेरोजगारी की समस्या गंभीर है और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि सर्वे एजेंसियों द्वारा जारी गलत आंकड़ों को खारिज कर युवाओं के साथ न्याय किया जाए। साथ ही, सरकार को चाहिए कि वह वास्तविक आंकड़े प्रस्तुत करे और बेरोजगारी दर को कम करने के लिए ठोस कदम उठाए।
सर्वे के मुताबिक मध्यप्रदेश में बेरोजगारी दर कम ।
हाल ही में आए पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे के मुताबिक मध्यप्रदेश में 23-24 साल के युवाओं में बेरोजगारी दर 1 फीसदी से भी कम है । वहीं बिहार में य 3 फीसदी, छत्तीसगढ़ में 2.5 प्रतिशत, दिल्ली में 2.1 , झारखंड में 1.3, गुजरात में 1.1 फीसद बताई गई है । अब इसी सर्वे को लेकर सवाल भी खड़े हो रहे हैं और सियासत भी तेज है ।
यूथ कांग्रेस ने इस सर्वे भ्रामक बताते हुए मोहन यादव सरकार से अपनी पार्टी के संकल्प पत्र की याद दिलाई है, जिसमें 2.5 लाख नौकरियां देने का वादा किया था । यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राजेश डामोर ने कहा कि सरकार इस तरह के सर्वे के बजाए युवाओं को नौकरियां दे , आंकड़ों की बाजीगरी की बजाए धरातल पर काम करें ।
देश में बेरोजगारी दर की बात करें । भारत में बेरोजगारी दर जुलाई 2024 में 7.90% से बढ़कर अगस्त 2024 में 8.50% हो गई। यह वृद्धि पिछले कुछ महीनों से बेरोजगारी में हो रहे बदलाव को दर्शाती है। यदि पिछले वर्षों के औसत को देखा जाए, तो 2018 से 2024 तक बेरोजगारी दर औसतन 8.17% रही।
कोविड-19 महामारी के समय, अप्रैल 2020 में बेरोजगारी दर अपने उच्चतम स्तर 23.50% पर पहुँच गई थी, जो महामारी के कारण आर्थिक गतिविधियों में ठहराव के चलते हुई। इसके विपरीत, सितंबर 2022 में यह दर 6.40% के निम्नतम स्तर पर थी, जो उस समय सुधार के संकेत देता है।
ये आंकड़े भारत की अर्थव्यवस्था की स्थिति और श्रम बाजार की चुनौतियों को दर्शाते हैं, जिनमें नौकरियों की अस्थिरता, आर्थिक विकास की गति और महामारी के प्रभाव जैसे कारक शामिल हैं। इस डेटा का स्रोत सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) है, जो भारत के आर्थिक और रोजगार स्थिति पर नियमित रूप से रिपोर्ट जारी करता है।
स्रोत: CMIE
धरने में युवाओं की बड़ी संख्या
इस प्रदर्शन में एनएसयूआई और कांग्रेस कार्यकर्ता भी शामिल हुए। सभी ने मिलकर जिला रोजगार कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। धरने के दौरान सरकार से युवाओं के हित में ठोस निर्णय लेने की मांग की गई, ताकि प्रदेश के युवाओं को रोजगार मिल सके और उनकी स्थिति में सुधार हो सके। यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष राजेश डामोर के साथ एनएसयूआई जिलाध्यक्ष नरवेश अमलियार, बबलू कटारा, आयुष ओहारी, अरूण ओहारी, दिनेश मेड़ा, हरीश पांचाल, ऋषि डोडियार आदि शामिल हुए थे ।
वीडियो खबर देखने के लिए हमारे चैनल को सबस्क्राइब करें । और अधिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए WWW.jhabuapost.com । लोकल भी ग्लोबल भी ।