उर्वरकों में अनियमितता और अवैध भंडारण के मामलों पर रोकथाम के लिए केन्द्रीय उर्वरक उडन दस्ता और जिला स्तरीय दल ने झाबुआ जिले के मेघनगर में संचालित कई उर्वरक निर्माण इकाइयों पर औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का केंद्र मेसर्स बालाजी एग्रो ऑर्गेनिक्स एंड फर्टिलाइजर्स और मेसर्स त्रेम्बकेश्वर एग्रो इंडस्ट्रीज प्रा.लि. जैसी इकाइयाँ थीं, जहाँ अनियमितता के कई मामले पाए गए।
झाबुआ में उर्वरक निर्माण ईकाईयों का निरीक्षण
यह अभियान किसानों को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए अवैध भंडारण और निर्माण इकाइयों पर कड़ी निगरानी बनाए रखने का प्रयास था। जिला स्तर पर किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के उपसंचालक श्री नगीन रावत ने बताया कि मेघनगर स्थित मेसर्स मोनी मिनरल्स एंड ग्राइंडर्स (56-A ए.के.वी. एन.), चंबल फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स, और एचयुआरएल की 560 यूरिया बोरियाँ, बालाजी एग्रो ऑर्गेनिक्स एवं फर्टिलाइजर्स प्रा.लि. में इफको यूरिया की 74 बोरियाँ, 22 सफेद प्लेन बोरी यूरिया तथा 98 बोरियाँ म्युरेट ऑफ पोटाश (आई.पी.एल) पाई गईं।
उर्वरक कंपनियों पर कानूनी कार्रवाई
अवैध रूप से भंडारित इन सभी उत्पादों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 9/7 और उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मेसर्स त्रेम्बकेश्वर एग्रो इंडस्ट्रीज के प्लॉट नंबर 27 और 32 पर इफको यूरिया की 116 खाली बोरियाँ भी पाई गईं। इस पूरे मामले में जिला पुलिस ने मेघनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की है ।
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