Jhabua Lokrang : निशुल्क गरबा रास कार्यशाला, 70 से अधिक बालक-बालिकाएं सीख रहे पारंपरिक नृत्य

Jhabua Lokrang । नगर की सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था लोकरंग द्वारा झाबुआ नगर में आयोजित निशुल्क गरबा रास कार्यशाला में बड़ी संख्या में बच्चे और बालिकाएं पारंपरिक नृत्य सीख रहे हैं। इस कार्यशाला की शुरुआत 10 सितम्बर को हुई थी और इसका समापन 21 सितम्बर को होगा। संस्था का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को लोक…

jhabua-lokrang-free-garba-workshop

Jhabua Lokrang । नगर की सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था लोकरंग द्वारा झाबुआ नगर में आयोजित निशुल्क गरबा रास कार्यशाला में बड़ी संख्या में बच्चे और बालिकाएं पारंपरिक नृत्य सीख रहे हैं। इस कार्यशाला की शुरुआत 10 सितम्बर को हुई थी और इसका समापन 21 सितम्बर को होगा। संस्था का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को लोक संस्कृति से जोड़ना और पारंपरिक गरबा रास की पहचान को आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाना है।

Jhabua Lokrang : 70 से अधिक प्रतिभागियों की भागीदारी

12 दिवसीय इस कार्यशाला में अब तक 70 से अधिक बालक-बालिकाओं ने हिस्सा लिया है। आयोजन प्रतिदिन दो चरणों में संचालित किया जा रहा है। पहला चरण शाम 5 से 6 बजे तक तथा दूसरा चरण शाम 7 से 8 बजे तक होता है। इन दोनों सत्रों में बच्चों को नृत्य की बारीकियां समझाई जाती हैं और गरबे की लय पर स्टेप्स का अभ्यास कराया जाता है।

jhabua-lokrang-free-garba-workshop

गुजराती गरबों की शैली सिखाई जा रही

कार्यशाला का संचालन लोकरंग संस्था के नृत्य प्रशिक्षक एवं कोरियोग्राफर आशीष पांडे कर रहे हैं। वे बच्चों को गुजराती गरबा रास की पारंपरिक स्टाइल, ताल और लय पर आधारित नृत्य की तकनीक सिखा रहे हैं। पांडे का कहना है कि गरबा सीखने वाले बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बच्चे न केवल नए स्टेप्स सीख रहे हैं बल्कि गरबा नृत्य की सुंदरता और सांस्कृतिक महत्त्व को भी समझ रहे हैं।

संस्कृति और परंपरा से जुड़ने का प्रयास

लोकरंग संस्था का मानना है कि आधुनिक दौर में जहां पश्चिमी नृत्य शैलियों का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है, वहीं स्थानीय और पारंपरिक नृत्यों को जीवित रखना जरूरी है। संस्था ने बताया कि इस तरह की कार्यशालाओं से बच्चों में सांस्कृतिक चेतना जागृत होती है और वे अपनी जड़ों से जुड़े रहते हैं।

संस्था का उद्देश्य आने वाली पीढ़ी को लोकनृत्य और सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ना है। कार्यशाला में शामिल बच्चों और उनके अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना की है। उनका कहना है कि इस प्रकार की गतिविधियां न केवल बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाती हैं बल्कि समाज में एकजुटता और उत्सवधर्मिता की भावना भी मजबूत करती हैं।

📢 जुड़ें रहिए Jhabua Post के साथ और जानिए अपने अंचल की हर बड़ी खबर। 🎥 वीडियो खबरें देखने के लिए हमारे YouTube चैनल को सब्सक्राइब करें। 📰 और अधिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए 👉 www.JhabuaPost.com 🌐 लोकल भी, ग्लोबल भी — आपके पास कोई खबर, सूचना या वीडियो है? 📲 तो हमें WhatsApp करें: 👉 7000146297 | 👉 9826223454 📍 ये भी पढ़े ।

लेखक के बारे में

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

About the Author

virendra singh rathore
virendra singh rathore

virendra singh rathore

संस्थापक और संपादक है, 15 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं । नेशनल,रीजनल चैनल में रिपोर्टिंग का अनुभव । डिजिटल पत्रकार के रूप मे भी सक्रिय हैं.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports