झाबुआ में 51 फीट ऊंचे रावण का दहन: दशहरे पर उमड़ा जनसैलाब देखिए वीडियो ।

झाबुआ में 51 फीट ऊंचे रावण का दहन

झाबुआ में हर साल की तरह इस बार भी भव्य रावण दहन का आयोजन किया गया, जहां 51 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन हुआ। झाबुआ के कॉलेज ग्राउंड पर आयोजित इस कार्यक्रम को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे, जिसमें न सिर्फ झाबुआ शहर के लोग बल्कि आसपास के गांवों के लोग भी शामिल थे। यह आयोजन दशहरे के पवित्र पर्व के उपलक्ष्य में किया गया, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।

झाबुआ नगरपालिका का आयोजन

झाबुआ नगरपालिका ने इस वर्ष 51 फीट के रावण का पुतला बनवाया था, जो पूरे कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। रावण दहन से पहले की गई आतिशबाजी ने दर्शकों का ध्यान खींचा और कार्यक्रम का उत्साह और भी बढ़ा दिया। आतिशबाजी का यह शो नगरवासियों के लिए खास आकर्षण होता है

विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति

इस भव्य आयोजन में मध्य प्रदेश की कैबिनेट मंत्री निर्मला भूरिया, बीजेपी जिलाध्यक्ष भानू भूरिया, विक्रांत भूरिया, पूर्व सांसद कांतिलाल भूरिया, नगरपालिका अध्यक्ष कविता सिंगार और नगरपालिका के अन्य पार्षदों सहित पुलिस-प्रशासन के उच्च अधिकारी भी उपस्थित थे।

नवनीत कला मंडल के कलाकारों की प्रस्तुति

झाबुआ में रावण दहन के कार्यक्रम की एक विशेष परंपरा है, जिसमें नवनीत कला मंडल के कलाकार राम, सीता, लक्ष्मण, और हनुमान के रूप में मंच पर आते हैं। रावण के पुतले का दहन इन्हीं पात्रों द्वारा किया जाता है, जो दर्शकों के लिए एक धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का प्रतीक है। कलाकारों की यह प्रस्तुति दशहरे के आयोजन को और भी अधिक खास बना देती है, और हर साल इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग आते हैं।

झाबुआ में 51 फीट ऊंचे रावण का दहन

रावण की लकड़ी को ले जाने की अनूठी परंपरा

झाबुआ के दशहरे कार्यक्रम की एक और खास बात यह है कि रावण दहन के बाद पुतले में लगी लकड़ी को ग्रामीण अपने घर ले जाने की कोशिश करते हैं। मान्यता है कि रावण की जली हुई लकड़ी घर में सुख-शांति और समृद्धि लाती है। इसी कारण हर साल दहन के बाद ग्रामीणों में रावण की जली हुई लकड़ी को लेकर होड़ लग जाती है। कई बार स्थिति ऐसी हो जाती है कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ता है।

नगरपालिका अध्यक्ष का संदेश

झाबुआ नगरपालिका अध्यक्ष कविता सिंगार ने दशहरे के इस अवसर पर नगरवासियों को बधाई दी और कहा कि यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। उन्होंने सभी नगरवासियों की सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना की। उनके साथ ही नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि बिट्टू सिंगार ने भी दशहरा पर्व की शुभकामनाएं दीं और सभी के स्वस्थ और खुशहाल जीवन की कामना की।

दशहरा: बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व

दशहरा का पर्व पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है, और झाबुआ में यह आयोजन अपनी अनूठी परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर के साथ विशेष महत्व रखता है। रावण दहन न केवल धार्मिक आस्था को दर्शाता है, बल्कि समाज में अच्छाई और नैतिकता के महत्व को भी रेखांकित करता है। झाबुआ में रावण दहन का यह आयोजन हर साल स्थानीय लोगों के लिए गर्व और उमंग का स्रोत बनता है, और इसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग खिंचे चले आते हैं।

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