झाबुआ में सड़क हादसे की शिकायत: अवैध बस की टक्कर से घायल परिवार को नहीं मिला मुआवजा

झाबुआ, मंगलवार, 05 अगस्त 2025: झाबुआ जिला मुख्यालय में आयोजित जनसुनवाई में गोला छोटी के निवासी धनसिंह डामोर ने दो महीने पुराने सड़क हादसे को लेकर प्रशासन से गुहार लगाई। उन्होंने आरोप लगाया कि 20 फरवरी 2025 को एक अवैध रूप से चल रही बस ने उनकी कार को टक्कर मार दी, जिससे उनकी पत्नी…

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झाबुआ, मंगलवार, 05 अगस्त 2025: झाबुआ जिला मुख्यालय में आयोजित जनसुनवाई में गोला छोटी के निवासी धनसिंह डामोर ने दो महीने पुराने सड़क हादसे को लेकर प्रशासन से गुहार लगाई। उन्होंने आरोप लगाया कि 20 फरवरी 2025 को एक अवैध रूप से चल रही बस ने उनकी कार को टक्कर मार दी, जिससे उनकी पत्नी के दोनों हाथ फ्रैक्चर हो गए और उन्हें गंभीर चोटें आईं। हादसे में उनकी कार भी क्षतिग्रस्त हो गई।

हादसे का विवरण और शिकायत

धनसिंह ने बताया कि 20 फरवरी 2025 को हुई इस दुर्घटना के बाद उन्होंने संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। लेकिन दो महीने बीत जाने के बावजूद न तो बस चालक के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई, न ही बस मालिक पर कोई कदम उठाया गया। इतना ही नहीं, उनकी पत्नी और उनके इलाज के लिए कोई मुआवजा भी नहीं दिया गया है। बस को भी जब्त नहीं किया गया।

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प्रशासन पर दोहरे मापदंड का आरोप

धनसिंह ने सवाल उठाया कि जब हाल ही में कलेक्टर की गाड़ी को टक्कर मारने वाले डंपर चालक और मालिक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई और डंपर मालिक का गोदाम तक सील कर दिया गया, तो उनके मामले में ऐसी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? उन्होंने कहा, “क्या आम नागरिक की जान, चोट और संपत्ति का कोई मूल्य नहीं है? एक ही जिले में कानून का यह दोहरा मापदंड क्यों है?”

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उन्होंने आरोप लगाया कि बस मालिक की रसूख और पहुंच के कारण प्रशासन इस मामले में लापरवाही बरत रहा है। धनसिंह ने मांग की कि बस की जांच की जाए, उसका लाइसेंस रद्द किया जाए और उनकी पत्नी व उनके इलाज के लिए उचित मुआवजा दिया जाए।

हाईकोर्ट और मानवाधिकार आयोग की चेतावनी

धनसिंह ने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो वे हाईकोर्ट और मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक लापरवाही और पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

यह मामला न केवल प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल उठाता है, बल्कि आम नागरिकों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करता है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है और क्या धनसिंह और उनके परिवार को न्याय मिल पाता है।

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संस्थापक और संपादक है, 15 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं । नेशनल,रीजनल चैनल में रिपोर्टिंग का अनुभव । डिजिटल पत्रकार के रूप मे भी सक्रिय हैं.

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