झाबुआ में दिव्यांगजनों की पीड़ा:
झाबुआ – अपनी मांगों को लेकर जिले के दिव्यांगजन मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे, लेकिन किसी भी अधिकारी के नहीं मिलने के कारण उन्हें करीब 1.30 घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
पेंशन और रोजगार की मांग दिव्यांगजनों ने सरकार से मांग की है कि उनकी पेंशन बढ़ाकर 3,000 रुपये की जाए और सरकारी योजनाओं का लाभ उन्हें आसानी से मिले। इसके अलावा, उन्होंने रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की भी मांग रखी।
अधिकारियों की गैरमौजूदगी जब दिव्यांगजन ज्ञापन देने पहुंचे, तो वहां कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था। बताया गया कि किसी सरकारी कार्यक्रम के चलते अधिकारी देर तक नहीं मिल सके। इस वजह से दिव्यांगजनों को कलेक्ट्रेट के गेट पर बैठकर इंतजार करना पड़ा।

झाबुआ में दिव्यांगजनों की पीड़ा, मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
महिलाओं की भी भागीदारी इस प्रदर्शन में दिव्यांग पुरुषों के साथ महिलाएं भी शामिल रहीं, जिन्होंने अपनी परेशानियों को खुलकर सामने रखा। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए उन्हें कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
आखिरकार तहसीलदार ने लिया ज्ञापन काफी देर इंतजार के बाद जब अधिकारी नहीं आए, तो दिव्यांगजन तहसीलदार कार्यालय पहुंचे, जहां तहसीलदार ने उनका ज्ञापन स्वीकार किया और जल्द ही उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
दिव्यांगजनों का कहना है कि सरकार उनके हक के लिए योजनाएं तो बनाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर उन तक लाभ पहुंचने में बड़ी अड़चनें आती हैं। उनकी मांग है कि उन्हें रोजगार और पेंशन का लाभ बिना किसी परेशानी के मिले, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।