मटन दुकान बंद करवाने गए नपा कर्मचारियों से विवाद, जिम्मेदार कार्रवाई करेंगे या सेटिंग!

मटन दुकान बंद करवाने गए नपा कर्मचारियों से विवाद, जिम्मेदार कार्रवाई करेंगे या सेटिंग!

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झाबुआ जिले में प्रतिबंध के बावजूद बिना लाइसेंस के मांस मटन की की दुकानें संचालित हो रही है। ऐसी ही एक सूचना पर जब नगर पालिका के कर्मचारी कार्रवाई करने पहुंचे तो वहां दुकान संचालक और परिवार वालों ने उनके साथ में विवाद शुरू कर दिया। कर्मचारियों का कहना है कि अवैध रूप से मांस बिक्री की सूचना मिलने के बाद नगर पालिका स्वच्छता प्रभारी सुशील वाजपयी ने पहुंचाया था।

मटन दुकान बंद करवाने गए नपा कर्मचारियों से विवाद,

मटन दुकान संचालक के परिवार वालों ने किया हंगामा ।

उधर दुकानदार और परिवार वाले इस बात पर विरोध कर रहे हैं कि वह उनके घर में आए कैसे। जबकि एक वीडियो में साफ दिख रहा है कि घर में मांस की दुकान संचालित की जा रही है। जैसे ही कर्मचारी पहुंचे दुकान संचालक के तोते उड़ गए।

मध्य प्रदेश में मोहन यादव सरकार बनने के बाद आदेश दिए गए थे कि बिना लाइसेंस के मांस मटन की दुकानें संचालित नहीं होंगी । लेकिन उसके बावजूद कई जगहों पर बिना अनुमति के घरों में ही मांस मटन की दुकानें संचालित हो रही है। कार्रवाई करने जाने पर इस तरह के विवाद सामने आते हैं। इस पूरी विवाद का वीडियो सामने आया है।


दूसरी और बात करें तो इस तरह की सूचनाओं पर अधिकारी और प्रभारी कर्मचारियों को मौके पर पहुंचाते हैं, जहां कर्मचारियों को विवाद का सामना करना पड़ता है लेकिन जिम्मेदार पीछे खड़े-खड़े केवल तमाशा देखते हैं। और बाद में किसी तरह की कार्रवाई को भी करने से बचते हैं, ऐसे में अपने वरिष्ठों के आदेश के बाद मौक़े पर पहुंचने वाले कर्मचारियों का मनोबल टूटता है।

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virendra singh rathore
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संस्थापक और संपादक है, 15 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं । नेशनल,रीजनल चैनल में रिपोर्टिंग का अनुभव । डिजिटल पत्रकार के रूप मे भी सक्रिय हैं.

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