Maa Tripura College Jhabua: झाबुआ के माँ त्रिपुरा फार्मेसी कॉलेज का नवाचार! बनाए नेचुरल ‘हर्बल साबुन’

Maa Tripura College Jhabua: किताबी ज्ञान को जब प्रैक्टिकल का रूप मिलता है, तो नतीजे हमेशा शानदार होते हैं। ऐसा ही कुछ कमाल झाबुआ के ‘माँ त्रिपुरा कॉलेज फार्मेसी’ के स्टाफ ने कर दिखाया है। यहाँ के स्टाफ ने एक बेहतरीन नवाचार (Innovation) करते हुए बेहद आकर्षक और त्वचा के लिए सुरक्षित हस्तनिर्मित (Handmade) हर्बल…

Maa Tripura College Jhabua

Maa Tripura College Jhabua: किताबी ज्ञान को जब प्रैक्टिकल का रूप मिलता है, तो नतीजे हमेशा शानदार होते हैं। ऐसा ही कुछ कमाल झाबुआ के ‘माँ त्रिपुरा कॉलेज फार्मेसी’ के स्टाफ ने कर दिखाया है। यहाँ के स्टाफ ने एक बेहतरीन नवाचार (Innovation) करते हुए बेहद आकर्षक और त्वचा के लिए सुरक्षित हस्तनिर्मित (Handmade) हर्बल साबुन तैयार किए हैं। इस अनूठी पहल ने न सिर्फ आत्मनिर्भरता का संदेश दिया है, बल्कि फार्मेसी के विज्ञान को सीधे रोजमर्रा की जिंदगी और स्वास्थ्य से जोड़ दिया है।

Maa Tripura College Jhabua: एसेंशियल ऑयल्स और हर्बल अर्क से महके साबुन

दरअसल, माँ त्रिपुरा कॉलेज फार्मेसी में स्टाफ सदस्यों के लिए एक विशेष ‘हस्तनिर्मित हर्बल साबुन निर्माण कार्यशाला’ का आयोजन किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य फार्मास्यूटिकल विज्ञान के व्यावहारिक उपयोग (Practical Application) को बढ़ावा देना और प्राकृतिक उत्पादों के निर्माण की जानकारी देना था।

इस कार्यशाला में महाविद्यालय के शिक्षकों और स्टाफ ने पूरी वैज्ञानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए प्राकृतिक अवयवों, आवश्यक तेलों (Essential Oils) और हर्बल एक्सट्रैक्ट्स का उपयोग कर उच्च गुणवत्ता वाले साबुन तैयार किए। इस दौरान प्रतिभागियों को सिर्फ साबुन बनाना ही नहीं, बल्कि क्वालिटी कंट्रोल (Quality Control), सुगंध व रंग के सही संयोजन और सुरक्षित पैकेजिंग का भी व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

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Maa Tripura College Jhabua: शारदा ग्रुप में बांटे गए साबुन, प्रबंधन ने की तारीफ

स्टाफ की इस रचनात्मक पहल की शारदा समूह की संचालिका डॉ. खुशी शर्मा और संचालक अथर्व शर्मा ने जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों से शिक्षकों और विद्यार्थियों में नवाचार और उद्यमिता (Entrepreneurship) की भावना विकसित होती है। उन्होंने व्यावहारिक शिक्षा को बढ़ावा देने और समाजोपयोगी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी को संस्थान की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

सबसे अच्छी बात यह रही कि कार्यशाला में तैयार किए गए इन हर्बल साबुनों का महाविद्यालय के स्टाफ द्वारा शारदा समूह के विभिन्न संस्थानों में वितरण भी किया गया। इसका मकसद प्राकृतिक उत्पादों के उपयोग और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। विभिन्न संस्थानों में साबुनों की बेहतरीन क्वालिटी और उपयोगिता की जमकर तारीफ की गई।

महाविद्यालय प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे कौशल विकास और उद्योगोन्मुखी (Industry Oriented) प्रशिक्षण कार्यक्रमों का नियमित आयोजन किया जाता रहेगा, ताकि शिक्षा को सीधे सामाजिक उत्तरदायित्व और व्यवहारिक अनुभव से जोड़ा जा सके।

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संस्थापक और संपादक है, 15 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं । नेशनल,रीजनल चैनल में रिपोर्टिंग का अनुभव । डिजिटल पत्रकार के रूप मे भी सक्रिय हैं.

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