Jhabua: माधौपुरा स्कूल में बच्चों से मजदूरी, वीडियो वायरल, कार्रवाई की मांग

झाबुआ: माधौपुरा स्कूल में बच्चों से ईंट और गोबर उठवाया, वीडियो वायरल, जिला शिक्षा अधिकारी बोले- डीपीसी करेंगे जांच झाबुआ। जिले के माधौपुरा माध्यमिक स्कूल का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें स्कूल के बच्चों से ईंटें उठवाई दा रही है, उनसे मजदूरी करवाई जा रही है। वीडियो में बच्चे स्कूल परिसर के बाहर…

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झाबुआ: माधौपुरा स्कूल में बच्चों से ईंट और गोबर उठवाया, वीडियो वायरल, जिला शिक्षा अधिकारी बोले- डीपीसी करेंगे जांच

झाबुआ। जिले के माधौपुरा माध्यमिक स्कूल का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें स्कूल के बच्चों से ईंटें उठवाई दा रही है, उनसे मजदूरी करवाई जा रही है। वीडियो में बच्चे स्कूल परिसर के बाहर ईंटें उठाते और मजदूरी करते नजर आ रहे हैं ।  यह स्कूल डीआरपी लाइन के पीछे स्थित है।

हेडमास्टर की सफाई – चोट न लगे इसलिए हटवाई ईंटें
स्कूल की प्रधानाध्यापक कल्पना त्रिवेदी पर बच्चों से मजदूरी करवाने का आरोप लगा है। हालांकि उन्होंने सफाई दी कि स्कूल के बाहर ईंटें बिखरी हुई थीं, जिससे बच्चों को चोट न लगे, इसलिए ईंटें हटवाई गईं। मजदूरी करवाने की बात को उन्होंने नकारा है।

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वीडियो कब का है, ये अभी साफ नहीं
फिलहाल यह वीडियो किस तारीख का है, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। लेकिन वीडियो सामने आने के बाद झाबुआ में शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

जिला शिक्षा अधिकारी बोले- डीपीसी करेंगे जांच
मामले में जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि उनके पास भी यह विषय पहुंचा है। उन्होंने जिला परियोजना समन्वयक (DPC) को जांच करने के निर्देश दिए हैं। मामले को लेकर डीपीसी रालू सिंगार से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया।

जयस ने उठाए सवाल, की कार्रवाई की मांग
मामले को लेकर जयस जिलाध्यक्ष विजय डामोर ने सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि बच्चों से इस तरह मजदूरी करवाना न केवल कानून के खिलाफ है, बल्कि इससे बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास पर भी बुरा असर पड़ता है।

शिक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

  • क्या स्कूल में बच्चों से मजदूरी करवाना सही है?
  • शिक्षा के नाम पर बच्चों से जबरन काम कब तक होता रहेगा?
  • बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा कौन करेगा?

इस घटना ने झाबुआ की शिक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है।

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virendra singh rathore
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संस्थापक और संपादक है, 15 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं । नेशनल,रीजनल चैनल में रिपोर्टिंग का अनुभव । डिजिटल पत्रकार के रूप मे भी सक्रिय हैं.

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