बिजली के लिए वसूली , ग्रामीणों से ठेकेदार ने लिए 16 हजार ,

बिजली के खंबो के लिए ग्रामीणों से ठेकेदार की 16 हजार की वसूली, कैबिनेट मंत्री के गांव का मामला, ग्रामीण मिलेंगे सीएम से ।

बिजली e1706026543152

सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार की शिकायत कोई नई बात नहीं है । लेकिन रामा विकासखंड के माछलिया गांव के एक अलग ही तरह का मामला सामने आया है यहां ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बिजली कंपनी ठेकेदार ने बिजली पोल लगाने  के नाम पर उनसे  16 हजार रूपए की वसूली की है । ग्रामीणों के मुताबिक गांव में ट्रांसफार्मर लगाने के लिए पोल कम पड़ रहे थे, जिसके लिए ठेकेदार ने रूपयों की मांग की । 

ग्रामवासियों ने इस उम्मीद के साथ ठेकेदार को रूपए दिए कि गांव में ट्रांसफार्मर लग जाएगा ।  बिजली सुविधा में बढ़ातरी होगी । लेकिन ड़ेढ साल से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी ठेकेदार  ने अब तक गांव में ट्रांसफार्मर नहीं लगाया ।  मंगलवार को जनसुनवाई में माछलिया बड़ा गांव के दगड़िय फलिये में रहने वाले  वाला ग्रामीण शिकायत लेकर जनसुनवाई में पहुंचा । शिकायत में कहा गया है  रूपए लेने के बाद भी ठेकेदार ने अब तक ना तो ट्रांसफार्मर लगाया है । 

वीडियो खबर यहां देखें

बिजली के लिए वसूली, 16 हजार ले लिए ग्रामीणों से ।

Youtube Channel
https://www.youtube.com/c/Jhabuapost

और????बेल आइकन दबाना ना भूले।

बिजली के लिए वसूली, 16 हजार ले लिए ग्रामीणों से ।

और ना ही बिजली के तार खींचे हैं । जिसकी वजह से किसानों को सिंचाई के  लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है । आलम ये है कि किसानों  को बिजली धार जिले से लेकर सिंचाई करना पड़ रही है । आपको बता दें कि माछलिया गांव कैबिनेट मंत्री निर्मला भूरिया का पैतृक गांव है । लेकिन उसके बाजवूद अधिकारी और ठेकेदार अपनी कारस्तानी से बाज नहीं आ रहे हैं । 

वीडियो खबर देखने के लिए हमारे चैनल को सबस्क्राइब करें । और अधिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए WWW.jhabuapost.com । लोकल भी ग्लोबल भी ।

लेखक के बारे में

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

About the Author

virendra singh rathore
virendra singh rathore

virendra singh rathore

संस्थापक और संपादक है, 15 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं । नेशनल,रीजनल चैनल में रिपोर्टिंग का अनुभव । डिजिटल पत्रकार के रूप मे भी सक्रिय हैं.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports