Jhabua: जमीन अधिग्रहण कर सौर ऊर्जा प्लांट लगाने के आदेश ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ाई

झाबुआ। थांदला तहसील के तीन गांवों में आदिवासियों की जमीन अधिग्रहण कर सौर ऊर्जा प्लांट लगाने के लिए शासन के आदेश ने ग्रामीणों के बीच चिंता का माहौल बना दिया है। अपनी ही जमीन से बेदखल होने के डर ने ग्रामीणों को एकजुट होने पर मजबूर कर दिया है।

अपनी भूमि की रक्षा के लिए ग्रामीणों ने एकजुटता दिखाई और विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया, जिसमें “पैसा एक्ट” को लेकर प्रस्ताव पास किया गया। यह निर्णय उनकी सामूहिक चिंता और संघर्ष की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

सरकारी आदेश का विवरण

मध्य प्रदेश शासन के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग द्वारा जारी पत्र क्रमांक एफ. 6-13/2022/ दिनांक 5.8.2024 के संदर्भ में, कार्यालय कलेक्टर भू अभिलेख, झाबुआ द्वारा जारी पत्र क्रमांक 387/ भू.आधी/रानिक/2024, दिनांक 2.9.2024 के तहत तहसीलदार थांदला को आदेश दिया गया है कि राष्ट्रीय सोलर मिशन के अंतर्गत सौर ऊर्जा पार्क स्थापित करने हेतु 2120.938 हेक्टेयर राजस्व भूमि का आवंटन किया जाए। इसके लिए भौतिक सत्यापन पत्र जारी किया गया है और तीन दिन में रिपोर्ट मांगी गई है।

 जमीन अधिग्रहण को लेकर ग्रामीणों की एकजुटता

जमीन अधिग्रहण को लेकर ग्रामीणों की एकजुटता

इस मुद्दे पर चर्चा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें विधायक वीरसिंह भूरिया, राजेश डामोर, मजू डामोर, कमल डामोर और अन्य प्रमुख नेता उपस्थित रहे। बैठक में झाबुआ जिले के विभिन्न सरपंच और ग्रामीणों की एक बड़ी संख्या, लगभग 300 लोग, शामिल हुए। इस सभा में ग्रामीणों ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुटता दिखाने और संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

ग्रामीणों ने अधिकारियों से अपील की है कि उनकी आवाज सुनी जाए और उन्हें अपनी भूमि पर अधिकार दिया जाए। ग्रामीणों का मानना है कि सौर ऊर्जा प्लांट के लिए भूमि अधिग्रहण उनके जीवन यापन और संस्कृति को प्रभावित करेगा।

इस संकट के समय में ग्रामीणों की एकजुटता और संघर्ष उन्हें अपनी आवाज उठाने के लिए प्रेरित कर रहा है, और वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए तत्पर हैं।

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