झाबुआ। जिले की कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. शिवदयाल सिंह ने बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की है। एसपी ने सख्त कदम उठाते हुए जिले के दो प्रमुख थानों, कल्याणपुरा और रायपुरिया, के थाना प्रभारियों (TI) को तत्काल प्रभाव से हटाकर रक्षित केंद्र (पुलिस लाइन) भेज दिया है।

क्यों गिरी कल्याणपुरा टीआई पर गाज? (बदलाव के मुख्य कारण)
कल्याणपुरा थाना प्रभारी नेहा बिरला को हटाए जाने के पीछे क्षेत्र में बढ़ता जनाक्रोश और लगातार मिल रही शिकायतें मुख्य वजह मानी जा रही हैं:
- चोरी और घटनाएं: पिछले महीने क्षेत्र में हुई चोरी और अन्य घटनाओं (आगजनी/उपद्रव) को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे थे।
- जनता का विरोध (बाजार बंद): पुलिस की ढीली कार्यशैली से नाराज होकर स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने विरोध स्वरूप कल्याणपुरा का बाजार भी बंद रखा था और टीआई को हटाने की मांग की थी।
- जनसुनवाई विवाद (तात्कालिक कारण): पिछले मंगलवार को जनसुनवाई में एक गंभीर मामला सामने आया था। एक लड़का-लड़की से जुड़े मामले में पुलिस पर आरोप लगा कि उन्होंने दोनों पक्षों के बीच करीब 5.5 लाख रुपये का समझौता करवाया। इस मामले ने पुलिस की भूमिका को संदिग्ध बना दिया था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है।
वहीं, रायपुरिया थाना प्रभारी जयसीराम बर्डे को भी प्रशासनिक कारणों से लाइन अटैच किया गया है और अब गीता जाटव रायपुरिया की कमान संभालेंगी।
एसपी डॉ. शिवदयाल सिंह की इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप है। यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि कानून व्यवस्था में लापरवाही और जनता की शिकायतों को नजरअंदाज करना अधिकारियों को भारी पड़ सकता है।






