,MP: लगातार हो रही बारिश और अतिवृष्टि ने किसानों को बुरी तरह प्रभावित किया है। सीहोर जिला मुख्यालय की सीमा से सटे संग्रामपुर और आसपास के गांवों के किसानों ने अजीबो-गरीब प्रदर्शन कर शासन का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर खींचा। अर्धनग्न होकर अपने खेतों और गांव की नदी में उतरकर किसानों ने खराब हो चुकी सोयाबीन की फसल को हाथ में लेकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि अतिवृष्टि के कारण उनकी फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी हैं, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई सर्वे या राहत कार्य शुरू नहीं हुआ है।
किसानों ने बताया कि सोयाबीन की खड़ी फसल, जो कि लगभग पक चुकी थी, अब बारिश के कारण गीली हो गई है और अंकुरित होने लगी है। संग्रामपुर, चंदेरी, रामाखेड़ी, छापरी और लसूडिया जैसे दर्जनों गांवों के किसान इस प्रदर्शन में शामिल हुए और सरकार से उचित मुआवजे की मांग की।

MP किसानों का प्रदर्शन, किसानों की प्रमुख मांगे ।
किसानों की प्रमुख मांगें:
सर्वे और राहत राशि: किसानों ने मांग की है कि आरबीसी 6/4 के अंतर्गत खराब हो चुकी फसलों का तुरंत सर्वे कराया जाए और उन्हें उचित राहत राशि प्रदान की जाए।
बीमा राशि: किसान चाहते हैं कि उन्हें उनकी बीमा पॉलिसी के तहत उचित बीमा राशि दी जाए ताकि उनकी आर्थिक स्थिति को कुछ राहत मिल सके।
समर्थन मूल्य: किसानों ने सोयाबीन की फसल का समर्थन मूल्य 6000 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की है, जिससे उन्हें फसल के नुकसान की भरपाई हो सके।
यह प्रदर्शन किसानों की गहरी निराशा और हताशा को दर्शाता है, जिन्होंने प्राकृतिक आपदा के आगे घुटने टेक दिए हैं। प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि वह जल्द ही सर्वे शुरू कर किसानों को राहत प्रदान करेगा।
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