झाबुआ। स्थानीय केशव इंटरनेशनल स्कूल (Keshav International School, Jhabua) में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर विज्ञान की उपलब्धियों और महान भारतीय वैज्ञानिक सर सी. वी. रमन की याद में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से न केवल विद्यार्थियों को विज्ञान के महत्व से रूबरू कराया गया, बल्कि उनमें नवाचार और जिज्ञासा की भावना को भी जगाया गया।
’रमन प्रभाव’ पर आधारित डॉक्यूमेंट्री ने किया प्रेरित

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण नोबेल पुरस्कार विजेता सी. वी. रमन के जीवन और शोध पर आधारित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री रही। इसे देखकर विद्यार्थियों ने उनके संघर्षपूर्ण जीवन और विज्ञान के क्षेत्र में उनके ऐतिहासिक योगदान के बारे में विस्तार से जाना।

नन्हे विवान सर सी. वी. रमन का किरदार में.
समारोह के दौरान कक्षा पहली के छात्र विवान त्रिवेदी ने सर सी. वी. रमन की वेशभूषा धारण कर मंच पर उनका सजीव रोल प्ले प्रस्तुत किया। विवान ने रमन के जीवन परिचय पर प्रकाश डालते हुए सबका मन मोह लिया।
प्रयोग और प्रतियोगिता से बढ़ा उत्साह
विज्ञान के प्रति रुचि पैदा करने के उद्देश्य से स्कूल में कई गतिविधियाँ आयोजित की गईं:

- विज्ञान प्रश्नोत्तरी (Quiz): कक्षा-वार आयोजित इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी तार्किक क्षमता का परिचय दिया।
- लाइव विज्ञान प्रयोग: शिक्षक श्री मोहित देवड़ा द्वारा रोचक विज्ञान प्रयोगों का प्रदर्शन किया गया, जिसमें छात्रों ने स्वयं भाग लेकर वैज्ञानिक सिद्धांतों को व्यावहारिक रूप से समझा।
- नुक्कड़ नाटक: कक्षा 5वीं के विद्यार्थियों ने शिक्षिका एकता सोनी और राजेश्वरी बुंदेला के मार्गदर्शन में “वास्तविक जीवन में विज्ञान के लाभ एवं हानि” विषय पर एक प्रभावशाली नाटक प्रस्तुत किया।
- कलात्मक प्रदर्शन: कलाकार आशीष पांडेय द्वारा बनाई गई आकर्षक विज्ञान थीम वाली रंगोली और विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए ज्ञानवर्धक चार्ट्स ने पूरे परिसर को ‘विज्ञानमय’ बना दिया।
स्कूल के बारे में जानकारी
केशव इंटरनेशनल स्कूल झाबुआ का एक प्रमुख शिक्षण संस्थान है, जो विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए जाना जाता है।
- पता: बद्कुवा, झाबुआ, मध्य प्रदेश 457661
- वेबसाइट: kisjhabua.com
- संपर्क: +91 94251 92100
कार्यक्रम का सुचारू संचालन शिक्षिका अर्चना राठौर ने किया। विद्यालय परिवार ने इस सफल आयोजन के माध्यम से छात्रों को अनुसंधान की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।





