ये संभालेंगे नगरीय विकास एवं पर्यावरण विभाग का अतिरिक्त प्रभार , अधिसूचना हुई जारी ।

lal singh aryझाबुआ पोस्ट ।  सामान्य प्रशासन, नर्मदा घाटी विकास और विमानन राज्य मंत्री  लाल सिंह आर्य को नगरीय विकास एवं पर्यावरण विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। हाल ही में बीजेपी राष्ट्रीय महासचिव बनने के बाद कैलाश विजयवर्गीय ने नगरीय विकास एवं पर्यावरण विभाग के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था । कैलाश विजयवर्गीय के जाने से हुई खाली कुर्सी पर लालसिंह आर्य को बैठाया गया है , हालांकि सूत्रों की माने तो ये पार्ट टाइम डिसीजन है । लाल सिंह आर्य के पास पहले से एक साथ कई मंत्रालयों का भार है । ऐसे में एक और नई जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है ।

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प्रभारी मंत्री 16 को आएंगे, 17 जुलाई को होगी जिला योजना की समिति की बैठक ।

Hon'ble Minister BCMW Mr. Antar Singh Aryaझाबुआ पोस्ट । जिले के प्रभारी मंत्री  अंतरसिंह आर्य के झाबुआ दौरे में बदलाव हुआ है ।  प्रभारी मंत्री 16 जुलाई को शाम 6.30 बजे झाबुआ पहुंचेगें । शाम को सर्किट हाऊस पर जनप्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे । अगले दिन 17 जुलाई को प्रभारी मंत्री हरियाली महोत्वस में भाग लेंगे ।  मिली जानकारी के मुताबिक इसके बाद अंतरसिंह आर्य ग्राम रजला मेें आयुष विभाग के भवन का शिलान्यास करेंगे । इसके बाद करीब 11.30 बजे वे जिला योजना समिति की बैठक में शामिल होने के लिए झाबुआ पहुंचेंगे ।   जिला योजना समिति की बैठक में खाद्य विभाग, सर्वशिक्षा अभियान, स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा करेगे। इसके साथ ही  जिले में स्वीकृत निर्माण कार्यो की समीक्षा  भी प्रभारी मंत्री करेंगे ।

कांग्रेस का झाबुआ बंद ‘‘जनविरोधी, असंवैधानिक व अनैतिक कदम – बीजेपी

downloadझाबुआ पोस्ट । 16 जुलाई को कांग्रेस की ओर से बुलाए गए बंद को बीजेपी ने जनविरोधी, असंवैधानिक और अनैतिक कदम बताया है ।  भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष शैलेष दुबे, विधायक शांतिलाल बिलवाल, सुश्री निर्मला भूरिया, विधायक कलसिंह भाबर ने कहा संवैधानिक शासन और व्यवस्था में हमें न्यायालय का सम्मान करना चाहिए । कांग्रेस का जिला बंद का आयोजन जनविरोधी, असंवैधानिक व अनैतिक कदम है । 16 जुलाई  को कांग्रेस के प्रस्तावित बंद को लेकर हाईकोर्ट की अवधारणा का कांग्रेस को सम्मान करना चाहिए । लेकिन इसके बावजुद कांग्रेस का बंद के फैसले पर अड़े रहना अनुचित है । बीजेपी नेताओं का कहना है कि  बंद और हड़ताल का औचित्य तो तब रहता है, जब इसके पीछे कोई लोकहित का आग्रह होता । कांग्रेस की मांग थी कि व्यापम मामले की सीबीआई जांच हो । प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चैहान ने जनभावना के प्रति पूरी संवेदनशीलता के साथ सीबीआई जांच कराने का न्यायालय से आग्रह किया और सीबीआई जांच के आदेश हो गये।

बीजेपी का कहना है कि मध्यप्रदेश बंद के फैसले पर अड़े रहना कांग्रेस हठी रवैया है और इससे ये भी साबित होता है कि ना तो उसे न्यायालपर भरोसा है ना वह सीबीआई जांच को लेकर गंभीर हैं । उसे केवल राजनीति करने का बहाना चाहि था  । भाजपा नेताओं ने कहा कि शांति प्रिय कई व्यापारियों ने जिले  में अपने प्रतिष्ठान 16 जुलाई को खुले रखने का निर्णय लेकर जनभावना की कद्र किया है। यह भी एक संयोग है कि 17 जुलाई को ईद का पवित्र त्यौहार है। त्यौहार के मौके पर बंद से दिक्कत हो सकती है।

18 जुलाई को निकलेगी भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा ।

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काष्ठ प्रतिमाओं को तैयार करता कलाकार ।

झाबुआ पोस्ट ।  ओडिसा के पूरी में आयोजित होने वाली भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा देखेने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं । इस ऐतिहासिक और मनोहारी रथयात्रा की तर्ज पर ही झाबुआ में भी इस  भव्य रथ यात्रा को  निकाला जाएगा । पिछले आठ सालों से नगर में इस रथयात्रा का आयोजन किया जा रहा है । 18 जुलाई शनिवार शाम को 4 बजे भगवान जगन्नाथ जगदीश मंदिर बड़े तालाब से नगर में भ्रमण पर निकलेंगे । रथयात्रा को लेकर तैयारियां अंतिम दौर में चल रही हैं ।  भगवान जगन्नाथ जी, बलभद्र एवं सुभद्राजी की काष्ठ प्रतिमाओं को आकर्षक रथ पर में बिराजित कर इस भव्य रथयात्रा का आयोजन किया जाएगा ।  जगन्नाथ,बलभद्र एवं सुभद्राजी की प्रतिमाओं को आकर्षक तरीके से सजाने काम जोरों पर है ।  जगन्नाथ रथ यात्रा समिति से मिली जानकारी के मुताबिक शाम को 4 पर शुरू होने वाली यात्रा जगदीश मंदिर बहादुर सागर के किनारे से गाजो बाजों और आतिशबाजी के साथ  नगर में निकलेगी । जगदीष मंदिर से रथ यात्रा भोज मार्ग होते हुए चारभुजा मंदिर चैराहे से आजाद चैक होकर बाबेल चोराहे होती हुई थांदला गेट पहूंचेगी, वहां से रूनवाल बाजार, राधाकृष्ण मार्ग से होती हुई राजवाडा चैक से लक्ष्मीबाई मार्ग होकर रोहीदास मार्ग होकर पानी की टंकी से राजवाडा होकर शाम को  7 बजे गणेश- जगदीश मंदिर पर समापन होगा । नगर के हर चोराहों पर पुष्प  वर्षा कर रथयात्रा का स्वागत किया जावेगा  । यात्रा के बाद शाम को भगवान जनग्गनाथ, बलभद्र जी और सुभद्रा जी की महाआरती का आयोजन किया जाएगा । महाआरती के बाद केशरिया भात की महाप्रसादी का वितरण किया जावेगा । जगन्नाथ रथ यात्रा समिति ने नगर एवं अंचल की जनता से इस रथयात्रा में शामिल होकर धर्मलाभ लेने की अपील की है ।

रेलवे स्टेशन पर लगेंगी पानी की मशीन, 8 रू. में मिलेगा बोतल पानी ।

downloadयात्रियों के लिए  पीने के पानी उपलब्‍धता को और सुधारने के लिए रेल मंत्रालय ने पूरे देश में रेलवे स्टेशनों पर वॉटर वेंडिंग मशीनें  लगाने की व्‍यापक और समान नीति तैयार की  है।  इस नीति का उद्देश्‍य स्‍टेशनों पर वॉटर वेंडिंग मशीनों के द्वारा उचित मूल्‍य पर ग्राहकों को निर्धारित मानक का  शुद्ध पेयजल उपलब्‍ध कराना है । स्टेशनों पर वॉटर वेंडिंग मशीनें लगाने  के काम को  रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्‍म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) संभालेगा।  ये मशीन केवल इस क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियां  या उनके फ्रेंचाइजी धारक या अधिकृत एजेंट ही लगा सकते हैं। वॉटर वेंडिंग मशीनों में कई टोटियां लगी होंगी, ताकि अधिक से अधिक यात्री एक साथ सुविधा का लाभ उठा सकें।  वेंडिंग मशीनों के लिए ऐसे स्थानों को तरजीह दी जाएगी जहां से सामान्य कोच वाले यात्री आसानी से पहुंच सके ।   इस योजना के पहले चरण में ये मशीनें वहां लगाई जाएंगी जहां अब तक आरओ पेयजल ईकाईयां नही हैं ।

इन उच्‍च यांत्रिक मशीनों द्वारा यात्रियों को उचित मूल्‍य पर शुद्ध पानी बेचा जाएगा।  इन मशीनों से  बांटे जाने वाले की क्वालिटी चैक महीने में कम से कम एक बार की जाएगी ।   पानी की कीमत और मात्रा एक एलईडी डिस्‍पले में प्रदर्शित की जाएगी, ताकि पानी की राशि का उपभोक्‍ता द्वारा सत्‍यापन हो सके। मशीनों को लगाने के लिए फ्रेंचाइजी/एजेंट का चयन दोहरी निविदा प्रणाली द्वारा किया जाएगा, ताकि इस कार्य के लिए प्रसिद्ध और प्रख्‍यात कंपनियों को मिले। डब्‍ल्‍युवीएम पैकिंग वाले पेयजल के मुकाबले बहुत कम कीमत पर पानी उपलब्‍ध कराएंगी। पानी के बिक्री मूल्‍य इस प्रकार होंगे

रिफिल  कन्‍टेनर के साथ
300 मिलीलीटर गिलास 1 रूपया 2 रूपये
आधा लीटर बोतल 3 रूपये 5 रूपये
एक लीटर बोतल 5 रूपये 8 रूपये
2 लीटर बोतल 8 रूपये 12 रूपये
5 लीटर बोतल 20 रूपये 25 रूपये

वॉटर वेंडिंग मशीनें लगाने वाली कंपनियां अनुमोदित गुणवत्‍ता और डिजाइन के पर्यावरण अनुकूल डिस्‍पोजेबल गिलास और पीईटी की बोतलें पर्याप्‍त संख्‍या में उपलब्‍ध कराएंगी। मशीन उपलब्‍ध कराने वाली कंपनियां प्रत्‍येक मशीन के साथ मानक डिजाइन की डस्‍टबिन पर्याप्‍त संख्‍या में भी उपलब्‍ध कराएंगी।

आईआरसीटीसी और रेलवे सेवाओं की गुणवत्‍ता के रखरखाव के लिए समय-समय पर वॉटर वेंडिंग मशीनों का निरीक्षण कर सकती हैं।  जल की गुणवत्‍ता/मात्रा या ऑपरेटर आदि की कमियां पाई जाने पर सेवा प्रदाता के विरूद्ध रेलवे द्वारा उचित दंडात्‍मक कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में आमतौर पर स्‍टेशनों पर पेयजल वॉटर बूथ/वॉटर कूलरों द्वारा अपेक्षित ट्रीटमेंट और रोगाणुनाशन के बाद सप्‍लाई किया जाता है। कुछ चुनिंदा स्‍टेशनों पर आरओ पेयजल इकाइयां भी उपलब्‍ध कराई गई हैं। इसके अलावा विभागीय एवं लाइसेंसी द्वारा परिचालित यूनिटों के मानदंड से पैक पेयजल की आपूर्ति की जाती है।

विशेष विभागीय परीक्षा 7 से 14 सितम्बर तक, नवनियुक्त/पदोन्नत शासकीय सेवकों के लिए नई व्यवस्था लागू i

practice-problems-राज्य शासन ने विभागीय परीक्षा की वर्तमान में प्रचलित व्यवस्था को समाप्त कर जुलाई 2015 से नवनियुक्त/पदोन्नत शासकीय सेवकों के लिए नई व्यवस्था लागू की है। इसमें अनिवार्य प्र‍शिक्षण और प्रशिक्षण के बाद परीक्षा ली जायेगी।

पिछली विभागीय परीक्षा में अनुत्तीर्ण सामान्य प्रशासन और राजस्व विभाग के अधिकारियों के लिए एक विशेष परीक्षा पूर्व पाठ्यचर्या अनुसार 7 से 14 सितम्बर के मध्य होगी। परीक्षा भोपाल, जबलपुर, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, रीवा, शहडोल और नर्मदापुरम् होशंगाबाद संभागायुक्त द्वारा निर्धारित स्थान पर होगी। परीक्षा का समय प्रात: 10 से दोपहर 1 बजे और दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक रहेगा। परीक्षा में शामिल होने के लिए इच्छुक सभी संबंधित विभाग के अधिकारी उचित मार्ग से अपने आवेदन विभागाध्यक्ष को दे सकते हैं। आवेदन में परीक्षार्थी को राजपत्रित/ अराजपत्रित अधिकारी का स्पष्ट उल्लेख करना होगा।

सभी जिलाध्यक्षों से कहा गया है कि विभिन्न परीक्षा में बैठने के इच्छुक अधिकारियों की सूची सीधे संबंधित आयुक्त को 20 अगस्त तक भेजें, जिससे वे प्रशासन अकादमी, भोपाल को अपने संभाग की एक समेकित सूची नियत तिथि तक भेज सकें। विभागाध्यक्षों से कहा गया है कि वे विभिन्न परीक्षाओं में शामिल होने के इच्छुक अधिकारियों की एक सूची 10 अगस्त तक संबंधित परीक्षा केन्द्रों के आयुक्तों को दे।

परीक्षा केन्द्र आयुक्तों से कहा गया है कि वे अपने परीक्षा केन्द्रों के लिये अपेक्षित प्रत्येक प्रश्न-पत्र की संख्या (मांग पत्रक) विषय सूची के अनुसार 15 अगस्त तक संलग्न निर्धारित प्रपत्र में (विभागीय परीक्षा प्रकोष्ठ) को विशेष वाहक से भेजें। कार्य समयावधि में करने को कहा गया है।

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विज्ञान शिक्षक और प्रयोगशाला सहायक का होगा प्रशिक्षण ।

labझाबुआ पोस्ट । शासकीय हाई एवं हॉयर सेकेण्डरी की 9 वीं एवं 10 वीं कक्षा में विज्ञान विषय के प्रायोगिक कार्यों के महत्व को देखते हुए शिक्षक और प्रयोगशाला सहायक को प्रशिक्षित किया जायेगा। प्रशिक्षण 20 से 31 जुलाई के बीच सम्पन्न होगा। राज्य शासन ने इसके लिये सभी जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश जारी किये हैं। पिछले साल  दो दिवस का प्रशिक्षण दिया गया था। फॉलोअप की दृष्टि से इस साल फिर से प्रेक्टिलक के लिए ट्रेनिंग देने की जरूरत महसूस की गई ।  हाई एवं हॉयर सेकेण्डरी की 9 वीं एवं 10 वीं कक्षाओं में प्रेक्टिकल के लिये वार्षिक परीक्षा में अंक भी दिये जाते हैं।

प्रशिक्षण के लिये शाला में विज्ञान पढ़ाने एवं प्रायोगिक कार्य करवाने वाले शिक्षकों का चिन्हांकन किया जायेगा। प्रत्येक शाला से एक शिक्षक को चिन्हित करने को कहा गया है। जिला/ विकासखंड मुख्यालय स्थित उत्कृष्ट विद्यालय या अन्य सुविधा सम्पन्न विद्यालय को चिन्हित कर प्राचार्य को प्रशिक्षण कार्य की सूचना दी जायेगी। प्रशिक्षण के लिये जिलों को भोपाल जिले का मॉड्यूल भेजा गया है। जिले द्वारा तैयार मॉड्यूल का भोपाल मॉड्यूल से तुलनात्मक परीक्षण किया जायेगा। श्रेष्ठ मॉड्यूल का उपयोग प्रशिक्षण में होगा। मॉड्यूल माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा 9 वीं एवं 10 वीं के लिये निर्धारित प्रायोगिक परीक्षा पाठ्यक्रम पर आधारित रहेगी। मॉड्यूल में प्रयोग संबंधी सम्पूर्ण जानकारी स्पष्ट रूप से रहेगी, ताकि वह बाद में प्रायोगिक कार्य करवाये जाने के बाद शिक्षकों का मार्गदर्शन करती रहेगी। मॉड्यूल की एक-एक प्रति सभी प्रशिक्षणार्थी शिक्षक को उपलब्ध करवाई जायेगी।

प्रशिक्षण के लिये ऐसे विद्यालय का चयन होगा, जहाँ प्रयोगशाला अच्छी स्थिति में हो तथा न्यूनतम 30 व्यक्तियों के लिए प्रेक्टिकल करने की व्यवस्था हो। अधिक संख्या होने पर सुविधानुसार अलग-अलग बैच बनाये जायेंगे। प्रशिक्षण सामान्यत: दो दिन का रहेगा। मॉनीटरिंग के लिये डीईओ प्रतिदिन आकस्मिक निरीक्षण करेंगे।

प्रशिक्षण में शामिल होने वाले शिक्षकों का आरंभ में प्री-टेस्ट तथा समापन में पोस्ट टेस्ट करवाया जायेगा। समापन के बाद मुख्य गतिविधियों को छायाचित्र सहित राज्य मुख्यालय के प्रशिक्षण कक्ष में जमा करवाया जायेगा।