SOYABEAN CROP DAMAGED मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में लगातार हो रही अतिवृष्टि ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई दिनों से जारी बारिश ने किसानों की तैयार फसलों को बर्बाद कर दिया है। जिले के उमरकोट क्षेत्र में सोयाबीन की फसल पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है, जहां खड़ी फसल में अंकुरण होने से किसान लगभग 100% नुकसान की ओर बढ़ रहे हैं। इस मौसम में अच्छी पैदावार की उम्मीद लगाए बैठे किसानों को अब अपने भविष्य की चिंता सता रही है।
SOYABEAN CROP DAMAGED खड़ी फसल में अंकुरण से हुआ फसल को नुकसान
उमरकोट क्षेत्र के किसान शम्भू मारू ने अपनी स्थिति बयां करते हुए बताया कि उन्होंने 30 बीघा जमीन लीज पर लेकर सोयाबीन की फसल बोई थी। इस फसल में उन्होंने अपने लाखों रुपए की पूंजी निवेश की थी, लेकिन लगातार हो रही बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। शम्भू बताते हैं, “लगातार बारिश से मेरी फसल का करीब 60 से 70% हिस्सा खराब हो गया है। सोयाबीन की फसल में अंकुरण हो गया है, जिससे उसकी गुणवत्ता पूरी तरह से नष्ट हो गई है। अब हमारे पास फसल बेचने लायक भी नहीं बची है।”

Jhabua जिले के अधिकांश किसान इस समय ऐसी ही स्थिति का सामना कर रहे हैं। सोयाबीन की फसल तैयार थी, लेकिन लगातार बारिश ने सारी उम्मीदों को ध्वस्त कर दिया है। अंकुरण के कारण बीज फटने लगे हैं, जिससे फसल का बाजार मूल्य न के बराबर रह गया है। किसानों का कहना है कि अगर जल्द ही राहत नहीं मिली, तो वे कर्ज के बोझ तले दब जाएंगे।
सरकारी सहायता की आस में किसान
किसान शम्भू मारू और अन्य पीड़ित किसानों ने सरकार और जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनका तुरंत सर्वे कराया जाए और नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा दिया जाए। शम्भू ने कहा, “हमने अपनी पूरी पूंजी इस फसल में लगा दी थी, अब हमें सरकार से ही उम्मीद है कि वह हमारी मदद करेगी। हम चाहते हैं कि प्रशासन जल्द से जल्द सर्वे करवा कर हमें उचित मुआवजा प्रदान करे, ताकि हम अपने कर्ज और नुकसान से उबर सकें।”
झाबुआ जिले के किसानों का मानना है कि अगर समय पर मदद नहीं मिली, तो उन्हें आने वाले दिनों में भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा। मौसम की मार और फसल के नुकसान से न केवल उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है, बल्कि उन्हें भविष्य की खेती के लिए भी परेशानियां झेलनी पड़ सकती हैं। कई किसान तो पहले ही बैंक और महाजन से कर्ज लेकर खेती कर रहे है, और अब इस नुकसान के बाद उनकी स्थिति और भी गंभीर हो गई है।
सर्वे का किसानों को इंतजार ।
किसानों के नुकसान का आकलन करने के लिए सर्वे की प्रक्रिया जल्द शुरू करने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों का कहना है कि सरकार इस स्थिति से अवगत है और किसानों की मदद के लिए योजनाओं पर काम कर रही है। लेकिन मैदानी अमला कब किसानों के खेत पहुंचेगा ये भी एक बड़ा सवाल है । हालांकि, किसानों को अब तक मुआवजे के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है, क्योंकि सर्वे प्रक्रिया और मुआवजा वितरण में समय लगता है।
इसके साथ ही, कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को फसल बीमा का लाभ उठाने की सलाह दी है ताकि भविष्य में ऐसी आपदाओं से होने वाले नुकसान से कुछ हद तक सुरक्षा मिल सके। Jhabua जिले में हो रही इस अतिवृष्टि ने किसानों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं। आने वाले दिनों में अगर बारिश नहीं थमी, तो स्थिति और भी विकट हो सकती है।
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