अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस : झाबुआ में बुजुर्गों का होगा भव्य सम्मान

झाबुआ — अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर झाबुआ में सामाजिक महासंघ द्वारा 75 वर्ष से अधिक आयु के सम्मानित बुजुर्गों का अभिनंदन एक व्यापक समारोह के माध्यम से किया जाएगा। इस समारोह में भारत स्काउट एवं गाइड के बच्चों द्वारा बुजुर्गों का लयबद्ध स्वागत किया जाएगा। संयुक्त राष्ट्र की भावना के अनुसार, सामाजिक महासंघ…

अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस

झाबुआ — अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर झाबुआ में सामाजिक महासंघ द्वारा 75 वर्ष से अधिक आयु के सम्मानित बुजुर्गों का अभिनंदन एक व्यापक समारोह के माध्यम से किया जाएगा। इस समारोह में भारत स्काउट एवं गाइड के बच्चों द्वारा बुजुर्गों का लयबद्ध स्वागत किया जाएगा। संयुक्त राष्ट्र की भावना के अनुसार, सामाजिक महासंघ पिछले कई वर्षों से सेवा के क्षेत्र में सक्रिय रूप से योगदान दे रहा है, और “सेवा ही परंपरा है” के सिद्धांत पर कार्यरत है।

बुजुर्गों के सम्मान का महत्व

सामाजिक महासंघ के अध्यक्ष नीरजसिंह राठौर ने बताया कि हर वर्ष 1 अक्टूबर को विश्वभर में अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाया जाता है, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों और उनके संबंधियों का सम्मान किया जाता है। यह दिन वृद्धों के हित में चिन्तन और विचार विमर्श करने का भी अवसर है। वर्तमान में वृद्ध समाज अनेक समस्याओं से ग्रस्त है। यद्यपि वे अनुभवी होते हैं, किंतु अक्सर उनके अनुभवों और सलाहों को नजरअंदाज किया जाता है, जिससे उन्हें “हम प्रयोजनहीन हैं” जैसी भावनाएं महसूस होती हैं। यह स्थिति समाज में वृद्ध जनों के दुःख को बढ़ाती है।

अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस

पारिवारिक मूल्य और संस्कृति का सम्मान

श्री राठौर ने कहा कि भारतीय संस्कृति में परिवार और कुटुंब के प्रति गहरी भावनाएं और संस्कार होते हैं, जिसमें सेवा, करुणा, संबंध, अपनत्व, सहयोग और ज्ञान शामिल हैं। ये सभी गुण हमें हमारे वरिष्ठ जनों से सीखने को मिलते हैं। उनके प्रति सम्मान व्यक्त करना केवल उनके प्रति आदर नहीं, बल्कि यह देश की परंपराओं का सम्मान भी है, जो नव पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक का कार्य करती है।

सामाजिक महासंघ का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों से नामों का चयन करना है ताकि अधिकतम व्यक्तित्वों को सम्मानित किया जा सके। यह कार्यक्रम न केवल बुजुर्गों के लिए बल्कि समग्र समाज के लिए एक भावविभोर करने वाला क्षण होता है, जिसमें जिला प्रशासन भी सहभागी होता है।

पिछले वर्षों की उपलब्धियां

नीरजसिंह राठौर ने बताया कि पिछले 5 वर्षों से जिला प्रशासन और सामाजिक न्याय विभाग के सहयोग से 75 वर्ष से अधिक आयु के वृद्ध जनों का सम्मान किया जा रहा है। प्रत्येक वर्ष लगभग 40 से 50 बुजुर्गों का सम्मान किया गया है, और अब तक 300 से अधिक वृद्ध जनों का गरिमामय सम्मान सामाजिक महासंघ द्वारा किया जा चुका है। यह कार्य सतत जारी है।

1 अक्टूबर को आयोजित होने वाले कार्यक्रम में जिले के 300 से अधिक बुजुर्ग, जो दूरदराज के ग्रामीण अंचलों से आएंगे, उनकी उपस्थिति रहेगी। इसके लिए जिला प्रशासन और सामाजिक महासंघ द्वारा उन्हें आमंत्रित किया गया है। इस अवसर पर बुजुर्ग अपने अनुभव और संस्मरण साझा करेंगे, जिससे उपस्थित जन समुदाय को लाभ होगा।

मनोरंजन और स्वास्थ्य का ध्यान

इस कार्यक्रम में वृद्ध जनों के मनोरंजन के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। सामाजिक महासंघ द्वारा उनके लिए अल्पाहार और भोजन की व्यवस्था भी की जाएगी। इसके अतिरिक्त, बुजुर्गों की विभिन्न समस्याओं का निराकरण और निदान करने का प्रयास किया जाएगा।

सामूहिक सहभागिता

कार्यक्रम में 50 से अधिक संस्थाओं की सहभागिता भी होगी, जो इस समारोह को और भव्य बनाएगी। सामाजिक महासंघ के अध्यक्ष नीरजसिंह राठौर ने कहा, “हम यह संस्कार और मार्गदर्शन अपने अग्रजों से प्राप्त करते हैं। उनके प्रति सम्मान व्यक्त करना हमारे लिए एक अहोभाव है।”

समाज के लिए नई दिशा का काम करेगा ।

इस समारोह के माध्यम से सामाजिक महासंघ न केवल बुजुर्गों का सम्मान करेगा, बल्कि यह भी दर्शाएगा कि समाज में वृद्ध जनों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है। उनका अनुभव और ज्ञान हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। यह कार्यक्रम न केवल बुजुर्गों के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए एक नई दिशा और प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

इसी भावना के साथ, झाबुआ में वृद्धजन दिवस का यह समारोह निश्चित रूप से एक यादगार और प्रेरणादायक अनुभव होगा, जो आने वाले समय में भी सामाजिक सहयोग और सम्मान की मिसाल बनेगा।

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