झाबुआ जिले के करवड़ गांव में एक आवारा सांड लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। यह सांड कई महीनों से गांव में घूम रहा है और अब तक कई लोगों को घायल कर चुका है। रविवार शाम इस सांड ने गांव के राजेश देवड़ा पर हमला कर दिया, जिससे वे बुरी तरह घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए रतलाम अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

पहले भी कई लोग हुए घायल
यह पहली बार नहीं है जब इस सांड ने हमला किया हो। इससे पहले शांतिलाल डैरिया और कमलाबाई को भी यह सांड घायल कर चुका है। लेकिन, इसके बावजूद पंचायत और प्रशासन इसे पकड़ने में नाकाम रहे हैं।

बच्चों और गांव वालों में डर का माहौल
गांव में स्कूल परीक्षाएं चल रही हैं, और माता-पिता इस बात से डरे हुए हैं कि कहीं यह सांड बच्चों को निशाना न बना ले। बच्चे स्कूल आते-जाते वक्त सहमे रहते हैं, और लोग अब घर से बाहर निकलने में भी घबरा रहे हैं।
समाधान क्या है?
गांववालों का कहना है कि अगर नगर परिषद पेटलावद इस सांड को पकड़कर जंगल में छोड़ दे, तो यह खतरा टल सकता है। पहले भी इस समस्या को लेकर खबरें प्रकाशित हुई थीं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अगर जल्द ही प्रशासन जागरूक नहीं हुआ, तो कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।






