Jhabua Post@7000146297: ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार और बिना काम किए सरकारी खजाना खाली करने की कहानी किसी से छिपी नहीं है। लेकिन अब पुरानी गड़बड़ियों का हिसाब-किताब शुरू हो गया है। इसी के तहत झाबुआ जिले में एक पूर्व सरपंच और सचिव पर बड़ी गाज गिरी है। पहले की गई गड़बड़ी की भारी-भरकम राशि अब इन्हें अपनी जेब से भरनी होगी।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) जिला पंचायत श्री जितेन्द्रसिंह चौहान ने कड़ा एक्शन लेते हुए राणापुर जनपद की ग्राम पंचायत खड़कुई के पूर्व सरपंच और सचिव से 32 लाख 80 हजार 30 रुपये की वसूली के सख्त आदेश जारी कर दिए हैं।

Jhabua: 11 सड़कें कागजों पर बनीं, पैसे जेब में गए
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राणापुर जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत खड़कुई में ‘पंच परमेश्वर’ और अन्य योजनाओं के तहत अलग-अलग फलियों में सीसी रोड (CC Road) निर्माण के 11 कार्य स्वीकृत किए गए थे।
जांच में सामने आया कि पूर्व सरपंच श्री कमलेश चौहान और पूर्व सचिव श्री कैलाश पंचाल के कार्यकाल में इन 11 निर्माण कार्यों के नाम पर कुल 32 लाख 80 हजार 30 रुपये की भारी-भरकम राशि सरकारी खाते से निकाल ली गई। लेकिन धरातल पर आज तक ये निर्माण कार्य अपूर्ण (अधूरे) पड़े हैं।
दिए गए थे पर्याप्त मौके, पर नहीं जमा की राशि
जब जनपद पंचायत राणापुर ने इस भ्रष्टाचार का प्रतिवेदन जिला पंचायत सीईओ के समक्ष पेश किया, तो पूरे मामले की गहन जांच की गई।
- मध्यप्रदेश पंचायतराज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 89 के तहत दोनों आरोपियों (पूर्व सरपंच और सचिव) को सुनवाई का पूरा अवसर दिया गया।
- सुनवाई में दोनों ने अपनी गलती मानते हुए अपने-अपने हिस्से की राशि (16 लाख 40 हजार 15 रुपये) जमा करने के लिए समय भी मांगा था।
- लेकिन, निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी न तो अधूरे काम पूरे किए गए और न ही गबन की गई राशि शासन को लौटाई गई।
अब गिरेगी गाज: बराबर बंटेगी रिकवरी, सचिव की वेतनवृद्धि भी रुकी
लगातार लापरवाही और सरकारी धन के दुरुपयोग के स्पष्ट प्रमाण मिलने के बाद जिला पंचायत सीईओ ने अंतिम आदेश पारित कर दिए हैं:
- वसूली: पूर्व सरपंच श्री कमलेश चौहान से 16,40,015 रुपये और पूर्व सचिव श्री कैलाश पंचाल से 16,40,015 रुपये (कुल 32.80 लाख) की वसूली की जाएगी।
- सजा: पूर्व सचिव कैलाश पंचाल (जो वर्तमान में ग्राम पंचायत माण्डलीनाथू में पदस्थ हैं) को कार्य में गंभीर लापरवाही बरतने पर ‘एक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने’ का दंड भी दिया गया है।
एक महीने का अल्टीमेटम: नहीं तो कुर्क होगी संपत्ति
प्रशासन ने दोनों जिम्मेदारों को सख्त अल्टीमेटम दिया है कि वसूली की यह राशि एक माह के भीतर मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत राणापुर के कार्यालय में जमा कराना अनिवार्य है। यदि निर्धारित समय में राशि जमा नहीं की गई, तो मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 के प्रावधानों के तहत इसे ‘भू-राजस्व बकाया’ मानकर कुर्की सहित अन्य कठोर वैधानिक कार्रवाइयां की जाएंगी।
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