आदिवासी समाज का विरोध प्रदर्शन-कलेक्टर मिलने नहीं पहुंची तो बैरिकेट्स तोड़ के लोग पहुंचे दरवाजे पर ।

आदिवासी समाज का विरोध प्रदर्शन-कलेक्टर मिलने नहीं पहुंची तो बैरिकेट्स तोड़ के लोग पहुंचे दरवाजे पर ।

e1708438874314

झाबुआ शहर के मोजीपाड़ा गांव में नई पुलिस लाईन के लिए आवंटित जमीन का आदिवासी समाज विरोध कर रहा है । समाज का कहना है कि आवंटित की गई जमीन पर उनके आराध्य बाबा देव विराजित हैं । 10 गांव के लोग पूजा करने आते हैं, ऐसे में समाज की भावनाओं को देखते हुए जमीन आवंटन को निरस्त किया जाए ।

मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण बाबा देवस्थल से रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और जमीन आवंटन निरस्त करने की मांग को लेकर कलेक्टर से मिलने की बात कही । काफी देर धूप में खड़े ग्रामीणों की अलग-अलग अधिकारियों से चलती रही । लेकिन आदिवासी समाज के लोग कलेक्टर से मिलकर ही अपनी बात रखने की मांग पर अड़े रहे । जब काफी देर तक उनकी बात नहीं सुनी गई तो लोग बैरिकेट्स तोड़कर कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर पहुंच गए, जैसे ही भीड़ ने बैरिकेट्स तोड़े मुख्य दरवाजे को भी बंद कर दिया गया । परिसर में जनसुनवाई चल रही थी, कलेक्टर जनसुनवाई में आए फरियादियों की शिकायत सुन रही थी ।

आदिवासी समाज का विरोध प्रदर्शन

मुख्य दरवाजे पर भी काफी देर इसी बात को लेकर ग्रामीणों की अधिकारियों से बहस चलती रही । एडीएम मुजाल्दा, एसडीएम एच.एस विश्वकर्मा और तहसीलदार आदिवासी समाज से आए लोगों को समझाईश देते रहे, बाद में ग्रामीणों ने एडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए 5 दिन का अल्टीमेटम प्रशासन को दिया है । ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन 5 दिन में इस पर निर्णय करें नहीं तो उसके पूरे जिले भर से लोग प्रदर्शन करने पहुंचेंगे ।

नई डीआरपी लाईन के लिए जहां प्रस्ताव वहां है आदिवासी समाज के बाबा देव ।

बाबा देव

नई डीआरपी लाईन के लिए जमीन आवंटन तीन साल पहले किया गया था , लेकिन ग्रामीणों को इसकी खबर नहीं थी । बीते दिनों जब राजस्व विभाग के लोग सीमाकंन करने पहुंचे तब जाकर ग्रामीणों इसका पता चला और तभी से ग्रामीण बाबा देव की जमीन पुलिस विभाग को दिए जाने का विरोध कर रहे हैं ।

नेता

ज्ञापन सौंपने और अपनी मांगों को रखने के लिए ग्रामीणों के साथ जिला पंचायत सदस्य विजय भाबर, तड़वी और पार्षद धूमा डामोर, जयस के विजय डामोर, आप पार्टी के कमलेश सिंगार, एनएसयूआई के विनय भाबर पहुंचे थे । आदिवासी समाज ने कलेक्टर की कार्यशैली को लेकर भी सवाल किए हैं, उन्होंने सरकार आदिवासी हितैषी होने का दावा करते है, लेकिन जिले मेंं अधिकारी आदिवासियों की समस्याओं का निराकरण करना तो दूर उनकी बात भी सुनने को तैयार नहीं है ।

वीडियो खबर देखने के लिए हमारे चैनल को सबस्क्राइब करें । और अधिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए WWW.jhabuapost.com । लोकल भी ग्लोबल भी ।

लेखक के बारे में

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

About the Author

virendra singh rathore
virendra singh rathore

virendra singh rathore

संस्थापक और संपादक है, 15 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं । नेशनल,रीजनल चैनल में रिपोर्टिंग का अनुभव । डिजिटल पत्रकार के रूप मे भी सक्रिय हैं.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports