764 समितियों में ऑटोमैटिक मिल्क कलेक्शन यूनिट होगी स्थापित,कमिश्नर ने ली दुग्ध संघ की समीक्षा बैठक

इंदौर दुग्ध संघ ऑटोमैटिक मिल्क कलेक्शन यूनिट लगाने जा रहा है । संघ की अलग-अलग जिलों में 764 समितियों में ये यूनिट स्थापित होगी । दुग्ध संघ की समीक्षा बैठक में इंदौर कमिश्नर दीपक सिंह ने भी इस काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं । शुक्रवार को कमिश्नर दीपक सिंह ने संभागायुक्त कार्यालय…

764 समितियों में ऑटोमैटिक मिल्क कलेक्शन यूनिट होगी स्थापित,


इंदौर दुग्ध संघ ऑटोमैटिक मिल्क कलेक्शन यूनिट लगाने जा रहा है । संघ की अलग-अलग जिलों में 764 समितियों में ये यूनिट स्थापित होगी । दुग्ध संघ की समीक्षा बैठक में इंदौर कमिश्नर दीपक सिंह ने भी इस काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं । शुक्रवार को कमिश्नर दीपक सिंह ने संभागायुक्त कार्यालय में इंदौर सहकारी दुग्ध संघ की समीक्षा बैठक हुई । बैठक में दुग्ध संघ की गतिविधियों को सुदृढ़ बनाने और दुग्ध उत्पादकों को प्रोत्साहन देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

ऑटोमैटिक मिल्क कलेक्शन यूनिट होगी स्थापित

संघ के अधिकारियों ने बताया कि इंदौर सहित देवास, धार, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, झाबुआ, आलीराजपुर, और बड़वानी जिलों में स्थित 764 दुग्ध समितियों में आटोमैटिक मिल्क कलेक्शन यूनिट लगाई जाएगी। इससे दुग्ध उत्पादकों और समितियों दोनों को लाभ होगा। प्रत्येक यूनिट की लागत लगभग 1.5 लाख रुपये होगी, और पूरे प्रोजेक्ट पर कुल 11.46 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। संभागायुक्त ने इस कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।

दुग्ध उत्पादकों को त्वरित भुगतान

वर्तमान में दुग्ध उत्पादकों को माह में तीन बार भुगतान किया जाता है। इसे बढ़ाकर छह बार करने का निर्णय लिया गया है, ताकि 75,000 से अधिक दुग्ध उत्पादकों को अपने पशुओं के आहार और अन्य आवश्यकताओं के लिए समय पर धनराशि मिल सके।

तकनीक और रिकॉर्ड प्रबंधन पर जोर

संभागायुक्त ने दुग्ध संघ को तकनीकी उन्नति पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। संघ को अपने दस्तावेज और रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से संरक्षित करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए तकनीकी विभागों से प्रशिक्षण लेने की योजना बनाई गई है।

दुग्ध उत्पादकों के लिए कल्याणकारी योजनाएं

  • चिकित्सा शिविर: दुग्ध उत्पादकों और उनके परिवारों के लिए समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे।
  • गुणवत्तापूर्ण पशु आहार: दुधारू पशुओं के लिए रियायती दर पर गुणवत्तापूर्ण आहार उपलब्ध कराया जाएगा।
  • प्रोडक्ट्स की मार्केटिंग: संघ के उत्पादों जैसे दूध, दही, मक्खन, घी, छाछ, मावा, और आइसक्रीम की बेहतर मार्केटिंग की जाएगी। आधुनिक डेयरी पॉर्लर भी स्थापित किए जाएंगे।

इंदौर सहकारी दुग्ध संघ का योगदान

1982 में स्थापित इंदौर सहकारी दुग्ध संघ में चार लाख लीटर दूध संग्रहण क्षमता है। यहां चार लघु डेयरी संयंत्र, 10 दुग्ध शीत केंद्र, और एक दूध पाउडर संयंत्र है, जिसकी उत्पादन क्षमता 12 मीट्रिक टन प्रतिदिन है। संघ प्रति दिन 1 लाख लीटर से अधिक दूध का संग्रहण करता है और सफेद मक्खन, घी, और आइसक्रीम जैसे उत्पाद तैयार करता है।

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संस्थापक और संपादक है, 15 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं । नेशनल,रीजनल चैनल में रिपोर्टिंग का अनुभव । डिजिटल पत्रकार के रूप मे भी सक्रिय हैं.

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