बेमौसम बरसात ने किसानों को रुलाया, नुकसानी का आकलन कर मुआवजा देने की मांग

झाबुआ जिले में  मंगलवार शाम से बुधवार सुबह तक रुक रुककर हुई बेमौसम बारिश ने किसानों को एक बार फिर रुला दिया है । जिले के अलग-अलग पर फसलों का इसका असरहुआ है । अचानक से हुई बरसात से किसानों की  मेहनत पर पानी फिर गया है । खेत मे खड़ी गेंहू की फसल जमीन…

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झाबुआ जिले में  मंगलवार शाम से बुधवार सुबह तक रुक रुककर हुई बेमौसम बारिश ने किसानों को एक बार फिर रुला दिया है । जिले के अलग-अलग पर फसलों का इसका असरहुआ है । अचानक से हुई बरसात से किसानों की  मेहनत पर पानी फिर गया है । खेत मे खड़ी गेंहू की फसल जमीन पर गिर जाने से न केवल  फसल ख़राब हुई बल्कि उनकी उम्मीद भी टुट गई।

जानकारी के अनुसार किसानो को पहले ही कपास ने निराश किया है ऐसे में किसानो को गेंहू से काफी उम्मीदें थीं। लेकिन बुधवार सुबह किसान अपने खेतों पर पहुंचे तो उनकी आंखो में आसूं आ गये ।  बैमौस बारिश ने ना केवल किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया बल्कि उनकी उम्मीदों को भी धुमिल कर दिया । 

बेमौसम बरसात ने किसानों को  रुलाया

बेमौसम बरसात से फसलें हुई प्रभावित ।

 रायपुरिया के  किसान नारायण सेप्टा के 18 बीघा में गेहूं की फसल बोई हुई है। ऐसा ही रमेश चौयल, गजेन्द्र सेप्टा , अल्पेश पाटीदार, लालसिह चौधरी, हीरा वाखला , कैलाश मेड़ा और उनके जैसे कई किसानों के खेतों के यही हाल जहां गेहूं की फसल खेतों में गिरी हुई है और उन्हें नुकसान हुआ है ।  

  ग्राम पंचायत मातापाडा के गांव  सागडिया के राजस्व हल्का   क्रमांक 43 में अधिक नुक़सान हुआ है। किसानों ने  जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार से मांग की है कि उनकी नुक़सानी का सर्वे करवा कर आर्थिक सहायता दी जाए । भारतीय किसान यूनियन के जिला महामंत्री जितेंद्र पाटीदार ने बताया कि कई स्थानों पर यह फसल काट कर फेंकने जैसी हो गई, क्योंकि जमीन पर गिरने बाद  गेहूं के दाने बालियों नहीं आते हैं किसानों ने क्षेत्र के पटवारी नुकसानी  के बारे अवगत कराया लेकिन जिम्मेदार अभी तक खेतों पर नहीं पहुंचे है।

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संस्थापक और संपादक है, 15 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं । नेशनल,रीजनल चैनल में रिपोर्टिंग का अनुभव । डिजिटल पत्रकार के रूप मे भी सक्रिय हैं.

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