Crime in Jhabua : सिविल अस्पताल में डॉक्टर, कर्मचारियों के साथ मारपीट, अब निकल गया जुलूस ।

Crime in Jhabua : पेटलावद (झाबुआ)। जिले के पेटलावद सिविल अस्पताल (Petlawad Civil Hospital) में इलाज के दौरान डॉक्टर और स्टाफ के साथ मारपीट करना असामाजिक तत्वों को भारी पड़ गया। पेटलावद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। रविवार को पुलिस ने इन आरोपियों का शहर…

पुलिस ने निकाला जुलूस जानिए पूरी कहानी

Crime in Jhabua : पेटलावद (झाबुआ)। जिले के पेटलावद सिविल अस्पताल (Petlawad Civil Hospital) में इलाज के दौरान डॉक्टर और स्टाफ के साथ मारपीट करना असामाजिक तत्वों को भारी पड़ गया। पेटलावद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। रविवार को पुलिस ने इन आरोपियों का शहर में जुलूस निकाला और फिर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

शनिवार शाम की घटना, इलाज करवाने पहुंचे और करने लगे गुंडागर्दी ।

घटना शनिवार (13 दिसंबर) शाम की है। जानकारी के मुताबिक, नल्दी (करवड़) निवासी धर्मेंद्र पिता नंदलाल भाभर बाइक एक्सीडेंट में घायल होने के बाद इलाज के लिए पेटलावद सिविल अस्पताल पहुंचा था। उसके साथ उसके 5 अन्य साथी भी थे।

ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सा अधिकारी डॉ. हिमांशु वैष्णव, ड्रेसर रंजीत बसोड और विष्णु भूरिया ने जब घायल धर्मेंद्र की ड्रेसिंग शुरू की, तो घाव में दवा लगने से उसे जलन हुई। इस पर धर्मेंद्र उत्तेजित हो गया और गाली-गलौज करने लगा। जब डॉक्टर ने उसे शांत रहने को कहा, तो उसने आव देखा न ताव, डॉ. वैष्णव का कॉलर पकड़कर उन्हें जोरदार थप्पड़ जड़ दिया।

पुलिस ने निकाला जुलूस जानिए पूरी कहानी

स्टाफ को पीटा, अस्पताल में मची अफरा-तफरी डॉक्टर के साथ हाथापाई होते देख, घायल धर्मेंद्र के साथी—अर्जुन मुनिया, अरुण दायमा, दिवान खड़िया, कमलेश मुनिया और आकाश मुनिया—भी हिंसक हो गए। उन्होंने ड्रेसर और अन्य स्टाफ के साथ मारपीट शुरू कर दी और अस्पताल में तोड़फोड़ की। इस हंगामे से अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

पुलिस का एक्शन: शहर में निकाला जुलूस घटना के बाद बीएमओ (BMO) और अस्पताल स्टाफ ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत केस दर्ज किया और सभी 6 आरोपियों को हिरासत में ले लिया।

रविवार को पेटलावद पुलिस ने आरोपियों का सार्वजनिक जुलूस (Police Parade) निकाला। पुलिस इन आरोपियों को पैदल ही थाने से कोर्ट तक ले गई। इस दौरान आरोपियों के चेहरे पर खौफ साफ नजर आ रहा था। पुलिस का उद्देश्य यह संदेश देना था कि कानून व्यवस्था को हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। कोर्ट में पेशी के बाद सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।

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virendra singh rathore
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संस्थापक और संपादक है, 15 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं । नेशनल,रीजनल चैनल में रिपोर्टिंग का अनुभव । डिजिटल पत्रकार के रूप मे भी सक्रिय हैं.

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