झाबुआ में पेट्रोल पंपों पर प्रशासन की सख्ती, डीजल टैंक में पानी मिलने पर 2 DU सील, रतलाम की घटना के बाद खाद्य मंत्री ने दिए थे जांच के आदेश

झाबुआ। प्रदेशभर में पेट्रोल पंपों की जांच का सिलसिला जारी है। मंगलवार को झाबुआ शहर में प्रशासन और खाद्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई में पेट्रोल पंपों की गहन जांच की गई। नेशनल पेट्रोलियम पर डीजल टैंक में पानी मिलने की पुष्टि के बाद प्रशासन ने दो डिलिवरी यूनिट और दो नोजल को सील कर दिया।…

screenshot 20250702 192615 gallery4443375181890079184

झाबुआ। प्रदेशभर में पेट्रोल पंपों की जांच का सिलसिला जारी है। मंगलवार को झाबुआ शहर में प्रशासन और खाद्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई में पेट्रोल पंपों की गहन जांच की गई। नेशनल पेट्रोलियम पर डीजल टैंक में पानी मिलने की पुष्टि के बाद प्रशासन ने दो डिलिवरी यूनिट और दो नोजल को सील कर दिया।

देखिये वीडियो

जांच दल में झाबुआ तहसीलदार सुनील डावर, खाद्य अधिकारी संजय पाटिल, नापतौल विभाग के अधिकारी और पटवारी शामिल थे।

screenshot 20250702 192615 gallery4443375181890079184

पंप कर्मचारियों का कहना है कि डीजल टैंक में ढाई हजार लीटर तक ईंधन रिजर्व रहता है और पानी नीचे जम जाता है, जिससे ग्राहकों तक नहीं पहुंचता। लेकिन अधिकारियों ने इसे गंभीर मानते हुए नोजल सील किए और कहा कि मामले की रिपोर्ट सेल्स में भेजी जाएगी। कंपनी से जवाब तलब होगा। उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी!

screenshot 20250702 192541 gallery3990720214227180089

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले रतलाम में एक बड़ी लापरवाही सामने आई थी, जहां डीजल में पानी की मिलावट के कारण एक सरकारी काफिले की 19 गाड़ियाँ बंद हो गई थीं। इस घटना के बाद प्रदेश के खाद्य मंत्री ने पूरे मध्यप्रदेश में पेट्रोल पंपों की जांच के आदेश दिए थे। उसी क्रम में झाबुआ में यह कार्रवाई हुई।

प्रशासन की इस सख्ती के बाद अन्य पेट्रोल पंप संचालकों में भी हड़कंप मचा हुआ है।

लेखक के बारे में

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

About the Author

virendra singh rathore
virendra singh rathore

virendra singh rathore

संस्थापक और संपादक है, 15 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं । नेशनल,रीजनल चैनल में रिपोर्टिंग का अनुभव । डिजिटल पत्रकार के रूप मे भी सक्रिय हैं.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports