Jhabua News: पुलिस के ‘सर्चिंग अभियान’ की खुली पोल, सालों से अवैध क्लिनिक चला रहा बाहरी डॉक्टर पकड़ से बाहर कैसे?

झाबुआ (Jhabua News): मध्य प्रदेश के झाबुआ शहर में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हुड़ा (Huda) क्षेत्र में संचालित एक अवैध क्लिनिक का भंडाफोड़ किया है। यहाँ एक अपंजीकृत चिकित्सक (Unregistered Practitioner) द्वारा ‘राणा क्लिनिक’ (Rana Clinic) के नाम से धड़ल्ले से दवाखाना चलाया जा रहा था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके…

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झाबुआ (Jhabua News): मध्य प्रदेश के झाबुआ शहर में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हुड़ा (Huda) क्षेत्र में संचालित एक अवैध क्लिनिक का भंडाफोड़ किया है। यहाँ एक अपंजीकृत चिकित्सक (Unregistered Practitioner) द्वारा ‘राणा क्लिनिक’ (Rana Clinic) के नाम से धड़ल्ले से दवाखाना चलाया जा रहा था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर क्लिनिक को सील कर दिया है और आरोपी के खिलाफ झाबुआ कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है।

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गाजियाबाद का निवासी, कई फर्जी डिग्रियां बरामद

जानकारी के मुताबिक, अवैध क्लिनिक संचालित करने वाला आरोपी इमरान, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद (Ghaziabad) का रहने वाला बताया जा रहा है। वह पिछले कई सालों से झाबुआ में बिना किसी वैध अनुमति के लोगों का इलाज कर रहा था।

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कार्रवाई के दौरान डॉ. देवेन्द्र भायल और प्रेमकुमार डेनियल के नेतृत्व में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम उस वक्त हैरान रह गई, जब मौके से अलग-अलग नामों की डिग्रियां और दस्तावेज मिले। जब अधिकारियों ने आरोपी इमरान से पूछताछ की, तो वह कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया और न ही वैध दस्तावेज दिखा सका। इसके बाद टीम ने तुरंत क्लिनिक को सील कर दिया।

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झाबुआ पुलिस के ‘सर्चिंग अभियान’ पर उठे गंभीर सवाल

इस कार्रवाई ने झाबुआ पुलिस (Jhabua Police) के दावों की भी पोल खोल दी है। गौरतलब है कि हाल ही में झाबुआ कोतवाली पुलिस ने शहर में बाहरी लोगों की पहचान के लिए एक सर्चिंग अभियान चलाया था। पुलिस ने अपनी पीठ थपथपाते हुए इसे बड़ी सफलता बताया था।

अब सवाल यह उठता है कि जब पुलिस घर-घर जाकर बाहरी लोगों का सत्यापन कर रही थी, तो यह फर्जी डॉक्टर पुलिस की नजरों से कैसे बच गया? हुड़ा जैसे रिहायशी इलाके में सालों से रह रहे और क्लिनिक चला रहे इस बाहरी व्यक्ति की जानकारी थाने पर क्यों नहीं थी?

किरायेदारों का सत्यापन नहीं, सुरक्षा राम भरोसे

इस घटना ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था (City Security) को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। झाबुआ में बड़ी संख्या में बाहरी लोग किराये से रह रहे हैं, लेकिन स्थानीय पुलिस के पास उनका कोई पुख्ता रिकॉर्ड नहीं है। यह लापरवाही भविष्य में किसी बड़ी घटना का कारण बन सकती है।

बांग्लादेशी कनेक्शन की भी चर्चा

सूत्रों के अनुसार, पकड़े गए आरोपी डॉक्टर के बांग्लादेशी (Bangladeshi National) होने का भी संदेह जताया जा रहा है। हालांकि, वह खुद को यूपी का बता रहा है। झाबुआ कोतवाली पुलिस अब इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और उसके दस्तावेजों की सत्यता खंगाली जा रही है।

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संस्थापक और संपादक है, 15 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं । नेशनल,रीजनल चैनल में रिपोर्टिंग का अनुभव । डिजिटल पत्रकार के रूप मे भी सक्रिय हैं.

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