झाबुआ: शहर में इन दिनों आसमान से आग बरस रही है और तापमान 44 डिग्री के पार पहुंच गया है। भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच बार बार होते पावर कट ने शहरवासियों की परेशानियां और बढ़ा दी है । दिन की चिलचिलाती धूप में तो बिजली कट रूला रहा है, लेकिन अब रातों में भी हर एक-दो घंटे में हो रही कटौती ने लोगों की नींद हराम कर दी है। बीती रात करीब पांच बार बत्ती गुल हुई और एक बार सवा घंटे से ज्यादा बंद रही। बिजली विभाग की इस लचर व्यवस्था के खिलाफ अब जनता का आक्रोश फूट पड़ा है और लोग सोशल मीडिया पर खुलकर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर छलका दर्द: लगभग हर वार्ड में हाहाकार
नागरिकों की प्रतिक्रियाओं से साफ है कि शहर के लगभग सभी 18 वार्ड बिजली विभाग की इस ‘आंख-मिचौली’ से बुरी तरह प्रभावित हैं। सोशल मीडिया पर सामने आई शिकायतों के अनुसार:
- वार्ड 2 और 3 की हालत सबसे ज्यादा खराब है, जहाँ बिजली आती ही नहीं है। सोशलमीडिया यूजर बताते हैं कि वार्ड 3 में तो रात 12 बजे गई लाइट अगले दिन शाम 4 बजे आने की बात सामने आई है।
- वार्ड 4, 17 और 18 सहित कई इलाकों में लोग पिछले 3 से 4 दिनों से लगातार परेशान हैं।
- रात 12:00 बजे से 2:00 बजे के बीच लगातार की जा रही कटौती से भीषण गर्मी में लोगों की नींद खराब हो रही है।
शिकायतें बेअसर, जल रहे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण
बिजली विभाग के टोल-फ्री नंबर भी जनता के लिए कोई राहत नहीं ला रहे हैं। वार्ड 17 लक्ष्मी नगर के एक रहवासी ने बताया कि उन्होंने 4 दिनों में 8 बार ‘1912’ नंबर पर शिकायत की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। वहीं, वार्ड 15 में वोल्टेज कम होने की भारी समस्या है, जिसकी वजह से लोगों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खराब हो रहे हैं और लिखित शिकायत के बावजूद विभाग कुछ नहीं कर रहा है।
शहर की प्रमुख कॉलोनियों का बुरा हाल
सोशल मीडिया पर आई सैकड़ों प्रतिक्रियाओं के अनुसार शहर के कई प्रमुख रहवासी क्षेत्रों में हाहाकार मचा है। इनमें एलआईसी कॉलोनी, लक्ष्मी नगर, सिद्धेश्वर कॉलोनी, मारुति नगर, भगतसिंह कॉलोनी, मोजीपाड़ा, रोहिदास मार्ग, आजाद चौक, गोपाल कॉलोनी और विवेकानंद कॉलोनी हाउसिंग बोर्ड के लोग सबसे अधिक त्रस्त हैं। कुछ लोगों ने तो तंज कसते हुए इसे दिग्विजय सरकार के समय की याद दिलाना तक बता दिया है।
मेंटेनेंस के नाम पर छलावा और करोड़ों की एलटी लाइनों की खुली पोल
हैरानी की बात यह है कि बिजली विभाग ने मानसून पूर्व मेंटेनेंस के नाम पर 4 से 5 घंटे के शटडाउन लेकर लाइनों का सुधार कार्य किया था। इसके बावजूद बार-बार ट्रिपिंग विभाग के दावों की पोल खोल रही है। हाल ही में शहर में करोड़ों रुपये की लागत से नई एलटी (LT) लाइनें बिछाई गई थीं, लेकिन अत्यधिक गर्मी के दबाव में इन नई केबलों में भी फॉल्ट आ रहे हैं। इससे नई एलटी लाइनों के काम की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
अधिकारी साधे हैं चुप्पी
सूत्रों की मानें तो शहर का विद्युत भार (लोड) अनुमान से काफी बढ़ चुका है और करीब 1 लाख यूनिट बिजली ज्यादा खर्च हो रही है। ओवरलोड कनेक्शनों को नोटिस जारी करने और नए पावर ट्रांसफार्मर लगया गया । जब इस बदहाल व्यवस्था पर बिजली विभाग के अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन पर कोई प्रतिक्रिया देना मुनासिब नहीं समझा।
चिलचिलाती गर्मी में बिजली की इस आंख-मिचौली से परेशान शहरवासियों की अब स्पष्ट मांग है कि बिजली आपूर्ति तत्काल सुचारू की जाए और करोड़ों की लागत से बिछाई गई एलटी लाइनों की उच्च स्तरीय जांच हो।















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