मध्य प्रदेश के खंडवा से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पुलिस महकमे की नींद उड़ा दी है। यह कहानी किसी फिल्मी विलेन की नहीं, बल्कि अलीराजपुर के एक ऐसे शातिर चोर की है, जिसने आम जनता को छोड़कर सिर्फ और सिर्फ पुलिसकर्मियों के घरों को उजाड़ने की ‘भीष्म प्रतिज्ञा’ ले रखी थी।

कोतवाली पुलिस ने इस ‘खाकी के दुश्मन’ को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन इसके पीछे की वजह जानकर खुद पुलिस अफसर भी हैरान हैं।
20 जनवरी की वो रात: जब पुलिस लाइन में मची खलबली
घटना की शुरुआत 20 जनवरी की रात से होती है। खंडवा की सुरक्षित मानी जाने वाली पुलिस लाइन में सेंधमारी हुई। अज्ञात चोरों ने यातायात थाने के आरक्षक करणपाल सिंह और सुरेश खाते के सरकारी आवासों को निशाना बनाया। चोरों ने न केवल ताले तोड़े, बल्कि लाखों के जेवरात और नकदी लेकर रफूचक्कर हो गए। पुलिस के अपने ही घर में हुई इस चोरी ने महकमे की साख पर सवाल खड़े कर दिए थे।
सीसीटीवी और 3 जिलों में सर्च ऑपरेशन
एडिशनल एसपी महेंद्र तारनेकर के निर्देशन में कोतवाली थाना प्रभारी प्रवीण आर्य की टीम ने जाल बिछाया। सीसीटीवी फुटेज और साइबर इनपुट से पता चला कि आरोपी का कनेक्शन अलीराजपुर, झाबुआ और धार से है। पुलिस ने इन तीनों जिलों में ताबड़तोड़ दबिश दी। आखिरकार, सूचना मिली कि आरोपी बुरहानपुर की ओर भाग रहा है।
छत से छलांग और गिरफ्तारी का हाई-वोल्टेज ड्रामा
पुलिस ने जब घेराबंदी की, तो आरोपी दीपेंद्र (निवासी सेवड़, आम्बुआ, जिला अलीराजपुर) ने खुद को फंसता देख एक मकान की छत से छलांग लगा दी। इस कोशिश में उसका एक हाथ और एक पैर टूट गया। घायल हालत में पुलिस ने उसे दबोच लिया। अस्पताल में इलाज के बाद अब वह जेल की सलाखों के पीछे है।
बदले की वो आग: आखिर क्यों सिर्फ पुलिसवाले?
पूछताछ के दौरान आरोपी दीपेंद्र ने जो खुलासा किया, वह चौंकाने वाला था। उसने बताया:
करीब 15 साल पहले अलीराजपुर में एक पुलिसकर्मी ने मेरी बेरहमी से पिटाई की थी। उसी दिन से वो पुलिस से बदला लेने की मन मे ठान चुका था। फिर उसने एक के बाद एक पुलिसवालों के घरों को निशाना बनाया ।
तरीका-ए-वारदात :
- रेकी: दीपेंद्र पुलिस लाइन में फेरीवाला या सब्जी विक्रेता बनकर घुसता था।
- पहचान: वह दिनभर घूमकर उन सरकारी क्वार्टरों की लिस्ट बनाता था, जहां ताले लटके होते थे।
- हमला: आधी रात को वह अपने साथियों रमेश और भुरलिया के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देता था।

अलग अलग जिलों में 16 बार वारदात को अंजाम
जांच में सामने आया है कि दीपेंद्र कोई साधारण चोर नहीं है। उसके खिलाफ एमपी के इंदौर, रतलाम, नीमच, धार, बड़वानी, खरगोन और खंडवा समेत कई जिलों में चोरी और नकबजनी के 16 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। ये तो वो मामले हैं जिनकी शिकायत हुई, माना जा रहा है कि ऐसी कई वारदातें हैं जो बदनामी के डर से सामने ही नहीं आई। फिलहाल दीपेन्द्र को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। खंडवा पुलिस अब उसके फरार साथियों रमेश और भुरलिया की तलाश में जुटी है।





