बामनिया का चर्चित नर्मदाबाई हत्याकांड: प्रेम विवाह की रंजिश में फंसा था बेटा-बहू, कोर्ट ने तीनों आरोपियों को किया बरी

पेटलावद (झाबुआ)। पेटलावद की माननीय अपर सत्र न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए बामनिया के बहुचर्चित नर्मदाबाई हत्याकांड के तीनों आरोपियों को दोषमुक्त करार..

img 20260206 wa00164801174131904251479

पेटलावद (झाबुआ)। पेटलावद की माननीय अपर सत्र न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए बामनिया के बहुचर्चित नर्मदाबाई हत्याकांड के तीनों आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया है। करीब 5 साल तक चले इस मामले में मृतक महिला के सगे बेटे, बहू और एक अन्य साथी पर हत्या और साजिश रचने का गंभीर आरोप था। न्यायालय ने सबूतों के अभाव और बचाव पक्ष के तर्कों से सहमत होकर यह फैसला सुनाया।

क्या है पूरा मामला? (Case Background)

घटना 8 जून 2021 की है। अभियोजन के अनुसार, सुबह करीब 8:30 बजे बामनिया निवासी नर्मदाबाई की उनके ही घर में घुसकर अज्ञात हमलावर ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से पूरा बामनिया कस्बा सहम गया था।

img 20260206 wa00164801174131904251479

पुलिस की थ्योरी और प्रेम विवाह का एंगल

हत्या के बाद मृतिका के पति और छोटे बेटे राहुल ने हत्या का शक अपने ही बड़े भाई रवि कहार और उसकी पत्नी राखी पर जताया था। पुलिस जांच में यह बात सामने आई थी कि रवि ने रिश्ते में अपनी मौसी लगने वाली राखी से प्रेम विवाह (Love Marriage) किया था। इस रिश्ते से मां नर्मदाबाई खुश नहीं थीं और उन्होंने रवि-राखी को घर से निकाल दिया था।

​पुलिस ने अपनी चार्जशीट में दावा किया था कि इसी रंजिश के चलते रवि और राखी ने अमझेरा निवासी हेमराज केवट के साथ मिलकर हत्या की साजिश (120B) रची। पुलिस का आरोप था कि हेमराज ने ही घर में घुसकर पिस्टल से गोली मारी थी। पुलिस ने तीनों के खिलाफ धारा 302, 120बी और आर्म्स एक्ट की धारा 25, 27 के तहत प्रकरण (क्रमांक 24/2021) दर्ज किया था।

बचाव पक्ष की दलीलें और फैसला

माननीय अपर सत्र न्यायालय पेटलावद में यह विचारण करीब 5 साल तक चला। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अभिभाषक (Advocate) नरेंद्र सिंह सोलंकी ने पैरवी की।

​एडवोकेट सोलंकी ने न्यायालय के समक्ष तर्क रखा कि पुलिस की कहानी में विरोधाभास है और आरोपियों को झूठा फंसाया गया है। गवाहों के बयानों और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष यह साबित करने में नाकाम रहा कि हत्या इन तीनों ने ही की है।

​अंततः दिनांक 5 फरवरी 2026 को न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए आरोपी रवि कहार, राखी कहार (निवासी बामनिया) और हेमराज केवट (निवासी अमझेरा) को हत्या के आरोपों से दोषमुक्त (Acquitted) कर दिया।

ये रहे केस के मुख्य बिंदु:

  • घटना दिनांक: 08/06/2021
  • फैसले की दिनांक: 05/02/2026
  • कोर्ट: अपर सत्र न्यायालय, पेटलावद
  • आरोपी: रवि कहार, राखी कहार और हेमराज केवट (सभी बरी)
  • बचाव पक्ष के वकील: एडवोकेट नरेंद्र सिंह सोलंकी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News

View All

About the Author

Easy WordPress Websites Builder: Versatile Demos for Blogs, News, eCommerce and More – One-Click Import, No Coding! 1000+ Ready-made Templates for Stunning Newspaper, Magazine, Blog, and Publishing Websites.

BlockSpare — News, Magazine and Blog Addons for (Gutenberg) Block Editor

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports

You May Have Missed